वो काला सच, जिसके बाद संभल के प्राचीन मंदिर पर लगा था ताला

Sourabh Bhatnagar | Dec 15, 2024, 16:07 IST
THE STOOR
संभल के भगवान शिव के मंदिर में आज पहली बार पूजा अर्चना हुई। यह मंदिर वर्ष 1978 से बंद पड़ा था। भक्तों का कहना है कि यह सिर्फ पूजा की शुरुआत नहीं, बल्कि वर्षों पुराने विश्वास और आस्था की पुनर्बहाली है।

उत्तर प्रदेश के संभल में प्राचीन शिव मंदिर अचानक सामने आया है। यह मंदिर 1978 से बंद था और लोगों को इसके अस्तित्व के बारे में जानकारी तक नहीं थी। 14 दिसंबर 2024 को बिजली चोरी की जांच के दौरान प्रशासन की कार्रवाई के दौरान यह मंदिर मिला। मंदिर के अंदर शिवलिंग, हनुमान जी, नंदी, कार्तिकेय की मूर्तियां और एक प्राचीन कुआं मिला है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मंदिर को अवैध कब्जे से मुक्त कराया।



Why Sambhal Temple was closed for 46 years and why Hindus of that area sell their houses and go away


46 सालों तक क्यों बंद रहा मंदिर?

मंदिर का इतिहास और विवाद

sambhal Temple


सुशील गुप्ता बताते हैं कि हाल ही में हुई हिंसा के बाद उन्होंने अपने 82 वर्षीय चाचा से मस्जिद के पुराने इतिहास के बारे में चर्चा की। उनके चाचा ने बताया कि इस मस्जिद में कभी धातु की चेन से जुड़ी घंटी लटकती थी।



इतना ही नहीं, मस्जिद के सामने एक कांच की शीट हुआ करती थी, जिस पर तोते के हरे रंग की स्याही से लिखा था कि यह स्थान कभी हरिहर मंदिर हुआ करता था। गुप्ता ने कहा, मुझे नहीं पता कि उस साइन बोर्ड का क्या हुआ, लेकिन हम सभी को गुंबद से लटकी जंजीर की याद है। क्या वह मुस्लिम संरचना की तरह लगती है?



विवादों के निशान और सबूत

गुप्ता के अनुसार, मस्जिद और मंदिर के इस विवाद ने सांप्रदायिक तनाव को और गहरा कर दिया। पुरानी पीढ़ी के लोग अभी भी उस दौर की घटनाओं को याद करते हैं, जो आज भी एक सवाल बनकर खड़ी हैं।



1978 के दंगों का काला अध्याय

stone pelting sambhal police(11)


1978 में संभल में भयंकर सांप्रदायिक दंगे हुए थे। उस समय माहौल इतना बिगड़ गया था कि हिंदू परिवारों को पलायन करना पड़ा। 1976 में जामा मस्जिद के मौलाना की हत्या के बाद हिंसा भड़की थी, जिसमें हिंदू और मुस्लिम समुदाय के बीच संघर्ष तेज हुआ। संसद तक इस मुद्दे को उठाया गया था और एक फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी भेजने की बात हुई थी।



दो महीने तक लगा रहा था कर्फ्यू

29 मार्च 1978 से 20 मई 1978 तक कर्फ्यू लगा रहा। इस दौरान हिंसा, लूटपाट, आगजनी और कई हत्याओं की घटनाएं हुईं। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, 169 मुकदमे दर्ज किए गए थे। अफवाहों ने स्थिति को और भड़का दिया, जिसमें मस्जिद तोड़े जाने और लोगों को जलाने की अफवाहें शामिल थीं।



संभल में 14 बार हो चुके हैं दंगे

संभल में आजादी के बाद से 14 बार बड़े सांप्रदायिक दंगे हो चुके हैं। इनमें 1956, 1959, 1966, 1976, 1978 और 1992 के दंगे प्रमुख हैं। 1978 का दंगा सबसे भयावह था, जिसने इलाके में हिंदू समुदाय को पलायन पर मजबूर कर दिया।



FAQ

  1. संभल में शिव मंदिर कब और कैसे मिला?
    बिजली चोरी की जांच के दौरान 14 दिसंबर 2024 को यह मंदिर खुदाई में मिला।
  2. मंदिर को 46 साल तक क्यों बंद रखा गया था?
    1978 के सांप्रदायिक दंगों के बाद मंदिर को बंद कर दिया गया था।
  3. मंदिर में क्या-क्या मिला है?
    मंदिर में शिवलिंग, हनुमान जी, नंदी, कार्तिकेय की मूर्तियां और एक कुआं मिला है।
  4. संभल में कितनी बार सांप्रदायिक दंगे हुए हैं?
    आजादी के बाद संभल में कुल 14 बार बड़े सांप्रदायिक दंगे हुए हैं।
  5. 1978 के दंगों के पीछे मुख्य कारण क्या था?
    जामा मस्जिद के मौलाना की हत्या के बाद सांप्रदायिक तनाव फैल गया था।

thesootr links

द सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट के साथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें



Tags:
  • UP News
  • Uttar Pradesh
  • Sambhal News
  • संभल न्यूज
  • संभल मस्जिद सर्वे
  • संभल पुलिस