राम मंदिर दान विवाद: अब अविमुक्तेश्वरानंद का आरोप, PMO तक पहुंचा मामला
समझें क्या है पूरा मामला...
- राम मंदिर के दानपात्र से करोड़ों गायब, सियासत गरमाई।
- अखिलेश के आरोप, ट्रस्ट का इनकार, PMO सतर्क।
- दान विवाद में नृपेंद्र मिश्र की बंद कमरे में बैठक।
- राम मंदिर चढ़ावा विवाद में BJP नेता ने लिखा PM को पत्र।
- महंत बोले- जांचकर्ताओं की निष्पक्षता पर भी उठ रहे सवाल।
अयोध्या के राम मंदिर में दानपात्रों से करोड़ों रुपये गायब होने का आरोप लगा है। सपा (समाजवादी पार्टी) प्रमुख अखिलेश यादव ने 7 जून 2026 को यह बात सोशल मीडिया पर उठाई।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सभी आरोपों को गलत बताया। मामला प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंचा और बीजेपी नेता ने PM को शिकायती पत्र भेजा। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा कि ऑडिट जारी है और अब तक कोई गड़बड़ी नहीं मिली।
अयोध्या के राम मंदिर का नाम आते ही करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था जुड़ जाती है। अब यही मंदिर एक बड़े राजनीतिक विवाद के केंद्र में है। दानपात्रों में हेराफेरी के आरोपों ने पूरे देश में हलचल मचा दी।
शंकराचार्य का आरोप
एटा में गुरुवार को शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि राम मंदिर के शिला पूजन के समय से ही चोरी की घटनाएं सामने आ रही हैं।
अविमुक्तेश्वरानंद ने बताया कि मंदिर के निर्माण के दौरान आसपास के प्लॉट बिकने लगे। कुछ ही मिनटों में करोड़ों रुपये के प्लॉट बिक जाते थे। स्वामी ने चंपत राय का नाम लेते हुए कहा कि वह पहले से ही वहां मौजूद थे और 'चंपत' का अर्थ ही होता है लेकर भाग जाना।
अखिलेश ने दागे सवाल
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि राम मंदिर के चढ़ावे की करोड़ों रुपये की राशि गायब पाई गई है। यह पोस्ट 7 जून 2026 को दोपहर करीब 4 बजे आई। उन्होंने कोर्ट से स्वतः संज्ञान लेने की मांग भी की। उन्होंने सरकार की चुप्पी को संदिग्ध बताया।
आम आदमी पार्टी नेता संजय सिंह ने भी दान-पात्रों की गिनती और चढ़ावे में बड़ी धांधली के गंभीर आरोप लगाए। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश की पूर्व सपा सरकार में मंत्री रहे पवन पांडे ने दान की रकम में 7.5 करोड़ रुपये तक गायब होने की आशंका जताई।
ट्रस्ट ने किया इनकार
आरोप लगते ही ट्रस्ट हरकत में आया। ट्रस्ट सदस्य महंत दिनेंद्र दास ने आरोपों को गलत और राजनीति से प्रेरित बताया। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र का समय-समय पर आंतरिक ऑडिट होता है। इसमें ट्रस्ट और भारतीय स्टेट बैंक के प्रतिनिधि शामिल रहते हैं। अभी तक कोई उल्लेखनीय गड़बड़ी सामने नहीं आई है।
PMO और BJP में भी खलबली
दान राशि में कथित हेराफेरी का मामला अब सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंच गया है। बीजेपी नेता डॉ. रजनीश सिंह की ओर से प्रधानमंत्री को शिकायती पत्र भेजा गया। पत्र भेजे जाने के बाद पूरे प्रकरण ने नया मोड़ ले लिया।
राम मंदिर निर्माण समिति (Ram Mandir Nirman Samiti) के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र को 13 जून को अयोध्या आना था, लेकिन विवाद के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए उन्होंने तुरंत अयोध्या पहुंचने का निर्णय लिया।
मिश्र ने ट्रस्ट के पदाधिकारियों के साथ गहन समीक्षा बैठक की। इस बंद कमरे की बैठक में मुख्य रूप से चढ़ावे की राशि, उसके उपयोग और पूरे लेखा-जोखे को लेकर चर्चा हुई।
महंत ने जांच की उठाई मांग
विवाद के बीच एक और महंत मैदान में उतरे। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में दान व्यवस्था को लेकर उठे विवाद पर महंत कमल नयन दास ने कहा कि यदि कहीं कोई गड़बड़ी हुई है तो उसकी निष्पक्ष और पारदर्शी जांच अवश्य होनी चाहिए।
नयन दास ने यह भी कहा कि वर्तमान में जांच करने वालों की निष्पक्षता पर भी सवाल उठ रहे हैं, जिससे लोगों के मन में संदेह पैदा हो रहा है। महंत ने कहा कि आज स्थिति ऐसी है कि सब एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अंत में भगवान सब देख रहे हैं और न्याय भी वही करेंगे।
कुछ रिपोर्टों में गिरफ्तारी की बात भी
कुछ मीडिया रिपोर्टों में यह दावा भी किया गया कि दान-पात्र से पैसे चोरी करने के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया और कुछ नकदी बरामद की गई। हालांकि ट्रस्ट ने इसकी पुष्टि नहीं की।
अखिलेश ने बयान अस्पष्य बताया
चंपत राय की ओर से आरोप खारिज किए जाने के बावजूद अखिलेश यादव ने उनके बयान को अस्पष्ट बताया। समाजवादी पार्टी की मीडिया सेल ने भी तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि चढ़ावे में किसी तरह की गड़बड़ी हुई है तो ट्रस्ट को सार्वजनिक जवाब देना चाहिए।
अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच की दिशा क्या होगी। क्या ऑडिट से कुछ निकलेगा? या यह मामला सियासी जुबानी जंग बनकर रह जाएगा? जवाब आने वाले दिनों में मिलेगा।
ये खबरें भी पढ़ें...
अयोध्या राम मंदिर से करोड़ों की चोरी का दावा, अखिलेश बोले- जांच हो, ट्रस्ट का इनकार
SC की तल्ख टिप्पणी: पत्नी नौकरानी नहीं, महिलाएं देश की नेशन बिल्डर हैं
सरकारी कंपनी REC का PFC में विलय, राष्ट्रपति की मंजूरी मिली
क्या 30 जून से बंद होंगे कागजी नोट? सरकार ने बताया सच्चाई