RSS प्रमुख मोहन भागवत के बयान से सियासी माहौल गर्म, पीएम मोदी भी आ गए चर्चा में

Sourabh Bhatnagar | Jul 11, 2025, 08:51 IST
rss-chief-mohan-bhagwat-retirement-debate
संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने 75 साल में रिटायरमेंट पर बयान दिया। यह बयान विशेष महत्व रखता है क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भागवत दोनों इस साल 75 साल के होंगे।

हाल ही में, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने 75 साल की उम्र में रिटायरमेंट के मुद्दे पर बयान देकर इस बहस को फिर से जन्म दिया। यह बयान खासतौर पर इसलिए चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भागवत दोनों इस साल सितंबर में 75 साल के होने जा रहे हैं।



नागपुर में एक कार्यक्रम के दौरान भागवत ने कहा कि जब कोई व्यक्ति 75 साल का हो जाता है और उसे बधाई दी जाती है, तो इसका मतलब यह होता है कि अब उसे रुक जाना चाहिए और दूसरों को काम करने देना चाहिए।



mohan bhagwat


खबर यह भी...फिर से महिला स्व-सहायता समूहों को मिला रेडी टू ईट निर्माण का कार्य: PM मोदी की गारंटी हुई पूरी



क्या यह बयान प्रधानमंत्री मोदी के लिए था?

बीजेपी का रुख क्या है?

इसके बावजूद, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं ने यह स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री मोदी 75 साल के बाद भी राजनीति से रिटायर नहीं होंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मई 2024 में कहा था कि भाजपा के संविधान में इस उम्र के बाद सेवानिवृत्ति का कोई प्रावधान नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि मोदी 2029 तक देश का नेतृत्व करेंगे और अगले चुनावों में भी भाजपा का नेतृत्व करेंगे। शाह का यह बयान विपक्षी नेताओं द्वारा मोदी के भविष्य पर उठाए गए सवालों का जवाब था।



क्या है 75 साल की उम्र में रिटायरमेंट वाला मामला?

  1. भागवत का बयान: मोहन भागवत ने 75 साल में रिटायरमेंट की बात की, दूसरों को काम करने देने की सलाह दी।
  2. राजनीतिक संदेश: संजय राउत ने इसे पीएम मोदी के लिए संदेश माना, जो इस साल 75 साल के होंगे।
  3. बीजेपी का रुख: अमित शाह ने कहा, मोदी 75 के बाद भी राजनीति में रहेंगे और 2029 तक नेतृत्व करेंगे।
  4. रिटायरमेंट पर चर्चा: राउत ने मोदी द्वारा 75 के बाद नेताओं को रिटायर करने का हवाला दिया।
  5. भागवत का संदर्भ: यह बयान मोरोपंत पिंगले की स्मृति में आया, जहां उन्होंने पिंगले की भविष्यवाणियों का जिक्र किया।

खबर यह भी...मोहन भागवत बोले- ऑपरेशन सिंदूर के बाद सभी दलों का सहयोग, डिफेंस सेक्टर में आत्मनिर्भरता जरूरी



75 साल की उम्र के बाद ये बड़े नेता रिटायर किए गए

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में 75 साल की उम्र में नेताओं के रिटायर होने की एक अघोषित परंपरा रही है, जिसे 2014 में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद शुरू किया गया था। इस नीति के तहत कई वरिष्ठ नेताओं को सक्रिय राजनीति या महत्वपूर्ण पदों से हटाया गया या उन्हें चुनाव लड़ने का टिकट नहीं दिया गया। इनमें कुछ प्रमुख बीजेपी नेता हैं, जिन्हें 75 साल की उम्र के बाद रिटायर किया गया या किनारे किया गया:



067bbaa1-0bd


  1. लालकृष्ण आडवाणी:
    • बीजेपी के दिग्गज नेता और पूर्व उपप्रधानमंत्री। 2019 के लोकसभा चुनाव में 75 साल से अधिक उम्र होने के कारण उन्हें टिकट नहीं दिया गया।
  2. मुरली मनोहर जोशी:
    • पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ नेता। 2019 के लोकसभा चुनाव में उनकी उम्र 75 साल से अधिक होने के कारण टिकट काटा गया।
  3. सुमित्रा महाजन:
    • पूर्व लोकसभा अध्यक्ष। 2019 के लोकसभा चुनाव में 75 साल की उम्र पार करने के कारण उन्हें टिकट नहीं दिया गया।
  4. कलराज मिश्र:
    • वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री। 2019 में उनकी उम्र के आधार पर उन्हें लोकसभा चुनाव में टिकट नहीं दिया गया, हालांकि बाद में उन्हें राज्यपाल बनाया गया।
  5. संतोष गंगवार:
    • पूर्व केंद्रीय मंत्री। 2024 के लोकसभा चुनाव में 75 साल से अधिक उम्र होने के कारण उनका टिकट काटा गया।
  6. राजेंद्र अग्रवाल:
    • 2024 के लोकसभा चुनाव में उम्र के आधार पर उनका टिकट नहीं दिया गया।
  7. सत्यदेव पचौरी:
    • 2024 के लोकसभा चुनाव में 75 साल से अधिक उम्र होने के कारण टिकट काटा गया।
  8. रीता बहुगुणा जोशी:
    • 2024 के लोकसभा चुनाव में उम्र के आधार पर उन्हें टिकट नहीं दिया गया।

