बुलडोजर न्याय पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, राज्य सरकारों से पूछा- आप किसी का घर कैसे गिरा सकते हैं?

Dolly patil | Sept 02, 2024, 13:40 IST
बुलडोजर
सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों के बुलडोजर एक्शन पर सख्त नाराजगी जाहिर की है। कोर्ट ने कहा कि बिना कानूनी प्रक्रिया के किसी का घर नहीं गिराया जा सकता।

सुप्रीम कोर्ट ने विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा चलाए जा रहे बुलडोजर एक्शन (Bulldozer Action) के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। एक याचिका की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए सवाल उठाया कि क्या कोई सिर्फ इस आधार पर किसी का घर ध्वस्त कर सकता है कि वह व्यक्ति एक आरोपी है? कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि कोई आरोपी दोषी भी पाया जाता है, तब भी उसके घर को बिना कानूनी प्रक्रिया का पालन किए ध्वस्त नहीं किया जा सकता।



सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख- स्पष्ट दिशा- निर्देश बनें

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि वह किसी भी प्रकार के अवैध निर्माण (Illegal Construction) को संरक्षण नहीं देगा। न्यायालय ने कहा कि वह इस मामले में अखिल भारतीय स्तर पर दिशा- निर्देश निर्धारित करने का प्रस्ताव करता है। मामले की अगली सुनवाई 17 सितंबर को निर्धारित की गई है।



घर गिराना संविधान के अधिकारों का उल्लंघन

यह टिप्पणी सुप्रीम कोर्ट द्वारा उन याचिकाओं की सुनवाई के दौरान की गई, जो विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा चलाए जा रहे बुलडोजर एक्शन के खिलाफ दायर की गई थीं। याचिकाकर्ताओं ने अदालत से अपील की थी कि बिना उचित कानूनी प्रक्रिया के किसी का घर गिराना संविधान के अधिकारों का उल्लंघन है। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों को स्पष्ट किया कि उन्हें कानूनी प्रक्रिया का पालन करना चाहिए और केवल न्यायालय के आदेश के बाद ही किसी का घर ध्वस्त किया जा सकता है।



अब आगे क्या

सुप्रीम कोर्ट के इस सख्त रुख से विभिन्न राज्य सरकारों के बुलडोजर एक्शन पर सवाल खड़े हो गए हैं। अब यह देखना होगा कि राज्य सरकारें इस पर कैसे प्रतिक्रिया देती हैं और आगे की कार्रवाई के लिए कौन से कदम उठाती हैं। सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई में यह तय हो सकता है कि इस प्रकार के मामलों में भविष्य में क्या कानूनी दिशा-निर्देश बनाए जाएंगे।



thesootr links

द सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट के साथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें



Tags:
  • Supreme Court
  • सुप्रीम कोर्ट
  • अवैध निर्माण
  • बुलडोजर एक्शन
  • राज्य सरकारें
  • संविधान अधिकार
  • अखिल भारतीय दिशानिर्देश
  • बुलडोजर न्याय