भारतीयों की सोच में बदलाव: क्यों लेना चाहते हैं 50 की उम्र में रिटायरमेंट, जानें क्या है इनकी फ्यूचर प्लानिंग

Aarohi Raj | Sept 19, 2026, 19:01 IST
RETIREMEN​T TREND CHANGE
एक्सिस मैक्स लाइफ इंश्योरेंस की भारत रिटायरमेंट इंडेक्स स्टडी के मुताबिक, करीब 10 में से 7 शहरी भारतीय 58 से 60 साल की पारंपरिक रिटायरमेंट उम्र से पहले रिटायर होना चाहते हैं। बड़ी संख्या में लोग कम उम्र में नौकरी छोड़कर फाइनेंशियल इंडिपेंडेंसी और बेहतर जिंदगी जीने की प्लानिंग कर रहे हैं।

आज के समय में नौकरी और रिटायरमेंट को लेकर भारतीयों की सोच तेजी से बदल रही है। पहले लोग 60 साल या उससे ज्यादा उम्र तक काम करना सामान्य मानते थे।अब बड़ी संख्या में लोग कम उम्र में नौकरी छोड़कर फाइनेंशियल इंडिपेंडेंसी और बेहतर जिंदगी जीने की प्लानिंग कर रहे हैं।



एक्सिस मैक्स लाइफ इंश्योरेंस की भारत रिटायरमेंट इंडेक्स स्टडी (IRIS 6.0) के मुताबिक, करीब 10 में से 7 शहरी भारतीय 58 से 60 साल की पारंपरिक रिटायरमेंट उम्र से पहले रिटायर होना चाहते हैं। हालांकि, इसके लिए उनकी आर्थिक जरूरतें पूरी होना जरूरी है।



सर्वे के अनुसार, शहरी जीवन में बढ़ते काम के दबाव, बदलती लाइफस्टाइल और निजी जिंदगी के लिए समय की कमी के कारण लोग जल्दी रिटायरमेंट के बारे में सोच रहे हैं।



रिटायरमेंट को लेकर क्यों बदल रही सोच?

कई लोग चाहते हैं कि आर्थिक रूप से मजबूत होने के बाद वे नौकरी की मजबूरी से बाहर निकलकर अपनी पसंद की जिंदगी जी सकें।



कैसे किया गया रिटायरमेंट सर्वे?

सर्वे जुलाई-अगस्त 2026 में किया गया। देश के 40 शहरों के 3,489 परिवारों को शामिल किया गया। इसमें 22 से 65 साल के शहरी लोगों की राय ली गई। इस सर्वे का मकसद यह समझना था कि लोग रिटायरमेंट को लेकर क्या सोचते हैं, कितनी आर्थिक तैयारी कर रहे हैं और भविष्य को लेकर उनकी क्या चिंताएं हैं।



किस उम्र में रिटायरमेंट चाहते हैं लोग

सर्वे के अनुसार, कई लोग 50 साल की उम्र के आसपास नौकरी छोड़ने की योजना बना रहे हैं। करीब 50% लोग 50 साल की उम्र से पहले फाइनेंशियल इंडिपेंडेंसी और अर्ली रिटायरमेंट हासिल करना चाहते हैं। लोगों का मानना है कि फाइनेंशियल इंडिपेंडेंसी जल्दी मिलने से वे भविष्य में नौकरी पर कम निर्भर रहेंगे।



45 साल के बाद बढ़ जाती है आर्थिक चिंता

जल्दी रिटायरमेंट की इच्छा रखने के बावजूद उम्र बढ़ने के साथ आर्थिक चिंताएं भी बढ़ रही हैं।



सर्वे के अनुसार-



82% Gen X लोगों ने कहा कि वे नियमित आय की जरूरत के कारण शायद काम पूरी तरह नहीं छोड़ पाएंगे। 91% लोगों ने माना कि उन्होंने रिटायरमेंट निवेश शुरू करने में देरी की। यानी कई लोग रिटायरमेंट चाहते हैं, लेकिन पर्याप्त आर्थिक तैयारी नहीं होने के कारण काम जारी रखने को मजबूर हैं।



