1 नवंबर से LPG सिलेंडर, पेंशन, ITR और GST तक बदल सकता है सब कुछ, आपकी जेब पर पड़ेगा सीधा असर
यानी नवंबर की शुरुआत में कुछ बदलाव आपकी जेब पर असर डाल सकते हैं, तो कुछ आपके जरूरी कामों से जुड़े हैं। हालांकि, इनमें से कुछ बदलाव तय हैं, जबकि कुछ पर अभी अंतिम फैसला होना बाकी है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि 1 नवंबर से क्या बदलने वाला है, किसे फायदा मिलेगा और किन लोगों को परेशानी हो सकती है। आइए, एक-एक करके आसान भाषा में समझते हैं।
1 नवंबर से क्या बदलेगा
मीडिया की रिपोर्ट में कई बदलाव गिनाए गए हैं। इनमें एलपीजी के दाम, पेंशनर्स का जीवन प्रमाण पत्र और आईटीआर शामिल हैं। जीएसटी में रिफंड और रिटर्न से जुड़ी राहत की बात भी है। इसके अलावा तमिलनाडु, महाराष्ट्र और मोबाइल यूजर्स के लिए भी नए नियम हैं।
सभी बदलाव हर किसी पर लागू नहीं होते। इसलिए अपनी श्रेणी के हिसाब से तारीख और नियम जरूर जांचें।
एलपीजी सिलेंडर के दाम
तेल कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को एलपीजी के दाम तय करती हैं। 1 नवंबर को भी घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर के नए रेट आ सकते हैं। कीमत बढ़ेगी या घटेगी, यह कंपनियों की घोषणा के बाद ही पता चलेगा।
1 अक्टूबर को 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर का दाम बढ़ा था। यह बढ़ोतरी 62.50 रुपए तक की थी। 14 किलो वाले घरेलू सिलेंडर के दाम तब स्थिर रहे थे। रिपोर्ट के मुताबिक एटीएफ (Aviation Turbine Fuel) के रेट भी बदल सकते हैं।
घरेलू सिलेंडर महंगा हुआ तो रसोई का बजट बिगड़ सकता है। कमर्शियल रेट बढ़ने से होटल और ढाबों का खर्च बढ़ता है। सिलेंडर बुक करने से पहले अपने शहर का नया रेट जरूर देखें।
पेंशनर्स के लिए जरूरी तारीख
सरकारी पेंशन लेने वालों को हर साल जीवन प्रमाण पत्र जमा करना होता है। इससे पता चलता है कि पेंशनर जीवित है। इसके बाद ही पेंशन बिना रुकावट चलती रहती है।
80 साल या ज्यादा उम्र के पेंशनर्स की प्रक्रिया 1 अक्टूबर से शुरू है। बाकी पेंशनर्स 1 नवंबर से प्रमाण पत्र जमा कर सकेंगे। आखिरी तारीख 30 नवंबर 2026 है।
पेंशनर्स बैंक जाकर या आधार की मदद से डिजिटल प्रमाण पत्र दे सकते हैं। समय पर जमा न करने पर पेंशन मिलने में परेशानी आ सकती है।
ITR की नई तारीख किसके लिए
टाइम्स नाउ नवभारत के मुताबिक टैक्स ऑडिट वाले करदाताओं को राहत मिली है। इस साल उनकी तारीख 31 अक्टूबर से बढ़कर 21 नवंबर 2026 हुई है। यह वित्त वर्ष 2025-26 के आईटीआर पर लागू है।
यह तारीख सभी करदाताओं पर लागू नहीं होती। ज्यादातर वेतनभोगियों के लिए आईटीआर की आखिरी तारीख 31 जुलाई थी। ऑडिट वाले कारोबारी और पेशेवर अपनी श्रेणी की पुष्टि कर लें। देरी होने पर जुर्माना और ब्याज का बोझ बढ़ सकता है।
जीएसटी में रिफंड और राहत
जीएसटी में बदलाव 1 नवंबर 2026 से चरणों में शुरू होने की बात है। ये फैसले 8 अक्टूबर की 57वीं जीएसटी काउंसिल बैठक में हुए थे। रिपोर्ट के मुताबिक पात्र मामलों में रिफंड अपने आप मंजूर होंगे। यह व्यवस्था 1 नवंबर के बाद शुरू होने की उम्मीद है।
इनवर्टेड ड्यूटी वाले मामलों में इनपुट सर्विस पर जमा क्रेडिट का रिफंड भी मिलेगा। यह 1 नवंबर 2026 या उसके बाद लिए गए क्रेडिट पर लागू होगा। इसके लिए जरूरी कानूनी बदलाव भी लागू होने हैं।
