शंकराचार्य केस में आशुतोष ब्रह्मचारी पलटे, रामचंद्र दास के कहने पर की फर्जी FIR

Sanjay Dhiman | Jun 10, 2026, 21:22 IST
Photograph: (the sootr)
आशुतोष ब्रह्मचारी ने शंकराचार्य पर यौन शोषण के आरोप वापस ले लिए हैं। उन्होंने जगद्गुरु रामभद्राचार्य के उत्तराधिकारी पर दबाव डालकर फर्जी FIR करवाने का आरोप लगाया है।

पांच पाइंट में समझें मामला

  • आशुतोष ब्रह्मचारी ने शंकराचार्य पर यौन शोषण आरोपों से पीछे हटने का ऐलान किया।
  • उन्होंने कहा, रामचंद्र दास ने दबाव बनाकर फर्जी FIR करवाई थी।
  • आशुतोष के पास इस साजिश के सबूत और वॉट्सएप चैट मौजूद हैं।
  • रामभद्राचार्य ने आशुतोष के आरोपों को गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
  • आशुतोष ने कोर्ट में कानूनी लड़ाई जारी रखने और सत्य की रक्षा करने का भरोसा दिया।

मंगलवार को आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने फेसबुक वीडियो में कहा कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ उनका यौन शोषण केस फर्जी था। उन्होंने दावा किया कि जगद्गुरु रामभद्राचार्य के उत्तराधिकारी रामचंद्र दास ने दबाव बनाकर उन्हें इस विवाद में फंसाया। आशुतोष के मुताबिक, इस साजिश में कुछ अधिकारी भी शामिल थे और उनके पास इसके सबूत व वॉट्सएप चैट मौजूद हैं।



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रामचंद्र दास पर गंभीर आरोप

आशुतोष ब्रह्मचारी ने कहा कि रामचंद्र दास उनके गुरु भाई हैं, लेकिन कुकर्मी, ढोंगी और फ्रॉडी हैं। उन्होंने बताया कि रामचंद्र दास ने फर्जी वसीयत बनाकर श्री देव बाबा जी आश्रम पर कब्जा किया। आशुतोष ने मथुरा एसएसपी को शिकायत भेजी है और कहा कि अगर पुलिस रिपोर्ट दर्ज नहीं होती, तो वह कोर्ट का रुख करेंगे।



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शंकराचार्य और उनके उत्तराधिकारी का रिएक्शन

तुलसी पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि आशुतोष उनकी और उनके उत्तराधिकारी की छवि खराब करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने चिंता जताई कि किसी शिष्य द्वारा गुरु की हत्या की आशंका लगाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। रामभद्राचार्य ने प्रशासन से मामले की जांच कराने का भी आश्वासन दिया।



केस की पूरी टाइम लाइन

  • 18 जनवरी 2023 को प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य और प्रशासन के बीच विवाद हुआ।
  • 24 जनवरी को आशुतोष ने दो बच्चों के माध्यम से शंकराचार्य पर यौन शोषण के आरोप पुलिस कमिश्नर को दिए।
  • 8 फरवरी को स्पेशल पॉक्सो कोर्ट में याचिका दाखिल की गई।
  • 21 फरवरी को कोर्ट में बच्चों के बयान दर्ज हुए और उसी दिन झूंसी थाने में FIR दर्ज हुई।
  • 25 मार्च को शंकराचार्य और उनके शिष्य मुकुंदानंद को इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिली।
  • आशुतोष ने सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दी थी, लेकिन अग्रिम जमानत रद्द करने की मांग खारिज हो गई।

आशुतोष की चेतावनी

आशुतोष ने साफ कहा कि यदि उनके गुरु जगद्गुरु रामभद्राचार्य को कोई नुकसान पहुंचता है, तो इसके लिए रामचंद्र दास जिम्मेदार होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वह सत्य की लड़ाई जारी रखेंगे और कानूनी प्रक्रिया के तहत कदम उठाएंगे।



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