पटेल, बनिया, ब्राह्मण कूड़ा उठाएं तो 50 हजार दूंगा-गुजरात के पूर्व सीएम शंकर सिंह वाघेला का बयान
नर्मदा के सागबारा में हुआ किसान सम्मेलन
दरअसल नर्मदा जिले के सागबारा स्थित खोपी में आदिवासी किसान सम्मेलन आयोजित हुआ था। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य आदिवासी किसानों को वन भूमि पर अधिकार दिलाना था। कार्यक्रम के मंच पर गुजरात कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अमित चावड़ा भी मौजूद रहे। उनके अलावा पार्टी के कई अन्य नेता भी इस बड़े कार्यक्रम में पहुंचे थे।
ये था शंकर सिंह वाघेला का विवादित बयान
पूर्व मुख्यमंत्री शंकर सिंह वाघेला (Shankersinh Vaghela) ने इसी सम्मेलन में यह विवादित बयान दिया। उन्होंने कहा कि आरक्षण के विरोधियों को वे कूड़ा उठाने का काम देंगे। उन्होंने पटेल, बनिया और ब्राह्मण समाज का नाम लेकर 50 हजार रुपए देने की बात कही। वाघेला ने कहा कि आरक्षण विरोधियों को यह राशि हर महीने दी जाएगी।
आरक्षण और आदिवासी समाज के अधिकारों पर बात
इसके साथ ही वाघेला ने कहा कि दिल्ली और गांधीनगर में बैठे लोग आरक्षण के सीधे दुश्मन हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि आरक्षण कोई कृपा नहीं बल्कि वर्षों के अन्याय का मुआवजा है।
आदिवासी इलाकों के हालात पर बोलते हुए वाघेला ने कहा कि वहां बिजली-पानी तक नहीं है। उन्होंने कहा कि एससी, एसटी और ओबीसी मिलकर 70 प्रतिशत हैं और असली मालिक हैं।
2027 चुनाव को लेकर जनता से की अपील
वाघेला ने मंच से उपस्थित लोगों को आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भी संदेश दिया। उन्होंने कहा कि साल 2027 में राज्य के अंदर विधानसभा चुनाव आने वाला है। जनता बिना किसी दबाव और बिना किसी शर्म के अपना कड़ा फैसला करे। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जनता को अब यह मौजूदा सरकार बिल्कुल नहीं चाहिए।
पाटीदार नेता दिनेश बांभनीया ने दी कानूनी चेतावनी
दूसरी ओर पाटीदार समाज के अग्रणी दिनेश बांभनीया ने वाघेला के बयान पर कड़ा एतराज जताया है। उन्होंने कहा कि राज्य में सभी लोग पूरी तरह शांति से रहते हैं। उनके मुताबिक पूर्व मुख्यमंत्री वाघेला अपनी राजनीति बचाने के लिए अशांति फैला रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश में कानून का राज है और वे हाईकोर्ट व मानवाधिकार आयोग जाएंगे।
बीजेपी नेता यज्ञेश दवे का पलटवार
बीजेपी नेता और ब्रह्म समाज के संयोजक यज्ञेश दवे ने वाघेला पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि ऐसी कुप्रथाएं कड़े नियमों के चलते सालों पहले ही बंद हो चुकी हैं। मौजूदा सरकार समाज के सभी वर्गों को पूरा न्याय देने का काम कर रही है। दवे ने चुनौती दी कि वाघेला उनके घर का कूड़ा उठाएं वे 5 लाख देंगे।
वाघेला का राजनीतिक सफर
बता दें कि शंकर सिंह वाघेला पूर्व में गुजरात के मुख्यमंत्री की बड़ी जिम्मेदारी निभा चुके हैं। वे अपने राजनीतिक जीवन में बीजेपी और कांग्रेस दोनों प्रमुख दलों में रहे हैं। वाघेला साल 2017 में कांग्रेस पार्टी से पूरी तरह अलग हो गए थे। अब वे आगामी 2027 के चुनाव से पहले अपनी नई राजनीतिक वापसी की तैयारी में हैं।
FAQ
- पूर्व मुख्यमंत्री शंकर सिंह वाघेला ने अपने बयान में क्या कहा?
वाघेला ने अपने विवादित बयान में पटेल, बनिया और ब्राह्मण समाज का नाम लिया। उन्होंने कहा कि आरक्षण के विरोधियों को वे कूड़ा उठाने का काम देंगे। - 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर वाघेला ने जनता से क्या अपील की?
वाघेला ने जनता से अपील की कि वे बिना किसी दबाव और शर्म के अपना कड़ा फैसला करें और मौजूदा सरकार को ना चाहें।