रिलायंस निवेशकों के लिए बड़ी खबर: सालाना बैठक में उत्तराधिकार पर स्थिति साफ
समझें पूरा मामला...
- मुकेश अंबानी ने रिलायंस इंडस्ट्रीज की सालाना आम बैठक में उत्तराधिकार पर बड़ा बयान दिया।
- मुकेश अंबानी ने कहा कि रोजमर्रा के मैनेजमेंट का ट्रांसफर लगभग पूरा हो चुका है।
- तीनों बच्चे यानी आकाश, ईशा और अनंत अब अलग-अलग कारोबार संभाल रहे हैं।
- अंबानी ने शेयरधारकों को भरोसा दिलाया कि रिलायंस कभी नहीं बंटेगा।
- उनका मौजूदा कार्यकाल अप्रैल 2029 में समाप्त होगा।
AGM में अंबानी ने क्या कहा
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL – Reliance Industries Limited) की 49वीं सालाना आम बैठक में मुकेश अंबानी ने शेयरधारकों को संबोधित किया। उन्होंने साफ कहा कि कंपनी में रोजाना के प्रबंधन का हस्तांतरण अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है।
अंबानी ने यह भी बताया कि उनके तीनों बच्चे पिछले तीन-तीन साल से RIL के बोर्ड में काम कर रहे हैं। अब वे अपने-अपने कारोबारी क्षेत्रों की पूरी जिम्मेदारी उठा रहे हैं।
तीनों को मिली अलग-अलग जिम्मेदारी
अंबानी ने बताया कि उनके बड़े बेटे आकाश अंबानी टेक कारोबार यानी जियो को संभालते हैं। बेटी ईशा अंबानी रिटेल कारोबार की अगुआई कर रही हैं। छोटे बेटे अनंत अंबानी एनर्जी पोर्टफोलियो की जिम्मेदारी उठा रहे हैं।
तीनों भाई-बहन अब RIL की सालाना बैठकों में पहले से ज्यादा सक्रिय भूमिका में दिखते हैं। वे अपने-अपने विभागों की योजनाएं और अपडेट सीधे शेयरधारकों के सामने रखते हैं।
रिलायंस नहीं बंटेगा कभी
अंबानी ने एक अहम बात कही जो निवेशकों के लिए बड़ी राहत है। उन्होंने कहा कि तीनों बच्चे तीन शरीर हैं, लेकिन एक आत्मा हैं। उनकी जान रिलायंस है और यह कंपनी कभी नहीं बंटेगी।
यह बयान इसलिए जरूरी था क्योंकि कई निवेशकों को डर था कि अगली पीढ़ी में रिलायंस का कारोबार अलग-अलग हिस्सों में बंट सकता है। जैसा कि धीरूभाई अंबानी के निधन के बाद मुकेश और उनके छोटे भाई अनिल अंबानी के बीच हुआ था।
500 युवा नेताओं की फौज तैयार
अंबानी ने यह भी बताया कि रिलायंस ने अपने अलग-अलग कारोबारों में 30 से 40 साल की उम्र के करीब 500 युवा नेताओं को तैयार किया है। ये सभी क्षेत्र विशेषज्ञ हैं और तकनीक के प्रति केंद्रित हैं।
उनका कहना है कि ये युवा नेता पहली पीढ़ी का जुनून अपने साथ लेकर आते हैं। इससे कंपनी की विकास गति और तेज होगी।
अंबानी अब भी सक्रिय हैं
मुकेश अंबानी ने स्पष्ट किया कि वे अभी भी पूरी तरह सक्रिय हैं। कई बड़े फैसलों में उनकी भूमिका बनी हुई है। उनका मौजूदा कार्यकाल अप्रैल 2029 में खत्म होगा।
अंबानी ने सबसे पहले दिसंबर 2021 में एक आंतरिक कार्यक्रम में उत्तराधिकार योजना पर सार्वजनिक रूप से बात की थी। अब पांच साल बाद उन्होंने बताया कि यह योजना अंतिम चरण में पहुंच गई है।
शेयरधारकों को दिया भरोसा
अंबानी ने AGM (AGM – Annual General Meeting) में शेयरधारकों से सीधे कहा कि उनकी कंपनी का भविष्य न सिर्फ सुरक्षित है बल्कि ऐसे हाथों में है जो रिलायंस को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।
रिलायंस की AGM में दिए गए भाषण निवेशकों के लिए हमेशा खास होते हैं। यह उन चुनिंदा मौकों में से एक है जब अंबानी सीधे कैमरे के सामने शेयरधारकों से मुखातिब होते हैं।
धीरूभाई की विरासत आगे बढ़ेगी
मुकेश अंबानी 1977 में, जिस साल कंपनी शेयर बाजार में सूचीबद्ध हुई, केवल 20 साल की उम्र में RIL के बोर्ड में शामिल हुए थे। 2002 में अपने पिता और रिलायंस के संस्थापक धीरूभाई अंबानी के निधन के बाद वे अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक बने।
अब जब वे खुद उत्तराधिकार की बागडोर अगली पीढ़ी को सौंप रहे हैं, तो यह स्पष्ट है कि उन्होंने वह गलती नहीं दोहराई जो उनके पिता ने की थी। वसीयत न होने से मुकेश और अनिल के बीच जो विवाद हुआ, वह इतिहास का हिस्सा बन चुका है।
FAQ
- रिलायंस इंडस्ट्रीज का उत्तराधिकारी कौन होगा?
मुकेश अंबानी के तीनों बच्चे मिलकर रिलायंस संभालेंगे। आकाश टेक, ईशा रिटेल और अनंत एनर्जी की जिम्मेदारी उठा रहे हैं। अंबानी ने कहा है कि कंपनी कभी नहीं बंटेगी। - मुकेश अंबानी का कार्यकाल कब खत्म होगा?
मुकेश अंबानी का मौजूदा कार्यकाल अप्रैल 2029 में समाप्त होगा। उन्होंने AGM में कहा कि वे अभी भी सक्रिय हैं और बड़े फैसलों में भूमिका निभाते रहेंगे। रोजमर्रा का प्रबंधन अब लगभग पूरी तरह अगली पीढ़ी के हाथ में है। - क्या रिलायंस में धीरूभाई जैसा बंटवारा होगा?
मुकेश अंबानी ने AGM में साफ कर दिया है कि ऐसा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि तीनों बच्चे एकजुट हैं और रिलायंस का एकीकृत ढांचा बना रहेगा। पिछली पीढ़ी में वसीयत न होने के कारण विवाद हुआ था जो अब इतिहास है।
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