सऊदी अरब में फंसे एमपी के 300 से ज्यादा जायरीन, दवाएं खत्म, एक कमरे में रह रहे 10 से 15 लोग
हालत यह है कि कुछ जगहों पर 10 से 15 लोगों को एक ही कमरे में रहना पड़ रहा है। कांग्रेस प्रवक्ता अब्बास हफीज ने केंद्र सरकार से इन लोगों को सुरक्षित भारत वापस लाने की मांग की है।
भोपाल-इंदौर के 120 से ज्यादा लोग फंसे
सऊदी अरब में फंसे भारतीयों में मध्यप्रदेश के बड़ी संख्या में लोग शामिल हैं। कांग्रेस प्रवक्ता अब्बास हफीज के मुताबिक, चार हजार से ज्यादा भारतीय जायरीन वहां फंसे हुए हैं। इनमें मध्यप्रदेश के 300 से अधिक लोग हैं। अकेले भोपाल और इंदौर के 120 से ज्यादा यात्री घर वापसी का इंतजार कर रहे हैं। ये लोग उमरा करने सऊदी अरब गए थे। लेकिन उड़ानें प्रभावित होने से तय समय पर वापस नहीं लौट सके। कुछ यात्री मक्का और मदीना में हैं। वहीं, कई लोग दम्माम में रुके हुए हैं।
एक कमरे में 15 लोग, सोने के लिए बिस्तर भी कम
सऊदी अरब में फंसे जायरीन के सामने रहने की परेशानी बढ़ रही है। कुछ जगहों पर एक कमरे में 10 से 15 लोग रहने को मजबूर हैं। बताया जा रहा है कि होटलों में पर्याप्त बिस्तर नहीं हैं। बाथरूम की हालत भी खराब है। ऐसे में बुजुर्गों और बीमार यात्रियों को ज्यादा परेशानी हो रही है। जिन लोगों की यात्रा पूरी हो चुकी है, वे अब सिर्फ घर लौटने का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन वापसी का इंतजाम नहीं होने से उनकी मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।
डायबिटीज और ब्लड प्रेशर के मरीजों की दवाएं खत्म
फंसे हुए यात्रियों में कई बुजुर्ग भी शामिल हैं। इनमें कुछ लोग डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित हैं। इन मरीजों को नियमित दवाएं लेनी पड़ती हैं। लेकिन यात्रा लंबी खिंचने के कारण कुछ लोगों की दवाएं खत्म हो गई हैं। इससे उनकी सेहत को लेकर चिंता बढ़ गई है। हालांकि, कितने मरीजों के पास दवाएं नहीं बची हैं, इसकी स्पष्ट जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
8 अक्टूबर से उड़ानों पर असर, घर वापसी अटकी
जानकारी के मुताबिक, 8 अक्टूबर को उड़ानों पर असर पड़ने के बाद यात्रियों की वापसी में परेशानी शुरू हुई। फ्लाइट डिस्रप्शन (Flight Disruption) के कारण कई जायरीन को तय समय से ज्यादा दिन सऊदी अरब में रुकना पड़ रहा है। इससे उनके होटल, भोजन और आने-जाने का खर्च बढ़ गया है। सबसे ज्यादा परेशानी उन यात्रियों को हो रही है, जो सीमित पैसे लेकर उमरा करने गए थे।
हर दिन 4 से 5 हजार रुपए का अतिरिक्त खर्च
एमपी कांग्रेस प्रवक्ता अब्बास हफीज के मुताबिक, फंसे हुए यात्रियों को रोजाना चार से पांच हजार रुपए तक अतिरिक्त खर्च करने पड़ रहे हैं। इसमें होटल, भोजन और आने-जाने का खर्च शामिल है। वहीं, कुछ जगहों पर रहने और खाने के लिए रोजाना 65 से 100 सऊदी रियाल लिए जाने की जानकारी भी सामने आई है। यह रकम करीब एक हजार 500 से दो हजार 500 भारतीय रुपए बताई गई है।
ट्रैवल एजेंटों के अनुसार, जिन यात्रियों के टिकट रद्द हुए हैं, उन्हें एयरलाइंस की ओर से होटल और भोजन दिया जा रहा है। हालांकि, सभी यात्रियों को एक जैसी सुविधा मिल रही है या नहीं, यह स्पष्ट नहीं है।
