मंदिर हो, दरगाह हो या फिर गुरुद्वारा, अगर सड़क के बीच में है तो यह बाधा नहीं बनना चाहिए : सुप्रीम कोर्ट
Supreme Court Order : सुप्रीम कोर्ट ने देश में चल रहे बुलडोजर ऐक्शन के मामले में सुनवाई की। इस दौरान कोर्ट ने कहा कि, अगर कोई धार्मिक स्थल सड़क के बीच होगा फिर चाहे वह गुरुद्वारा, दरगाह या मंदिर हो, यह जनता के लिए बाधा नहीं बन सकता है। कोर्ट ने आगे कहा, हम एक धर्मनिरपेक्ष देश हैं।
इसके अलावा कोर्ट ने देश के सभी नागरिकों के लिए इसको लेकर गाइडलाइन जारी करने की बात कही है। कोर्ट का कहना है कि बुलडोजर कार्रवाई और अतिक्रमण विरोधी अभियान के लिए उसके निर्देश सभी नागरिकों के लिए होंगे, फिर चाहे वह किसी भी धर्म को मानने वाले हों।
'सार्वजनिक सुरक्षा सर्वोपरि'
बुलडोजर एक्शन से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सार्वजनिक सुरक्षा सर्वोपरि है। कोर्ट का कहना है कि सड़क, जल निकायों या रेल की पटरियों पर अतिक्रमण/कब्जा करने वाले किसी भी धार्मिक ढांचे या इमारत को हटाया जाना चाहिए।
कोर्ट का मानना है कि इस तरह से अतिक्रमण/कब्जा करना संवैधानिक रूप से गलत है। इसके अलावा कोर्ट ने देश के सभी नागरिकों के लिए इसको लेकर गाइडलाइन जारी करने की बात कहते हुए कहा, बुलडोजर कार्रवाई और अतिक्रमण विरोधी अभियान के लिए उसके निर्देश सभी नागरिकों के लिए होंगे, फिर चाहे वह किसी भी धर्म को मानने वाले हों।
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