सफाई कर्मचारी को दो लाख तो इंजीनियर को मिल रहे सात लाख, इस राज्य में स्वीपर हो रहे मालामाल

Aman Vaishnav | Feb 27, 2026, 16:10 IST
telangana government employees salary hike chief secretary report
भारत के एक राज्य में अब सरकारी कर्मचारियों की सैलरी चर्चा का मुख्य विषय बन गई है। इस राज्य के खजाने का बड़ा हिस्सा अब सिर्फ कर्मचारियों के वेतन पर खर्च हो रहा है। कुछ विभागों में तो सैलरी आईएएस अफसरों और गवर्नर से भी ज्यादा हो गई है।

तेलंगाना में सरकारी कर्मचारियों की सैलरी को लेकर एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है। राज्य के चीफ सेक्रेटरी के. रामकृष्ण राव ने 25 फरवरी को बताया कि पिछले 10 सालों में राज्य का सैलरी और पेंशन बिल चार गुना बढ़कर अब करीब 6 हजार करोड़ रुपए प्रति माह हो गया है।



खास बात ये है कि लंबे समय से काम कर रहे स्वीपर्स और सैनिटेशन वर्कर्स अब महीने में करीब 2 लाख रुपए तक कमा रहे हैं। ये स्वीपर्स और सैनिटेशन सीनियर क्लास-4 के कर्मचारी हैं।



सात लाख रुपए महीने की सैलरी

रामकृष्ण राव ने बताया कि 2014 में तेलंगाना आंध्र प्रदेश से अलग होकर नया राज्य बना था। तब हर महीने सैलरी और पेंशन पर करीब 1500 करोड़ रुपए खर्च होते थे। यह खर्च तीन गुना बढ़कर करीब 300% तक पहुंच गया है। इसका कारण समय-समय पर वेतन रिवीजन और चुनाव के समय वेतन बढ़ोतरी के फैसले हैं।



अब सरकारी खजाने का एक बड़ा हिस्सा वेतन और पेंशन पर खर्च हो रहा है। चीफ सेक्रेटरी ने बताया कि खासकर बिजली विभाग में सैलरी ज्यादा है। यहां हर चार साल में वेतन बढ़ाया जाता है। यही वजह है कि कुछ चीफ इंजीनियरों की सैलरी सात लाख रुपए महीने तक पहुंच रही है।



IAS अफसरों से ज्यादा सैलरी

सरकार के वेतन संसोधन का असर बहुत ज्यादा हुआ है। इसन वजह से कुछ सरकारी कंपनियों के कर्मचारियों की सैलरी आईएएस अफसरों और गवर्नर से भी ज्यादा हो गई है। ये बदलाव सरकार (तेलंगाना सरकार) के रिविजन कमीशन के जरिए तय किए गए फिटमेंट पर्सेंटेज से हुआ है।



इस पर्सेंटेज का असर कर्मचारियों की बेसिक सैलरी और डियरनेस अलाउंस पर पड़ता है। इससे उनकी कुल सैलरी में बड़ा इजाफा हुआ है।



कर्मचारियों की शुरुआती सैलरी 28 हजार

जानकारी के अनुसार नगर निगम कर्मचारियों की शुरुआती सैलरी करीब 28 हजार रुपए प्रति माह होती है। कोई ड्राइवर या सैनिटेशन वर्कर 25-30 साल तक काम करता है, तो उसकी सैलरी और भत्तों के साथ 1 लाख रुपए से ज्यादा हो जाती है।



ग्रेटर हैदराबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (जीएचएमसी) में लगभग 2% सैनिटेशन वर्कर्स ऐसे हैं जिन्हें नियमित कर्मचारी बना दिया गया है। इन कर्मचारियों को औसतन 70 हजार रुपए महीने की सैलरी मिलती है। साथ ही कई अन्य लाभ भी मिलते हैं।



वहीं वरिष्ठ कर्मचारियों की सैलरी 2 लाख रुपए तक पहुंच रही है। इसका कारण लंबा अनुभव और सैलरी में कई बदलाव है।



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