कॉकरोच जनता पार्टी विवाद पर RSS प्रचार प्रमुख आंबेकर बोले- संवैधानिक दायरे में काम करती है Gen Z
समझें क्या है पूरा मामला...
- इस महीने कॉकरोच जनता पार्टी नाम का व्यंग्यात्मक आंदोलन वायरल हुआ है।
- आरएसएस (RSS) के प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर से इस पर सवाल पूछे गए थे।
- उन्होंने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया का सामान्य हिस्सा बताया है।
- कहा कि भारतीय लोकतंत्र हर आवाज को समायोजित करने में सक्षम है।
- जेन जी (Gen Z) पीढ़ी की तारीफ करते हुए उन्हें देशभक्त और आशावादी बताया है।
क्या है कॉकरोच जनता पार्टी?
इस महीने सोशल मीडिया पर एक व्यंग्यात्मक ऑनलाइन आंदोलन सामने आया जिसे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) कहा जा रहा है। यह कोई असली राजनीतिक दल नहीं है। युवाओं के बीच यह तेजी से लोकप्रिय हुआ है। इसने देश में बड़ी बहस छेड़ दी और राजनीतिक हलकों में भी इसकी चर्चा होने लगी है।
आंबेकर बोले, झटका नहीं, प्रक्रिया है
आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने पत्रकारों से बातचीत में इस पूरे विवाद को शांत नजरिए से देखा है। उन्होंने कहा कि भारत लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का पालन करता है। यहां पारदर्शी चुनाव होते हैं, मीडिया स्वतंत्र है और सोशल मीडिया भी खुला है।
आंबेकर ने साफ कहा कि लोकतंत्र में होने वाली किसी भी चर्चा और अलग-अलग राय को झटके की तरह नहीं लेना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत का लोकतंत्र हर किसी की आवाज और भावना को समायोजित करने की क्षमता रखता है। संघ को इस पर पूरा भरोसा है।
RSS को दखल देने की जरूरत नहीं
आरएसएस प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने कहा कि मीडिया इन मामलों को संभालने के लिए पर्याप्त रूप से स्वतंत्र है। राजनीतिक दल भी सक्षम हैं। देश की कोई भी संस्था कमजोर नहीं है। इसलिए संघ को हर मामले में तुरंत कूदने की जरूरत नहीं है।
Gen Z पर संघ का भरोसा
सुनील आंबेकर ने देश की युवा पीढ़ी की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि जेन जी कहलाने वाली यह पीढ़ी बेहद आशावादी है। इन्हें देश पर गहरा विश्वास है। यह पीढ़ी संवैधानिक दायरे के भीतर रहकर काम करती है और इसकी पूरी ऊर्जा भारत को आगे ले जाने में लगी है। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में मुद्दे उठते हैं और उन्हें हल करने के लोकतांत्रिक तरीके भी मौजूद हैं।
पाकिस्तान से बातचीत पर संघ का रुख
आरएसएस प्रचार प्रमुख ने आरएसएस के सह-सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले के उस बयान का भी समर्थन किया जिसमें उन्होंने पाकिस्तान से बातचीत का रास्ता खुला रखने की बात कही थी। आंबेकर ने कहा कि सरकारी स्तर पर वार्ता एक राजनीतिक और कूटनीतिक फैसला है।
वहीं, जब आधिकारिक माध्यमों से बात आगे न बढ़े तो लोगों के बीच संवाद जारी रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि व्यापार जारी है और संबंध बनाए रखने से धीरे-धीरे कुछ समस्याओं का समाधान हो सकता है।
विभाजन पर आंबेकर का बड़ा बयान
आंबेकर ने एक अहम बात यह भी कही कि आरएसएस ने हमेशा भारत के विभाजन का विरोध किया था। उनका कहना था कि यदि उस समय संगठन अधिक मजबूत होता तो देश का विभाजन कभी नहीं होता। उन्होंने यह भी कहा कि बंटवारे के बाद संघ ने हिंदुओं की रक्षा और पुनर्वास में अहम भूमिका निभाई है।
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