Silver Price Crash: करवाचौथ पर चांदी की कीमत में बड़ी गिरावट, 4600 रुपए हुई सस्ती, सोने के दाम भी घटे
चांदी 4600 रुपए और सोना 700 रुपए सस्ता
गुरुवार, 29 अक्टूबर को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। दिसंबर में डिलीवरी वाली चांदी का भाव 4600 रुपए घटकर 1 लाख 89 हजार 637 रुपए प्रति किलो पहुंच गया है। वहीं, दिसंबर में डिलीवरी वाले सोने की कीमत 700 रुपए गिरकर 1 लाख 42 हजार 800 रुपए प्रति 10 ग्राम रह गई है।
त्योहार के दिन दोनों कीमती धातुओं के दाम घटने से बाजार में हलचल बढ़ गई है।
अचानक क्यों गिर गए सोना-चांदी के दाम?
सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति और निवेशकों की बिकवाली को अहम वजह माना जा रहा है।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व का फैसला
अमेरिका के फेडरल रिजर्व बैंक ने ब्याज दरों को 3.75 से 4 प्रतिशत के बीच स्थिर रखा है। हालांकि, दो अधिकारियों ने ब्याज दरों में 0.25 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी का समर्थन किया।
इससे दिसंबर में ब्याज दरें बढ़ने की आशंका बढ़ी है। इसका असर सोने और चांदी की कीमतों पर पड़ रहा है।
डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड का असर
निवेशक अब अमेरिका में महंगाई के आंकड़ों और ब्याज दरों से जुड़े अगले फैसलों पर नजर रख रहे हैं।
अगर अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड से मिलने वाला रिटर्न बढ़ता है, तो सोने की मांग प्रभावित हो सकती है। इससे कीमतों पर दबाव बना रह सकता है।
मुनाफावसूली से भी गिरे दाम
पिछले कुछ महीनों में सोने और चांदी की कीमतों में काफी तेजी आई थी। ऐसे में कई निवेशक अब मुनाफा कमाने के लिए अपनी खरीद बेच रहे हैं।
बाजार में इस बिकवाली को Profit Booking कहा जाता है। इसे कीमतों में गिरावट की एक प्रमुख वजह माना जा रहा है।
चांदी की औद्योगिक मांग भी अहम
चांदी का इस्तेमाल गहनों के अलावा इलेक्ट्रॉनिक्स और सोलर एनर्जी जैसे क्षेत्रों में भी होता है।
अगर इन क्षेत्रों में मांग घटने की आशंका बढ़ती है, तो चांदी की कीमत पर ज्यादा दबाव पड़ सकता है। चांदी में उतार-चढ़ाव भी सोने की तुलना में अधिक हो सकता है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना-चांदी सस्ते
भारतीय बाजार के साथ International Market में भी दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में गिरावट देखी गई।
वैश्विक बाजार में सोने का भाव 0.42 प्रतिशत गिरकर 4,034.45 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।
वहीं, चांदी की कीमत 2.47 प्रतिशत घटकर 52.355 डॉलर प्रति औंस रह गई।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में आई इस गिरावट का असर भारतीय वायदा बाजार पर भी दिखाई दिया।
क्या अभी सोना-चांदी खरीदना सही रहेगा?
सोने और चांदी के दाम घटने के बाद खरीदारी करने वालों के लिए कीमतों पर नजर रखना जरूरी है। हालांकि, केवल एक दिन की गिरावट देखकर तुरंत खरीदारी का फैसला करना सही नहीं होगा।
आने वाले दिनों में अमेरिका के महंगाई आंकड़े, ब्याज दरों पर फेडरल रिजर्व के संकेत और डॉलर की स्थिति कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं।
अगर शादी या किसी त्योहार के लिए सोना-चांदी खरीदना जरूरी है, तो पूरी खरीदारी एक साथ करने के बजाय अलग-अलग हिस्सों में खरीदने पर विचार किया जा सकता है।
इससे कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव का असर कुछ हद तक कम किया जा सकता है।
नोट: सोना-चांदी में निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें। MCX पर बताई गई कीमतें वायदा कारोबार की हैं। स्थानीय सराफा बाजार में भाव अलग हो सकते हैं।
FAQs
- चांदी और सोने की कीमतों में गिरावट का मुख्य कारण क्या है?
चांदी और सोने की कीमतों में गिरावट का मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति और निवेशकों की बिकवाली है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में संभावित वृद्धि के संकेत भी कीमतों पर दबाव डाल रहे हैं। - क्या अब सोना और चांदी खरीदना सही रहेगा?
सोने और चांदी के दामों में गिरावट के बाद खरीदारी करने वाले लोगों को कीमतों पर नजर रखना जरूरी है। तुरंत खरीदारी का फैसला करना सही नहीं होगा, इसलिए अलग-अलग हिस्सों में खरीदने पर विचार किया जा सकता है। - अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों का क्या हाल है?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमतों में 0.42 प्रतिशत और चांदी की कीमत में 2.47 प्रतिशत की गिरावट आई है, जिससे भारतीय वायदा बाजार पर भी इसका प्रभाव पड़ा है।