स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रपति भवन में दिखेगा MP का जादू, भील और गोंड कला बढ़ाएगी शान
Rashtrapati Bhavan At Home 2026: 15 अगस्त, स्वतंत्रता दिवस का मौका पूरे देश के लिए बहुत गर्व का दिन होता है। इस विशेष अवसर पर दिल्ली के राष्ट्रपति भवन में एक खास आयोजन किया जाता है। इसे पारंपरिक रूप से एट होम रिसेप्शन कहा जाता है। इस साल राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मेजबानी में होने वाला ये कार्यक्रम बहुत खास होने वाला है।
इस बार के रिसेप्शन में भारत की समृद्ध जनजातीय संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। खासकर मध्य प्रदेश की मालवा और निमाड़ परंपराएं इस कार्यक्रम की शान बढ़ाएंगी। इसमें एमपी की प्रसिद्ध भील और गोंड कलाकृतियां लोगों का मन मोह लेंगी।
इसके साथ ही मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गोवा और महाराष्ट्र के कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। इस कार्यक्रम में देश-विदेश के कई बड़े वीआईपी मेहमान शामिल होंगे। आइए जानें इस बार राष्ट्रपति भवन में कौन-कौन सी खास चीजें सजने वाली हैं।
राष्ट्रपति भवन में दिखेगा ट्राइबल आर्ट
राष्ट्रपति भवन में 15 अगस्त को एट होम रिसेप्शन आयोजित किया जाएगा। इस बार का मेन फोकस देश की सांस्कृतिक विविधता पर होगा। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कई केंद्रीय मंत्री शामिल होंगे। इसके अलावा विदेशी राजनयिक भी इस खास मौके पर मौजूद रहेंगे।
कार्यक्रम की मेजों पर मध्य प्रदेश की सुंदर कलाएं सजाई जाएंगी। इनमें मालवा और निमाड़ की प्राचीन परंपराएं शामिल हैं। भील और गोंड समुदाय की पेंटिंग्स मेहमानों का ध्यान आकर्षित करेंगी। बाघ प्रिंट के कपड़े भी शाही मेजों की शोभा बढ़ाएंगे।
चार राज्यों की कला का होगा संगम
इस बार चार राज्यों की कला को राष्ट्रीय मंच मिल रहा है। इनमें छत्तीसगढ़, गोवा, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र राज्य शामिल हैं। समारोह में भील समुदाय के घर की झलक दिखाई जाएगी। गोंड समुदाय का पारंपरिक आंगन भी यहां बनाया जाएगा।
आदिवासी शादी की सजावट भी मेहमानों को देखने को मिलेगी। छत्तीसगढ़ का प्रसिद्ध मेटल आर्ट भी वहां प्रदर्शित होगा। महाराष्ट्र और गोवा की ज्यामितीय कलाकृतियां भी वहां मौजूद होंगी। यह सब भारतीय शिल्प की समृद्ध कहानी बयां करेगा।
लोक नृत्य और संगीत बढ़ाएंगे रौनक
चार राज्यों से लगभग 35 कलाकार राष्ट्रपति भवन पहुंच रहे हैं। ये कलाकार विभिन्न प्रकार के लोक नृत्य प्रस्तुत करेंगे। महाराष्ट्र का प्रसिद्ध लावणी और सोंगी मुखौटा नृत्य देखने को मिलेगा। छत्तीसगढ़ का गेंडी और गौर माड़िया नृत्य पेश होगा।
मध्य प्रदेश का प्रसिद्ध भगोरिया नृत्य और बैगा करमा नृत्य दिखाया जाएगा। गोवा का समई और घोड़े मोदनी नृत्य भी होगा। इन प्रस्तुतियों का संगीत प्राकृतिक जीवन से जुड़ा हुआ होगा। सभी कलाकार मिलकर एक शानदार सामूहिक प्रस्तुति भी देंगे।
खास व्यंजन और टेबल सजावट की तैयारी
इस रिसेप्शन की सजावट और भोजन भी बहुत खास होंगे। टेबल रनर्स में बाघ प्रिंट और कुनबी कपड़ों का इस्तेमाल होगा। मेहमानों को क्षेत्रीय और पारंपरिक व्यंजन परोसे जाने की तैयारी है। मेन्यू में मध्य प्रदेश का प्रसिद्ध इंदौरी पोहा शामिल होगा।
इसके साथ पाटोलेओ, मिनी फर्रा और बफौरी जैसे व्यंजन होंगे। खमांग काकड़ी, डोडोल और कोदो मिलेट खीर भी मिलेगी। मेहमान इन स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद ले सकेंगे।
आपको बता दें कि, इस कार्यक्रम का निमंत्रण पत्र अपने आप में एक कलाकृति है। ये पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक भागीदारी का प्रतीक है। इसे राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान (NID) अहमदाबाद ने तैयार किया है। इसमें चारों राज्यों के नेचुरल सीनरी को दिखाया गया है। इसमें पहाड़ों, नदियों और जंगलों से जुड़ी कला शामिल है। ये कार्ड एनवायर्नमेंटल अवेयरनेस का मैसेज देता है।
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