राम मंदिर चढ़ावा चोरी: बैठक में चंपत राय-अनिल मिश्रा का इस्तीफा मंजूर
समझें क्या है पूरा मामला...
- चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा हुआ मंजूर।
- राम मंदिर ट्रस्ट में चंदा चोरी मामले पर बड़ा फैसला।
- कृष्ण मोहन बने ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव।
- गोविंद देव गिरी बोले, यह हम सबके लिए शर्म की बात।
- 22 जुलाई को होगी राम मंदिर ट्रस्ट की अगली बैठक।
अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट की अहम बैठक हुई। इसमें चंदा चोरी मामले पर बड़ा फैसला लिया गया। चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा मंजूर कर लिया गया। कृष्ण मोहन को अंतरिम महासचिव बनाया गया है। ट्रस्ट की अगली बैठक 22 जुलाई को होगी।
बैठक में हुए बड़े फैसले
अयोध्या में सोमवार को राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक हुई। बैठक के बाद ट्रस्ट ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की। इसमें कई अहम फैसलों की जानकारी दी गई।
राम मंदिर चढ़ावा चोरीके मामले में चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा मंजूर कर लिया गया। बताया गया कि दोनों बैठक के दौरान मौजूद नहीं थे। कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी सहित ट्रस्ट के अन्य सदस्य बैठक में शामिल हुए।
गोविंद देव गिरी ने क्या कहा
प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने बयान दिया। उन्होंने कहा कि 500 साल के लंबे संघर्ष के बाद राम मंदिर बना है। इसके लिए कई लोगों ने अपने प्राण तक न्योछावर किए।
उन्होंने चंदा चोरी की घटना को बेहद दुखद बताया। गिरी ने कहा कि यह सबके लिए शर्म की बात है। उन्होंने बताया कि चंपत राय और अनिल मिश्रा ने खुद इस्तीफा दिया था।
गिरी के मुताबिक ट्रस्ट के नियमों के अनुसार इस्तीफा देने के बाद उसे स्वीकृत ही माना जाता है। इसलिए ट्रस्ट ने भी इसे स्वीकार कर लिया। उन्होंने यह भी कहा कि ट्रस्ट के संविधान में इस्तीफा अस्वीकार करने का कोई प्रावधान नहीं है।
कृष्ण मोहन को मिली नई जिम्मेदारी
चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे के बाद ट्रस्ट ने नई व्यवस्था बनाई है। एसआईटी (SIT – Special Investigation Team) की रिपोर्ट आने तक कृष्ण मोहन अंतरिम महासचिव का कामकाज संभालेंगे।
एक अलग समिति नई व्यवस्था और नए सदस्यों के चुनाव की प्रक्रिया देखेगी। गिरी ने कहा कि चंपत राय के अब तक के कार्यों का ट्रस्ट पूरा सम्मान करता है। उन्होंने कहा कि आने वाली व्यवस्थाओं के लिए ट्रस्ट पूरी तरह तैयार है।
अफवाहों से बचने की अपील
गिरी ने मीडिया में चल रही खबरों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि राम मंदिर चोरी से जुड़ी बातों की सच्चाई जांचनी चाहिए। समाज को झूठ फैलाने से बचना चाहिए, ऐसी अपील उन्होंने की।
उन्होंने रामायण की प्रति और कागभुसुंडि जैसी अहम वस्तुओं का भी जिक्र किया। गिरी ने साफ किया कि ये सभी वस्तुएं पूरी तरह सुरक्षित हैं। किसी भी वस्तु की चोरी नहीं हुई है, यह उन्होंने भरोसे के साथ कहा।
अगली बैठक की तारीख तय
ट्रस्ट ने अपनी अगली बैठक की तारीख भी घोषित कर दी है। यह बैठक 22 जुलाई को होगी। इस बैठक में नई व्यवस्थाओं और आगे की प्रक्रिया पर चर्चा हो सकती है।
फिलहाल एसआईटी की जांच जारी है। इसकी रिपोर्ट आने के बाद ही स्थायी नियुक्तियों पर फैसला होगा। तब तक कृष्ण मोहन ही ट्रस्ट का कामकाज संभालेंगे।
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