रील्स का ऐसा खूनी नशा कि कर दी अपने ही पति की हत्या, जानें एक सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर कैसे बन गई कातिल
BEGUSARAI. आजकल रील बनाने का नशा लोगों के दिल और दिमाग पर ऐसा छाया हुआ है कि इसके नशे में वह कुछ भी कर गुजरने को तैयार हो जाता है। फिर चाहे इसकी कितनी भी कीमत चुकानी पड़े। इन रील्स को देखने वालों की संख्या भी कम नहीं हैं। सोशल मीडिया पर व्यूज, लाइक, सब्सक्राइब और शेयर करने की लत इतनी तेजी से फैल रही है कि लोग रात में जागकर व्यूज देख रहे हैं। यहां तक तो फिर भी गनीमत थी पर अगर कोई रील बनाने के चक्कर में अपने ही पति को मौत की नींद सुला दे, तो इसे पागलपन नहीं तो क्या कहा जाए। ऐसी ही एक घटना बिहार के बेगूसराय जिले के खोदाबंदपुर थाना इलाके के फफौत गांव में एक पत्नी ने रील्स बनाने का विरोध करने पर अपने ही पति को मौत की नींद सुला दिया।
गला दबाकर ले ली पति की जान
कहानी बिहार के बेगुसराय की है, जहां 25 साल के महेश्वर की लाश उसके ससुराल में संदिग्ध हालत में पड़ी मिली। समस्तीपुर के नरहन गांव का रहनेवाला महेश्वर कुमार राय कोलकाता में रहकर काम किया करता था। अभी कुछ रोज पहले ही वो अपने घर लौटा था। घर आने के बाद वो बेगुसराय अपने ससुराल पहुंचा, लेकिन जिले के खोदाबंदपुर थाना इलाके के फफौत गांव में उसकी हत्या कर दी गई। इल्जाम है कि महेश्वर की बीवी रानी ने अपने घर के दूसरे सदस्यों के साथ मिलकर उसका गला दबाकर उसकी जान ले ली।
रील के शौक ने जुर्म के दलदल में धकेला
बिहार की रानी भारत की उन लाखों नौजवानों में से एक है, जिन्हें रील्स बनाना और बनवाना पसंद था. रील्स के बहाने वो हर रोज़ अपनी अदाओं से लोगों का दिल जीतने का कोशिश करती थी। रील्स की बदौलत ही सोशल मीडिया में उसके फॉलोअर्स की तादाद भी लगातार बढ़ती जा रही थी, लेकिन यही रील्स एक रोज उसे रियल लाइफ में जुर्म के दलदल में धकेल देगा, ये किसी ने भी नहीं सोचा था। रील्स का नशा रानी पर कुछ इस कदर चढ़ा कि जब रानी के पति महेश्वर ने रानी को रील्स बनाने से रोकने की कोशिश की, तो रानी ने अपने घरवालों के साथ साजिश रचकर अपने ही पति महेश्वर की जान ले ली। जी हां, उस महेश्वर की, जिससे उसने 7 साल पहले लव मैरिज की थी। असल में रानी के पति महेश्वर को ये बिल्कुल पसंद नहीं था कि उसकी बीवी रोज रील्स के चक्कर में घंटों बर्बाद करे और रील्स के बहाने से अंजान लड़कों से मिला करे।
ऐसे मिली घटना की पूरी जानकारी
महेश्वर रविवार की रात करीब 9 बजे अपने ससुराल गया था। करीब डेढ़ घंटे बाद यानी रात करीब साढ़े दस बजे उसके भाई रुदल ने उसे कोलकाता से फोन किया, लेकिन जब महेश्वर का फोन नहीं उठा, तो वो बेचैन हो गया। इसके बाद उसने अपने पिता को भाई का फोन अनआनसर्ड रहने की जानकारी दी। इस बीच रुदल का एक फोन उसके बड़े भाई की साली ने उठा लिया, लेकिन इससे पहले कि साली उसे कोई जवाब देती, रुदल को भाई के ससुराल में चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनाई देने लगी। जिसके बाद रात को ही उसके पिता बेटे के ससुराल पहुंचे और तब वहां उन्हें अपने बेटे की लाश संदिग्ध हालत में पड़ी हुई मिली। लाश को देखने से शक हो रहा था कि उसकी गला दबाकर हत्या की है। बेटे की लाश मिलने पर महेश्वर के पिता ने पुलिस को खबर दी। पुलिस मौके पर पहुंची और उसने लाश को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया।
पति-पत्नी और वो का मामला
रानी पर रील्स का खुमार कुछ ऐसा छाया था कि वो किसी भी कीमत पर इस आभासी दुनिया से दूर नहीं रहना चाहती थी और अक्सर रील्स बनाने को लेकर ही पति-पत्नी में लड़ाइयां भी हुआ करती थी। इस बीच पुलिस ने इसे रील्स के साथ-साथ पति-पत्नी और वो का मामला करार दिया। बेगूसराय पुलिस की मानें तो अपने मायके में रहने और रील्स बनाने के दौरान रानी के रिश्ते शहजाद नाम के एक लड़के से बन गए थे। जिसके बाद रानी को अपने पति की रोक-टोक ज्यादा खटकने लगी और तब रानी ने धोखे से अपने पति को बुलाया और फिर अपने आशिक शहजाद और अपनी बहन के साथ मिलकर उसकी चुन्नी से गला घोंटकर हत्या कर दी।
आपत्तिजनक गानों पर रील बनाती थी रानी
रानी के सोशल मीडिया पर दस हजार से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। महेश्वर के घरवालों की मानें तो रानी अक्सर ऐसे गानों पर रील्स बनाती थी, जो आपत्तिजनक होते थे। इसके अलावा उसकी कई लड़कों से दोस्ती भी थी, जिसे लेकर अक्सर पति-पत्नी के बीच झगड़ा हुआ करता था, लेकिन ये झगड़ा महेश्वर के कत्ल की वजह बन जाएगा, ये किसी ने नहीं सोचा था।
भारत में लगभग 45 हजार करोड़ की है रील इंडस्ट्री
अब बात रील्स की दुनिया में मचे घमासान की। एक आंकड़े के मुताबिक हर भारतीय औसतन रोज 40 मिनट रील देखता है। जिनको लत है वो औसतन 5 से 6 घंटे रील देखते हैं। 18 से 34 साल के लोग सबसे ज्यादा रील देखते हैं। इसी तरह देश में करीब 8 करोड़ प्रोफेशल कंटेट क्रिएटर हैं। देश की मौजूद रील इंडस्ट्री लगभग 45 हजार करोड़ की है। 2030 तक इसके 1 लाख करोड़ रुपए होने की उम्मीद है। रील के 70 फीसदी दर्शक टीयर 1 और टीयर 2 शहरों में हैं।