ये भी पढ़ना जरूरी

  • बीजेपी में यह 75 साल की उम्र की नीति मुख्य रूप से लोकसभा और विधानसभा चुनावों में टिकट वितरण और कैबिनेट में शामिल करने के लिए लागू की गई थी।
  • हालांकि, कुछ अपवाद भी देखे गए हैं। उदाहरण के लिए, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 2024 में कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर यह नियम लागू नहीं होगा और वह 2029 के लोकसभा चुनाव में भी पार्टी का नेतृत्व करेंगे।
  • हाल ही में, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत के 75 साल की उम्र में रिटायरमेंट की टिप्पणी ने इस नीति को फिर से चर्चा में ला दिया है, खासकर क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी और भागवत दोनों सितंबर 2025 में 75 साल के हो जाएंगे।

क्या राजनीति से रिटायरमेंट की कोई उम्र होती है?

राजनीति से संन्यास लेने की कोई निर्धारित उम्र नहीं होती है। यह पूरी तरह से व्यक्ति या पार्टी पर निर्भर करता है कि वे कब और क्यों रिटायरमेंट का निर्णय लेते हैं। अधिकांश देशों में राजनेताओं के लिए कोई उम्र सीमा नहीं होती। वे तब तक चुनावी प्रक्रिया में भाग ले सकते हैं, जब तक उनका शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य इसे समर्थन करता हो।



भारत में, 75 साल से अधिक उम्र के कई नेता आज भी सक्रिय राजनीति में हैं और महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत हैं। इनमें 83 साल के शरद पवार (NCP अध्यक्ष), 82 साल के मल्लिकार्जुन खड़गे (कांग्रेस अध्यक्ष), 91 साल के एचडी देवगौड़ा (JD(S) अध्यक्ष और सांसद), 86 साल के फारूक अब्दुल्ला, 77 साल की सोनिया गांधी और 79 साल के अवधेश प्रसाद (अयोध्या से सांसद) जैसे नेता शामिल हैं।



राजनीति से रिटायरमेंट को लेकर भारतीय संविधान

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 84 में संसद सदस्य बनने के लिए आवश्यक योग्यताओं का उल्लेख किया गया है। लोकसभा का चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवार की न्यूनतम उम्र 25 साल और राज्यसभा का चुनाव लड़ने के लिए कम से कम 30 साल होना चाहिए। भारतीय संविधान में राजनीति से संन्यास लेने की कोई निर्धारित उम्र सीमा नहीं है।



सांसद, विधायक, प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और अन्य महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत लोगों के लिए कोई अधिकतम रिटायरमेंट आयु सीमा नहीं है। उनके कार्यकाल के समाप्त होने के बाद उनका पद स्वतः समाप्त हो जाता है, लेकिन यदि वे चुनाव जीतते हैं, तो पुनः उसी पद पर आ सकते हैं।



संविधान में इस बात का भी कोई प्रावधान नहीं है कि कोई व्यक्ति कितनी बार इन पदों पर आ सकता है। इसका मतलब यह है कि कोई भी व्यक्ति चुनाव जीतकर एक ही या विभिन्न राजनीतिक पदों पर बार-बार रह सकता है।



FAQ

  1. 1. मोहन भागवत ने 75 साल के बाद रिटायरमेंट के बारे में क्या कहा?
    मोहन भागवत ने हाल ही में नागपुर में एक कार्यक्रम में कहा था कि जब कोई व्यक्ति 75 साल का हो जाता है तो इसका मतलब यह होता है कि उसे पीछे हटकर दूसरों को काम करने देना चाहिए। उनके इस बयान को प्रधानमंत्री मोदी के रिटायरमेंट को लेकर राजनीतिक चर्चा के रूप में देखा जा रहा है।
  2. 2. क्या पीएम मोदी 75 साल की उम्र के बाद राजनीति से रिटायर होंगे?
    भले ही मोहन भागवत ने 75 साल में रिटायरमेंट की बात की हो, लेकिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पहले ही स्पष्ट किया था कि पीएम मोदी सक्रिय राजनीति से रिटायर नहीं होंगे। उन्होंने कहा था कि मोदी जी 2029 तक देश की अगुवाई करेंगे।
  3. 3. आरएसएस के रिटायरमेंट नियम क्या हैं?
    आरएसएस में कोई निर्धारित नियम नहीं है जो किसी व्यक्ति को 75 साल के बाद रिटायर होने के लिए मजबूर करे। हालांकि, मोहन भागवत के बयान को राजनीति से जुड़े कई लोग एक संकेत के रूप में देख रहे हैं, जिसमें यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या यह प्रधानमंत्री मोदी के लिए भी लागू होगा।

अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢



🔃🤝💬👩‍👦👨‍👩‍👧‍👧



thesootr links

दसूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट केसाथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें



RSS प्रमुख मोहन भागवत | RSS Chief Mohan Bhagwat | rss chief Mohan Bhagwat statement | pm modi | शिवसेना नेता संजय राउत | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन | Amit Shah | Political News



Tags:
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
  • RSS
  • बीजेपी
  • Amit Shah
  • Political News
  • RSS Chief Mohan Bhagwat
  • RSS प्रमुख मोहन भागवत
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन
  • प्रधानमंत्री मोदी
  • शिवसेना नेता संजय राउत
  • rss chief Mohan Bhagwat statement
  • pm modi