कौन हैं सोनिया सहरावत, जिनकी पोस्ट पर मचा बवाल
समझें क्या है पूरा मामला
- RAF की असिस्टेंट कमांडेंट सोनिया सहरावत एक बार फिर सुर्खियों में हैं।
- इस बार इसकी वजह उनकी कथित इंस्टाग्राम पोस्ट है।
- रिपोर्ट्स के मुताबिक यह पोस्ट स्टूडेंट प्रोटेस्ट को लेकर की गई थी।
- जंतर-मंतर पर ड्यूटी के दौरान हाथ टूटने के कारण सहरावत चर्चा में आई थीं।
- अब वह एक कथित इंस्टाग्राम पोस्ट के कारण फिर चर्चा में हैं।
कौन है सोनिया सहरावत
सोनिया सहरावत (रैपिड एक्शन फोर्स) यानी RAF में असिस्टेंट कमांडेंट के पद पर तैनात हैं। वह 7 मार्च 2023 से इस जिम्मेदारी को संभाल रही हैं। जुलाई 2026 तक उन्हें इस पद पर करीब तीन साल चार महीने का अनुभव हो चुका है।
सोनिया सहरावत ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से उच्च शिक्षा हासिल की है। उनकी प्रारंभिक शिक्षा ऋषिकुल विद्यापीठ से हुई। अपनी सेवा के दौरान वह कानून-व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुकी हैं।
क्या है कथित विवादित पोस्ट
रिपोर्ट्स के मुताबिक सोनिया सहरावत (Sonia Sehrawat) के नाम से cjp protest को लेकर एक पोस्ट सामने आई है। इस इंस्टाग्राम (Instagram) पोस्ट में कथित तौर पर लिखा गया कि जो लोग अपनी हालत नहीं सुधार सकते, वे देश की हालत सुधारने चले हैं।
पोस्ट में आंदोलनकारियों के लिए एक आपत्तिजनक शब्द इस्तेमाल किए जाने का भी दावा किया जा रहा है। हालांकि पोस्ट की प्रामाणिकता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
कथित पोस्ट सामने आते ही सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं आने लगीं। कई यूजर्स ने इसे एक सुरक्षाकर्मी की ओर से की गई अनुचित टिप्पणी बताया।हालांकि इस मामले में सहरावत या RAF की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
हाथ टूटने की घटना से आई थीं चर्चा में
सहरावत इससे पहले दिल्ली जंतर-मंतर में धरना में ड्यूटी के दौरान घायल होने के कारण सुर्खियों में आई थीं। उन्होंने बताया था कि भगदड़ में गिरी एक महिला प्रदर्शनकारी को बचाने की कोशिश में वह घायल हो गई थीं।
सहरावत के मुताबिक RAF की टीम ने शुरुआत में आंसू गैस का इस्तेमाल किए बिना प्रदर्शन को जंतर-मंतर तक सीमित रखा था। उन्होंने बताया था कि टीम ने हालात नियंत्रित करने के लिए संयम से काम लिया।
भगदड़ के दौरान महिला प्रदर्शनकारियों को बचाने की कोशिश में उनका हाथ टूट गया था।
“जब तक उकसाएंगे नहीं, लाठीचार्ज नहीं करेंगे”
घटना का जिक्र करते हुए सहरावत ने कहा था कि उनकी टीम ने संयम बरता था। प्रदर्शनकारियों से बार-बार सुरक्षा बैरिकेड पार नहीं करने की अपील की गई थी।उनके मुताबिक प्रदर्शन में छात्र भी शामिल थे, लेकिन कुछ लोग गड़बड़ी फैलाने की कोशिश कर रहे थे।
सहरावत ने बताया था कि उन्होंने प्रदर्शनकारियों को चेतावनी दी थी कि जब तक वे सुरक्षाबलों को नहीं उकसाएंगे, तब तक लाठीचार्ज नहीं किया जाएगा। उन्होंने शांति बनाए रखने पर पूरा सहयोग देने का भरोसा भी दिलाया था।
अब उठ रहे सवाल
कथित पोस्ट सामने आने के बाद सवाल उठ रहे हैं कि ड्यूटी पर तैनात अधिकारी की ओर से ऐसी टिप्पणी करना कितना उचित है।हालांकि पोस्ट की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इस मामले में RAF की प्रतिक्रिया और सोनिया सहरावत का पक्ष सामने आना भी बाकी है।पुख्ता प्रमाण और आधिकारिक बयान के बिना पोस्ट को सहरावत का प्रमाणित बयान नहीं माना जा सकता।
FAQ
- सोनिया सहरावत की कथित विवादित पोस्ट में क्या लिखा था?
रिपोर्ट्स के मुताबिक कथित पोस्ट में आंदोलनकारियों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी। इसमें कहा गया था कि जो लोग अपनी हालत नहीं सुधार सकते, वे देश की हालत सुधारने चले हैं। हालांकि पोस्ट की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। - सोनिया सहरावत पहले क्यों चर्चा में आई थीं?
जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान भगदड़ में एक महिला प्रदर्शनकारी को बचाने की कोशिश में उनका हाथ टूट गया था। इसके बाद वह मीडिया में चर्चा में आई थीं। - क्या पोस्ट पर RAF या सहरावत का आधिकारिक बयान आया है?
फिलहाल इस मामले में सोनिया सहरावत या RAF की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आधिकारिक बयान आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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