रिटायरमेंट फंड को लेकर चिंता

सर्वे में सामने आया कि लोगों की बचत उनके लक्ष्य से पीछे है। शहरी भारतीयों ने औसतन अपने लक्ष्य रिटायरमेंट फंड का सिर्फ 28% हिस्सा ही तैयार किया है। 39% लोगों को चिंता है कि नौकरी छोड़ने के बाद उनकी बचत 5 साल तक भी नहीं चल पाएगी। महंगाई, स्वास्थ्य खर्च और बढ़ती जीवन लागत लोगों की बड़ी चिंताएं हैं।



सर्वे के अनुसार- 50% लोग पहली सैलरी से रिटायरमेंट प्लानिंग शुरू करना चाहते हैं। युवा औसतन 29 साल की उम्र में रिटायरमेंट के लिए निवेश शुरू कर रहे हैं। युवाओं का मानना है कि कम उम्र में निवेश शुरू करने से लंबे समय में बड़ा फंड तैयार किया जा सकता है।




किस उम्र के लोग कितना निवेश कर रहे हैं?

  • 22 से 29 साल (Gen Z): 62% लोग रिटायरमेंट के लिए निवेश कर रहे हैं।
  • 30 से 44 साल (Millennials): 70% लोग रिटायरमेंट की तैयारी कर रहे हैं।
  • 45 साल से ज्यादा (Gen X): 75% लोग भविष्य के लिए निवेश कर रहे हैं।

    यह आंकड़े बताता है कि हर उम्र वर्ग में लोग आर्थिक सुरक्षा को लेकर गंभीर हो रहे हैं।



    क्या 1 करोड़ रुपए की बचत पर्याप्त है?

    रिटायरमेंट फंड को लेकर लोगों की सोच भी बदल रही है। सर्वे के अनुसार, साल 2026 में 70% लोग मानते हैं कि 1 करोड़ रुपए या उससे कम की बचत पर्याप्त हो सकती है। सर्वे के अनुसार, 2025 में यह आंकड़ा 77% था। हालांकि, अब ज्यादा लोग मानने लगे हैं कि स्ट्रेसलेस लाइप जीने के लिए पहले से ज्यादा फंड की जरूरत होगी।



    रिटायरमेंट तैयारी में भारत का स्कोर

    IRIS स्कोर के अनुसार, 2026 में भारत का रिटायरमेंट तैयारी स्कोर 49% रहा। वहीं, 2025 में यह स्कोर 48% और 2022 में 44% था।



    1. भारतीयों की नौकरी और रिटायरमेंट के प्रति सोच में क्या बदलाव आया है?
      आजकल युवाओं की एक बड़ी संख्या नौकरियों को जल्दी छोड़कर आर्थिक स्वतंत्रता और बेहतर जीवन जीने की योजना बना रही है, जिसके चलते वे 60 साल की पारंपरिक रिटायरमेंट उम्र से पहले रिटायर होना चाहते हैं।
    2. रिटायरमेंट के लिए भारतीयों में कितनी आर्थिक तैयारी है?
      सर्वे में पाया गया कि भारतीय शहरी आबादी ने अपने लक्षित रिटायरमेंट फंड का केवल 28% हिस्सा तैयार किया है, और 50% लोग अपनी पहली सैलरी से रिटायरमेंट प्लानिंग शुरू करना चाहते हैं।
    3. क्या 1 करोड़ रुपए की बचत रिटायरमेंट के लिए पर्याप्त है?
      हाल ही के सर्वे के अनुसार, 2026 में 70% लोग मानते हैं कि 1 करोड़ रुपए या उससे कम की बचत रिटायरमेंट के लिए पर्याप्त होगी, जबकि अधिकतर का मानना है कि आरामदायक जीवन जीने के लिए इससे अधिक फंड की आवश्यकता होगी।
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