5 करोड़ रुपए तक टर्नओवर वाले छोटे कारोबारियों को राहत की बात है। सीधे ग्राहकों को बेचने वाले कारोबारी सालाना रिटर्न भर सकेंगे। वे टैक्स का भुगतान तिमाही में करेंगे। काउंसिल ने इस योजना को सैद्धांतिक मंजूरी दी है। अंतिम फैसला आगे की बैठक में होगा।
देर से रिटर्न भरने पर लेट फीस माफी की बात भी है। शर्त यह है कि रिटर्न उसी महीने के अंदर भरा जाए।
शराब, हाईवे और मोबाइल नियम
तमिलनाडु में 1 नवंबर से शराब खरीद का भुगतान नियम बदलेगा। तमिलनाडु राज्य विपणन निगम यानी टास्मैक (TASMAC) ने यह फैसला लिया है। 1000 रुपए से महंगी बोतल पर डिजिटल पेमेंट जरूरी होगा। यानी इतनी कीमत की बोतल पर कैश नहीं लिया जाएगा। यह नियम तमिलनाडु की दुकानों पर लागू है, पूरे देश में नहीं।
महाराष्ट्र में मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के नए कनेक्टिंग लिंक पर माल वाहनों पर रोक लगेगी। महाराष्ट्र हाईवे पुलिस ने यह रोक स्थायी रखी है। इसमें छोटे कमर्शियल वाहन, पिकअप वैन और टाटा ऐस भी आएंगे। निजी कार और यात्री बसें इस रास्ते पर चल सकेंगी।
मोबाइल यूजर्स के लिए दूरसंचार विभाग (Department of Telecommunications) ने नया निर्देश दिया है। टेलीकॉम कंपनियों को 1 नवंबर 2026 से सीएनएपी (Calling Name Presentation) लागू करना है। इससे अनजान कॉलर का नाम फोन पर दिखेगा। अब ट्रूकॉलर जैसे ऐप पर निर्भरता घट सकती है।
1 नवंबर से टोल टैक्स में बड़ी राहत
1 नवंबर से टोल प्लाजा के आसपास रहने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलने वाली है। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्ग फीस नियम, 2008 में बदलाव किया है। नए नियम के मुताबिक, टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले पात्र निजी वाहन मालिक सालभर का लोकल टोल पास बनवा सकेंगे। इससे उन्हें हर बार टोल टैक्स देने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
अब सवाल है कि इस पास के लिए कितने पैसे देने होंगे? अगर टोल प्लाजा नगर पालिका की सीमा से बाहर है, तो सालभर के पास के लिए 1500 रुपए देने होंगे। वहीं, नगर पालिका या स्थानीय नगर क्षेत्र की सीमा के अंदर टोल प्लाजा होने पर 3000 रुपए खर्च करने होंगे। हालांकि, इस सुविधा का फायदा सिर्फ तय शर्तें पूरी करने वाले निजी वाहन मालिकों को मिलेगा। कमर्शियल वाहनों को इसका लाभ नहीं मिलेगा।
FD और बैंकिंग पर क्या असर
एफडी (Fixed Deposit) पर 1 नवंबर से एक समान बदलाव तय नहीं है। हर बैंक की दरें और शर्तें अलग होती हैं। निवेश से पहले ब्याज दर, अवधि और समय से पहले निकासी की शर्त देखें। किसी भी बदलाव के लिए बैंक की आधिकारिक सूचना ही सबसे भरोसेमंद है।
आपको क्या करना चाहिए
पेंशनर्स 30 नवंबर से पहले जीवन प्रमाण पत्र जमा कर दें। ऑडिट वाले करदाता अपनी आईटीआर तारीख की पुष्टि कर लें। कारोबारी जीएसटी रिफंड और रिटर्न से जुड़ी सरकारी अधिसूचना पर नजर रखें।
घरेलू उपभोक्ता 1 नवंबर की सुबह एलपीजी का नया रेट देख लें। तमिलनाडु में शराब खरीदने वाले डिजिटल पेमेंट साथ रखें। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर माल ढुलाई करने वाले वैकल्पिक रास्ता चुनें।
कई बदलाव अभी रिपोर्ट के स्तर पर हैं। इसलिए अंतिम नियम के लिए संबंधित विभाग की सूचना देखें।