किराया ज्यादा है तो हवाई यात्रा मत कीजिए, 700% बढ़ोतरी वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से किया इनकार
खबरों के मुताबिक, जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की बेंच ने सुनवाई की थी। इस दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए एडवोकेट ने अपनी दलील रखी।
उन्होंने कहा कि हवाई यात्रा एक जरूरी सेवा है। किराए में इतनी बड़ी बढ़ोतरी संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है। संविधान का अनुच्छेद 14 सभी को समानता का अधिकार देता है। यह कानून के सामने समानता और समान संरक्षण की गारंटी देता है।
त्योहारों पर कियाए पर अदालत की चिंता
सुप्रीम कोर्ट की सुनवाइ में त्योहारों के दौरान कियाए में अचानक बढ़ोतरी पर चिंता जताई गई है। अदालत ने कहा कि त्योहारों पर किराया बेतहाशा बढ़ना यात्रियों का शोषण है। सुनवाई में प्रयागराज और जोधपुर जैसे रूट का जिक्र हुआ, जहां त्योहारों के पहले किराया कई गुना बढ़ने की बात कही गई।
मई 2026 की सुनवाई में अदालत ने एक ही रूट पर एक ही दिन दो अलग कियाए का उदाहरण दिया। इसमें एक एयरलाइन का किराया आठ हजार और दूसरी का 18 हजार बताया गया। इस पर बेंच ने केंद्र से किराए में कुछ तर्कसंगतता (Rationality) लाने को कहा है।
नए नियमों को मिली मंजूरी
16 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई हुई थी। केंद्र सरकार ने नए नियमों की जानकारी अदालत को दी। सरकार ने बताया कि नियमों को प्रशासनिक मंजूरी मिल गई है। ये नियम भारतीय वायुयान अधिनियम, 2024 के तहत बनाए गए हैं। सरकार इन्हें जल्द प्रकाशित करेगी।
अदालत ने सॉलिसिटर जनरल से एक निर्देश दिया है। उनसे अगली सुनवाई पर प्रकाशित नियम पेश करने को कहा है। याचिकाकर्ता के वकील ने भी अपनी दलील रखी। उन्होंने कहा कि नया कानून लागू होने तक पुराने नियम प्रभावी हैं। उनके मुताबिक, DGCA महंगे हवाई किराए पर निर्देश जारी कर सकता है।
16 नवंबर को होगी अगली सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को निर्देश दिया था। कोर्ट ने उनसे प्रकाशित नियम पेश करने को कहा था। ये नियम भारतीय वायुयान अधिनियम, 2024 के तहत बनाए गए हैं।इस मामले की अगली सुनवाई 16 नवंबर को होगी। इससे पहले 17 अगस्त को भी केंद्र ने जानकारी दी थी।
सरकार ने बताया था कि नियम बनाने की प्रक्रिया तेज की गई है। इसका उद्देश्य भारतीय विमानन क्षेत्र को आधुनिक बनाना है। पिछले साल नवंबर में सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई की थी। तब अदालत ने केंद्र सरकार और संबंधित पक्षों से जवाब मांगा था।
यह खबर क्यों जरूरी है?
आज हवाई यात्रा सिर्फ घूमने-फिरने तक सीमित नहीं है। कई बार लोगों को जरूरी कामों से भी सफर करना पड़ता है। त्योहारों पर भी बड़ी संख्या में लोग हवाई यात्रा करते हैं। ऐसे समय टिकटों के दाम बढ़ने से आम लोगों का बजट बिगड़ता है। नए नियम बनने से कियाए पर नजर रखी जा सकेगी। इससे यात्रियों को राहत और सही जानकारी मिल सकती है।
FAQs
- हवाई किराये का मामला सुप्रीम कोर्ट में किसने उठाया है?
- सामाजिक कार्यकर्ता एस. लक्ष्मीनारायणन ने याचिका दायर की है।
- अगली सुनवाई कब होगी?
- मामले की अगली सुनवाई 16 नवंबर को तय है।
- केंद्र सरकार ने नए नियमों के बारे में क्या जानकारी दी है?
- केंद्र ने बताया है कि भारतीय वायुयान अधिनियम, 2024 के नियमों को प्रशासनिक मंजूरी मिल गई है और ये जल्द प्रकाशित होंगे।