OpenAI के CTO श्रीनिवास नारायणन ने माता-पिता के लिए छोड़ी करोड़ों की नौकरी, भारत लौटेंगे

Sanjay Dhiman | Apr 22, 2026, 23:45 IST
Photograph: (the sootr)
OpenAI के चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर श्रीनिवास नारायणन ने अपने बुजुर्ग माता-पिता की सेवा के लिए नौकरी छोड़ दी। यह निर्णय सोशल मीडिया पर काफी सराहा जा रहा है।

News in Short

  • पदों का त्याग: OpenAI के CTO श्रीनिवास नारायणन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
  • माता-पिता की सेवा: उन्होंने बुजुर्ग माता-पिता की सेवा और देखभाल के लिए यह निर्णय लिया।
  • भारत वापसी: वे जल्द ही अमेरिका से भारत लौटकर अपने परिवार के साथ रहेंगे।
  • शानदार योगदान: उनके नेतृत्व में 'ChatGPT' और 'API' जैसे बड़े वैश्विक प्रोडक्ट्स लॉन्च हुए।
  • अनुभव साझा किया: उन्होंने सोशल मीडिया पर टीम को धन्यवाद दिया और अपना सफर बताया।

News in Detail

सिलिकॉन वैली में आज हर तरफ एक ही नाम की चर्चा है। यह नाम है श्रीनिवास नारायणन का, जिन्होंने सबको चौंका दिया। उन्होंने दुनिया की सबसे बड़ी AI कंपनी OpenAI से इस्तीफा दे दिया। नारायणन वहां चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर यानी CTO के पद पर थे। इतनी बड़ी उपलब्धि के बाद भी उन्होंने घर वापसी चुनी है।



उनके इस फैसले ने पूरी दुनिया का दिल जीत लिया है। उन्होंने साफ कहा कि अब परिवार को समय देना जरूरी है। उनके बुजुर्ग माता-पिता भारत में अकेले रहते हैं और वे परेशान थे। अब श्रीनिवास उनके पास रहकर उनकी सेवा करना चाहते हैं।



OpenAI में श्रीनिवास का शानदार और यादगार सफर

श्रीनिवास ने पिछले तीन साल OpenAI को पूरी तरह समर्पित किए। वे कहते हैं कि ये तीन साल दस साल के बराबर थे। उनके नेतृत्व में कंपनी ने 'ChatGPT' जैसा क्रांतिकारी प्रोडक्ट लॉन्च किया। उन्होंने API और B2B इंजीनियरिंग टीम को बहुत मजबूती से खड़ा किया। जब वे आए थे, तब टीम में सिर्फ 40 लोग थे।



आज OpenAI दुनिया की सबसे ताकतवर टेक्नोलॉजी कंपनियों में से एक है। उन्होंने सैम ऑल्टमेन के साथ काम करने को शानदार अनुभव बताया। श्रीनिवास ने अपनी टीम को एक इमोशनल फेयरवेल मैसेज भी लिखा। उन्होंने लिखा कि कंपनी अब सही हाथों में और सुरक्षित है।



IIT मद्रास से लेकर फेसबुक तक का सफर

श्रीनिवास नारायणन की पढ़ाई की नींव भारत में ही रखी गई थी। उन्होंने 1995 में IIT मद्रास से कंप्यूटर साइंस में बीटेक किया। इसके बाद वे उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका चले गए थे। वहां उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ विस्कोंसिन-मेडिसन से अपनी मास्टर्स डिग्री ली।



करियर की शुरुआत उन्होंने 1997 में दिग्गज कंपनी IBM से की थी। साल 2008 में वे फेसबुक से जुड़े और वहां वाइस प्रेसिडेंट बने। फेसबुक में उन्होंने लगभग 13 साल तक बड़ी जिम्मेदारी निभाई थी। उनकी काबिलियत देख OpenAI ने उन्हें अपनी टीम में शामिल किया।



सोशल मीडिया पर क्यों हो रही है इतनी तारीफ?

जैसे ही श्रीनिवास ने 'X' पर अपने इस्तीफे की खबर दी। वैसे ही सोशल मीडिया पर उनकी तारीफों के पुल बंध गए। लोग उन्हें "असली भारतीय बेटा" कहकर संबोधित कर रहे हैं। आज के दौर में जब लोग करियर के पीछे भागते हैं। तब श्रीनिवास ने माता-पिता के प्यार और फर्ज को चुना है। कई बड़े टेक दिग्गजों ने भी उनके इस फैसले का स्वागत किया। भारतीय संस्कृति में माता-पिता की सेवा को सबसे ऊपर माना जाता है। श्रीनिवास ने इस बात को पूरी दुनिया के सामने सच कर दिखाया। वे अगले हफ्ते के अंत तक अपना कार्यभार छोड़ देंगे।



भारत वापसी और भविष्य की नई उम्मीदें

श्रीनिवास नारायणन अब जल्द ही भारत के लिए उड़ान भरेंगे। वे सैन फ्रांसिस्को में पिछले कई सालों से बस गए थे। लेकिन अब उनकी प्राथमिकता उनका घर और उनके बूढ़े मां-बाप हैं। हालांकि, टेक जगत को उम्मीद है कि वे भारत लौटेंगे। भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम को उनके अनुभव से बहुत फायदा होगा। वे भारत में रहकर भी तकनीक की दुनिया में योगदान देंगे। फिलहाल, वे सिर्फ अपने परिवार के साथ सुकून से रहना चाहते हैं। यह फैसला प्रोफेशनल लाइफ से ज्यादा पर्सनल वैल्यूज की जीत है।



यह खबरें भी पढ़ें...



सबरीमाला मंदिर मामले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा संदेश: हिंदू समाज एकजुट रहे



कांग्रेस में ‘वन लाइन’ की जगह कई सुर : मैहर–विंध्य क्षेत्र में गुटबाजी का खुला खेल, निष्कासित नेता की वापसी पर बवाल



होर्मुज स्ट्रेट में ईरान ने की गोलीबारी: भारत आ रहे जहाज समेत 2 को IRGC ने किया जब्त



होर्मुज स्ट्रेट पर गोलीबारी के बाद दिल्ली ने दी चेतावनी, ऐसी हरकत बर्दाश्त नहीं होगी





Tags:
  • ChatGPT
  • फेसबुक
  • परिवार
  • OpenAI
  • माता-पिता की सेवा
  • श्रीनिवास नारायणन