बीजेपी को लगा झटका: राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने दोबारा भेजा इस्तीफा
समझें क्या है पूरा मामला
- बीजेपी नेता शहजाद पूनावाला ने पहले पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दिया था।
- पार्टी ने उनका इस्तीफा तुरंत खारिज कर दिया था।
- अब उन्होंने फिर से पार्टी से अपील की है कि उनका इस्तीफा मंजूर किया जाए।
- उन्होंने इसकी वजह आर्थिक और निजी परेशानियां बताई हैं।
- साथ ही उन्होंने पार्टी के कुछ लोगों के साथ तनाव का भी इशारा किया है।
बीजेपी नेता शहजाद पूनावाला सोमवार को शेयर किए गए एक पत्र में पूनावाला ने लिखा कि पार्टी का उनका इस्तीफा तुरंत नामंजूर करना उन्हें बहुत छू गया था। उन्होंने कहा कि पार्टी ने उनसे इस फैसले पर फिर से सोचने का आग्रह किया था।
लेकिन लंबे विचार के बाद उन्होंने अंतिम फैसला ले लिया है। उन्होंने कहा कि वे राष्ट्रीय प्रवक्ता के पद और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से मुक्त होना चाहते हैं।
पीएम मोदी के लिए जताया सम्मान
अपने पत्र में पूनावाला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए गहरा आभार जताया। उन्होंने पार्टी अध्यक्ष नितिन नबीन और वरिष्ठ नेताओं अमित शाह, राजनाथ सिंह और बी एल संतोष के प्रति भी सम्मान व्यक्त किया।
इस्तीफे की वजह क्या रही
पूनावाला ने अपने इस्तीफे के पीछे आर्थिक और निजी परेशानियों को वजह बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें प्राइवेट सेक्टर की तरफ बढ़ना है।
एक अलग बयान में उन्होंने तनाव का भी इशारा किया। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों की घटनाओं ने उन्हें अपने पुराने फैसले पर टिके रहने के लिए मजबूर किया है। उन्होंने कुछ खास लोगों का जिक्र किया, हालांकि नाम सार्वजनिक नहीं किए।
बायो से हटाया बीजेपी का नाम
जुलाई महीने में ही पूनावाला ने अपने एक्स (X) बायो से बीजेपी का नाम हटा दिया था। उनके मौजूदा बायो में धर्म, इस्लाम, संस्कृति, हिंदू, विचारधारा-भारतीय जैसे शब्द हैं। साथ ही वे खुद को पीएम मोदी का लंबे समय से समर्थक बताते हैं।
कांग्रेस से आए थे बीजेपी में
पूनावाला 2017 में कांग्रेस की अध्यक्ष चुनाव प्रक्रिया को लेकर हुए विवाद के बाद पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए थे। बीजेपी में शामिल होने के बाद उन्हें राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाया गया था।
पूनावाला हमेशा से पीएम मोदी के मजबूत समर्थक रहे हैं। उन्होंने कई बार कांग्रेस और उसके नेताओं, खासकर राहुल गांधी पर निशाना साधा है।
FAQ
- शहजाद पूनावाला ने इस्तीफा क्यों दिया?
उन्होंने आर्थिक और निजी कारणों का हवाला दिया है। उन्होंने कहा कि उन्हें प्राइवेट सेक्टर की तरफ बढ़ना है। उन्होंने पार्टी के कुछ लोगों के साथ तनाव का भी इशारा किया। - पूनावाला का पहला इस्तीफा क्यों खारिज हुआ था?
पार्टी ने उनका पहला इस्तीफा तुरंत नामंजूर कर दिया था। पार्टी ने उनसे फैसले पर फिर से विचार करने का आग्रह किया था। लेकिन लंबे विचार के बाद पूनावाला अपने फैसले पर अड़े रहे। - पूनावाला बीजेपी में कब शामिल हुए थे?
वे 2017 में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए थे। यह फैसला कांग्रेस की अध्यक्ष चुनाव प्रक्रिया को लेकर हुए विवाद के बाद लिया गया था। बाद में उन्हें बीजेपी का राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाया गया।
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