टैक्स ऑडिट से चूके तो लगेगा 1.5 लाख का झटका, डेडलाइन से पहले निपटा लें ये काम

Manya Jain | Sept 25, 2026, 19:13 IST
tax audit report deadline 30 september
30 सितंबर तक टैक्स ऑडिट का काम निपटा लें। डेडलाइन चूके तो डेढ़ लाख रुपये तक का तगड़ा जुर्माना लग सकता है। सीबीडीटी ने तारीख बढ़ाने का कोई ऐलान नहीं किया है।

टैक्स ऑडिट रिपोर्ट जमा करने की आखिरी तारीख 30 सितंबर 2026 नजदीक आ रही है। अगर आप समय पर यह काम नहीं करते हैं, तो भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। डेडलाइन चूकने पर आपको धारा 271B के तहत डेढ़ लाख रुपये तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है।



सीबीडीटी ने अभी तक तारीख बढ़ाने का कोई ऐलान नहीं किया है। इसलिए आखिरी वक्त की भागदौड़ से बचने के लिए अपना काम समय से पूरा कर लें।



क्या डेडलाइन बढ़ेगी

कई सीए (Chartered Accountants) और टैक्स प्रोफेशनल्स सरकार से मांग कर रहे हैं कि टैक्स फाइल करने या ऑडिट की डेडलाइन बढ़ाकर 31 अक्टूबर कर दी जाए। सोशल मीडिया पर भी यह बात जोर-शोर से चल रही है क्योंकि रीकंसिलिएशन, वेरिफिकेशन और ऑडिट के काम का बोझ बहुत ज्यादा है।



लेकिन सरकार या सीबीडीटी (CBDT) की तरफ से अभी तक डेडलाइन बढ़ाने का कोई आधिकारिक ऐलान नहीं आया है। इसलिए समझदारी इसी में है कि आप 30 सितंबर की आखिरी तारीख को ही मानकर अपना सारा काम समय पर पूरा कर लें।



आखिरी दिनों में क्यों बढ़ती है परेशानी

ऑडिट के सीजनमें अक्सर देखा गया हैकि पोर्टल पर आखिरी 2से 3 दिनों में भारीट्रैफिक की वजह सेसर्वर धीमा पड़ जाताहै। कई बार OTP आनेमें देरी होती है याडॉक्यूमेंट अपलोड फेलहो जाता है।



अगर आपसोच रहे हैं कि सीएआखिरी दिन सब संभाललेंगे, तो यह गलतफहमीछोड़ दें। रीकंसिलिएशनऔर पेपर्स वेरिफाईकरने में समय लगता है।इसलिए 28 या 29 सितंबरका इंतजार करने केबजाय आज ही अपने सीएके साथ बैठकर फाइलिंगका पूरा प्रोसेस निपटालेना चाहिए।



टैक्स ऑडिट और ITR डेडलाइन में कन्फ्यूजन क्यों

टैक्स ऑडिट रिपोर्ट औरइनकम टैक्स रिटर्न(ITR – Income TaxReturn) की डेडलाइन कोलेकर कई लोगों मेंउलझन रहती है। जिनटैक्सपेयर्स का ऑडिटहोना है, उनके लिएटैक्स ऑडिट रिपोर्ट 30सितंबर 2026 तक अपलोडकरनी है।



वहीं इसीश्रेणी के टैक्सपेयर्सके लिए ITR भरने कीआखिरी तारीख 31अक्टूबर 2026 है।रिपोर्ट जमा करने केबाद टैक्सपेयर कोपोर्टल पर जाकर उसेस्वीकार करना और UDIN(Unique DocumentIdentificationNumber) अपडेट करना भीजरूरी है। ऐसा न करनेपर रिपोर्ट अधूरी मानीजाएगी।