कांग्रेस प्रवक्ता भी सऊदी अरब में फंसे थे
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस प्रवक्ता अब्बास हफीज खुद भी इस परेशानी का सामना कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि उनकी फ्लाइट भी रद्द हो गई थी। इसके बाद तीन से चार दिनों तक उन्हें वापसी के लिए परेशान होना पड़ा। आखिरकार दूसरे देश के रास्ते वे भारत लौट सके। हफीज ने बताया कि सऊदी अरब में फंसे यात्रियों की परेशानी लगातार बढ़ रही है। खासकर मध्यप्रदेश के लोगों के परिवार उनकी सुरक्षित वापसी को लेकर चिंतित हैं।
केंद्र सरकार से विशेष विमान भेजने की मांग
अब्बास हफीज ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर और केंद्र सरकार से मामले में तुरंत मदद करने की मांग की है। उनका कहना है कि सिर्फ हेल्पलाइन नंबर जारी करने या वीजा की अवधि बढ़ाने से यात्रियों की परेशानी दूर नहीं होगी।
सरकार को एयरलाइंस के साथ बातचीत करके वापसी का इंतजाम करना चाहिए। जरूरत पड़ने पर स्पेशल फ्लाइट्स की व्यवस्था भी की जानी चाहिए। हफीज ने आशंका जताई कि यदि वहां तनाव और बढ़ा, तो भारतीय यात्रियों को वापस लाने में ज्यादा परेशानी हो सकती है।
अब मध्यप्रदेश के परिवारों को वापसी का इंतजार
भोपाल, इंदौर और प्रदेश के दूसरे जिलों से उमरा करने गए लोगों की वापसी अटकी हुई है। यात्रियों के सामने रहने, खाने और दवाओं की समस्या है। वहीं, मध्यप्रदेश में उनके परिवार सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए हुए हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि सभी फंसे हुए यात्रियों को भारत वापस लाने की व्यवस्था कब तक हो पाएगी। ऐसे में अब केंद्र सरकार और भारतीय दूतावास से मिलने वाली मदद पर नजर बनी हुई है।
यह खबर क्यों जरूरी है
सऊदी में फंसे लोगों की सुरक्षा और सेहत की चिंता हर परिवार की चिंता है। यहां 4 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित बताए गए हैं। इनमें कई बुजुर्ग हैं, जिन्हें नियमित दवाएं चाहिए। संविधान का अनुच्छेद 21 जीवन और स्वास्थ्य के अधिकार से जुड़ा है। विदेश में रहते नागरिकों के लिए दूतावास से मदद की उम्मीद भी स्वाभाविक है।
यह खबर बताती है कि उड़ानों में रुकावट सिर्फ देरी नहीं होती। उसका असर रहने, खाने और सेहत पर पड़ता है। इसलिए जायरीन की मदद और वापसी पर नजर रखना जरूरी है। परिवारों को भी सही और ताजा जानकारी की जरूरत है।
FAQs
- सऊदी अरब में कितने भारतीय जायरीन फंसे हैं?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सऊदी अरब में 4 हजार से ज्यादा भारतीय जायरीन फंसे हुए हैं। - जायरीन की वापसी में परेशानी क्यों हो रही है?
जायरीन की वापसी 8 अक्टूबर से उड़ानों के प्रभावित होने के कारण मुश्किल हो गई है। - जायरीन को रहने के लिए किन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है?
रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ जगहों पर एक कमरे में 10 से 15 लोग रह रहे हैं, जिसके कारण बिस्तर और बाथरूम की कमी हो रही है।