RSS ने बदला 100 साल पुराना तरीका! अब हर साल नहीं, 3 साल में एक बार होगी अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक

Amresh Kushwaha | Oct 23, 2026, 19:52 IST
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने बदला बैठकों का तरीका।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी RSS अपने कामकाज के तरीके में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। संघ की सबसे बड़ी बैठक अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा (ABPS) अब हर साल नहीं होगी। यह बैठक अब तीन साल में एक बार बुलाई जाएगी। संघ का मानना है कि इससे निचले स्तर पर काम करने वाले पदाधिकारियों को ज्यादा अधिकार मिलेंगे। साथ ही वे अपने स्तर पर ज्यादा फैसले ले सकेंगे।

आरएसएस की बैठक व्यवस्था में बदलाव

आरएसएस ने तय किया है कि अब केंद्रीय स्तर की बैठक तीन साल में एक बार होगी। इसके साथ ही क्षेत्रीय स्तर पर कामकाज को मजबूत किया जाएगा। संघ के देशभर में नौ क्षेत्र हैं। इन सभी क्षेत्रों में हर साल प्रतिनिधि सभा की बैठक होगी। इससे स्थानीय समस्याओं पर वहीं चर्चा हो सकेगी। साथ ही कामकाज की समीक्षा भी क्षेत्रीय स्तर पर होगी।



आपको बता दें कि पहले हर साल मार्च में अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक होती थी। इसमें देशभर से संघ के प्रतिनिधि शामिल होते थे। बैठक में पिछले साल के कामकाज का हिसाब लिया जाता था। इसके अलावा आगे की रणनीति भी तय होती थी।



नागपुर बैठक में होंगे बड़े फैसले

नई व्यवस्था लागू होने के बाद नागपुर में अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक हर तीन साल में होगी। अब इस बैठक में संगठन से जुड़े बड़े मुद्दों पर ही चर्चा की जाएगी। संघ की नीतियों से जुड़े अहम फैसले भी इसी बैठक में लिए जाएंगे। इसके अलावा संघ के नए सरकार्यवाह का चुनाव भी इसी दौरान होगा। यानी अब इस बैठक का मुख्य फोकस बड़े फैसलों और संगठन की आगे की रणनीति पर रहेगा।



प्रांत प्रचारक बैठक के रूप में भी बदलाव

संघ में सिर्फ प्रतिनिधि सभा ही नहीं, बल्कि प्रांत प्रचारक बैठक के स्वरूप में भी बदलाव देखने को मिलेगा। राज्य प्रचारक व्यवस्था लागू होने और प्रांतों के संगठन को संभाग स्तर पर नए तरीके से बांटने के कारण यह फैसला लिया गया है।



आपको बता दें कि फिलहाल संघ के पूरे ढांचे को चलाने के लिए मुख्य रूप से चार बड़ी बैठकें होती हैं:



अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा (Akhil Bharatiya Pratinidhi Sabha)


अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल (Akhil Bharatiya Karyakari Mandal)


अखिल भारतीय समन्वय बैठक (Akhil Bharatiya Samanvay Baithak)


अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक (Akhil Bharatiya Prant Pracharak Baithak)



इस नए बदलाव से संघ के कामकाज में काफी तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।



यह खबर क्यों जरूरी है?

यह खबर इसलिए जरूरी है क्योंकि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) अपने संगठन को चलाने और बड़े फैसले लेने के तरीके में अहम बदलाव करने जा रहा है। अब हर साल होने वाली अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक तीन साल में एक बार होगी, जबकि संघ के नौ क्षेत्रों में हर साल क्षेत्रीय स्तर पर बैठकें आयोजित की जाएंगी।



इससे स्थानीय पदाधिकारियों की भूमिका और फैसले लेने की जिम्मेदारी बढ़ेगी। खास बात यह है कि संघ की सबसे बड़ी बैठक अब मुख्य रूप से नीतिगत फैसलों और सरकार्यवाह के चुनाव जैसे अहम मुद्दों पर केंद्रित रहेगी। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि इस बदलाव से संघ के भीतर अधिकारों का बंटवारा कैसे होगा, साथ ही जमीनी स्तर पर संगठन के कामकाज पर इसका क्या असर पड़ेगा।

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