फाइलिंग से पहले चेक करें ये 5 बड़ी बातें

टैक्सऑडिट रिपोर्ट भरने सेपहले कुछ जरूरीबिंदुओं की जांच जरूरीहै, ताकि बाद में कोईनोटिस या गड़बड़ी नहो।



TDS और TCS क्रेडिट का मिलान करें

TDS (Tax Deducted atSource) और TCS (TaxCollected at Source)क्रेडिट को इनकम टैक्सपोर्टल पर मौजूद Form26AS, AIS और TIS सेपूरी तरह मैच करनाजरूरी है। टर्नओवर याTDS क्रेडिट में कोईअंतर नहीं होना चाहिए।अगर किसी रकम में फर्कहै, तो ITR भरने सेपहले उसे ठीक कर लें।



इनएलिजिबल खर्चों की जांच करें

ऐसेखर्चों को जरूर चेककरें जिन्हें टैक्सकैलकुलेशन में जोड़ाजाता है। जैसे TDS सेजुड़ी गलती, तय सीमासे ज्यादा कैश पेमेंटया माइक्रो-स्मॉलएंटरप्राइजेज से जुड़ेभुगतान की सहीजानकारी। इन्हें सहीतरीके से रिपोर्ट करनाजरूरी है।



कैरी फॉरवर्ड लॉस का मिलान करें

पिछले सालों केकैरी फॉरवर्ड बिजनेसलॉस और अनएब्जॉर्ब्डडेप्रिसिएशन का मिलानपुराने रिकॉर्ड सेजरूर करें। यह आंकड़ागलत होने से टैक्सऑडिट रिपोर्ट और ITRमें अंतर आ सकता है।



टर्नओवर को क्रॉस-चेक करें

टर्नओवर को GST (Goodsand Services Tax)रिटर्न, 26AS औरAIS/TIS से क्रॉस-चेककरना जरूरी है। बिजनेसकोड यानी HSN/SAC(Harmonized System ofNomenclature/ServicesAccounting Code) औरलोन-डिपॉजिट कीरिपोर्टिंग भी सहीतरीके से मैच होनीचाहिए।



जरूरी क्लॉज ध्यान से भरें

क्लॉज 22 में MSME(Micro, Small andMedium Enterprises)और सेक्शन 43बी(h) सेजुड़ी जानकारी, क्लॉज31 में लोन-डिपॉजिट कीडिटेल और क्लॉज 36बीमें शेयर बायबैक सेजुड़ी रिपोर्टिंगध्यान से देखनी चाहिए।GST, PF (ProvidentFund) और ESI(Employee StateInsurance) जैसेभुगतान की तारीखें भीसही होनी चाहिए।



इसकेअलावा UDIN अपडेट करनाऔर पोर्टल परटैक्सपेयर की तरफ सेरिपोर्ट स्वीकार करनाभी जरूरी है। इसेभूलना भी एक बड़ी गलतीसाबित हो सकता है।



रिवाइज रिपोर्ट जमा करने के नियम

अगररिपोर्ट जमा करने केबाद कोई छोटी क्लर्कलगलती सामने आती है,जैसे नाम, पता, UDINया छूटा हुआ बैंकखाता, तो रिपोर्ट कोरिवाइज किया जा सकताहै।



30 सितंबर के बादभी 31 मार्च 2027 तकरिपोर्ट में संशोधनकिया जा सकता है,बशर्ते बदलाव वास्तविकहों। अकाउंटिंग मेथडबदलने या बिजनेस इनकमको कैपिटल गेन बतानेजैसे बड़े फेरबदल कीइजाजत नहीं मिलती।



अगर 30 सितंबर के बादटैक्स जमा किया जाताहै या रिपोर्ट रिवाइजहोती है, तो 31अक्टूबर से पहले जमाकी जाने वाली ITR भीउसी रिवाइज्ड रिपोर्टके हिसाब से ही होनीचाहिए। ऐसा न करने परडिफेक्टिव रिटर्न कानोटिस आ सकता है।



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