रेप के आरोपी ने जमानत मिलते ही की पत्नी, 2 बच्चों और पीड़िता सहित 3 की हत्या
समझें क्या है पूरा मामला...
- जमानत मिलते ही आरोपी ने कर दीं 6 हत्याएं।
- रेप केस के आरोपी ने परिवार समेत पीड़िता को मारा।
- तेलंगाना में दहला देने वाला हत्याकांड, 6 मौतें।
- पहले पत्नी बच्चों को मारा, फिर पीड़ित परिवार को।
- पुलिस की लापरवाही से हुआ बड़ा हत्याकांड, आरोप।
तेलंगाना के रंगा रेड्डी जिले में एक बड़ा हत्याकांड हुआ। नाबालिग से रेप के आरोपी ने जमानत मिलते ही 6 लोगों की हत्या कर दी। पहले उसने अपनी पत्नी और दो बच्चों को मारा। फिर वह दूसरे गांव गया और पीड़िता, उसकी मां और नानी की हत्या की। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस की लापरवाही की वजह से यह वारदात हुई।
शुक्रवार रात हुई पहली तीन हत्याएं
रंगा रेड्डी जिले में एक व्यक्ति ने शुक्रवार रात अपने ही घर में तीन हत्याएं कीं। उसने पहले अपनी 30 साल की पत्नी की हत्या की। इसके बाद उसने अपने 4 साल और 18 महीने के दोनों बेटों को भी मार डाला। यह आरोपी कुछ समय पहले ही एक नाबालिग से रेप के मामले में जमानत पर बाहर आया था।
दूसरे गांव में तीन और हत्याएं
पत्नी और बच्चों की हत्या के बाद आरोपी करीब 6 किलोमीटर दूर दूसरे गांव पहुंचा। वहां उसने रेप पीड़िता, उसकी मां और नानी की भी हत्या कर दी। पीड़िता ने 16 मई को पॉक्सो एक्ट (POCSO – Protection of Children from Sexual Offences) के तहत आरोपी राजकुमार के खिलाफ केस दर्ज कराया था।
परिवार ने बताई धमकी की बात
पीड़िता के मामा नरेश ने बताया कि आरोपी ने उनकी रिश्तेदार और भांजी दोनों की हत्या कर दी। उन्होंने बताया कि आरोपी पहले भी लड़की को परेशान करता था।
उनके मुताबिक आरोपी ने धमकी दी थी कि वह एक-दो हफ्ते में पूरे परिवार को मार डालेगा। मामला दर्ज होने के बाद भी उसे पूछताछ या रिमांड के लिए नहीं ले जाया गया था।
पुलिस पर लापरवाही का आरोप
परिवार का कहना है कि उन्हें पता था कि आरोपी कहां है, लेकिन पुलिस को इसकी जानकारी नहीं थी। उनके मुताबिक मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था।
घटना के 20 दिन बाद परिवार ने दोबारा पुलिस को बताया कि आरोपी घूम रहा है और लड़की को मारने की धमकी दे रहा है। परिवार का दावा है कि आरोपी सिर्फ दो दिन में जमानत पर बाहर आ गया था।
रिश्वत देकर मामला दबाने का आरोप
मामा नरेश ने आरोप लगाया कि आरोपी ने रिश्वत देकर मामला दबाया। उनका कहना है कि पुलिस की लापरवाही की वजह से यह पूरी घटना हुई। उन्होंने मांग की कि जिम्मेदार पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया जाए। परिवार ने आरोपी को उनके हवाले करने की भी मांग की है।
क्या है पॉक्सो कानून
पॉक्सो एक विशेष कानून है। यह नाबालिग बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों को रोकने के लिए 2012 में लागू हुआ था। इस कानून के तहत 18 साल से कम उम्र का हर व्यक्ति बच्चा माना जाता है।
मामलों की सुनवाई के लिए विशेष पॉक्सो कोर्ट बनाई जाती हैं। पीड़ित बच्चे की पहचान उजागर करना कानूनन अपराध है। 2019 के संशोधन के बाद गंभीर मामलों में उम्रकैद या मृत्युदंड तक की सजा का प्रावधान है।
FAQ
- तेलंगाना में यह हत्याकांड कैसे हुआ?
रेप के आरोपी ने जमानत पर बाहर आते ही पहले पत्नी और दो बच्चों की हत्या की। फिर उसने दूसरे गांव जाकर पीड़िता, उसकी मां और नानी को मार डाला। कुल 6 लोगों की जान गई। - आरोपी को जमानत कैसे मिली?
पीड़ित परिवार के मुताबिक आरोपी सिर्फ दो दिन में जमानत पर बाहर आ गया था। परिवार का आरोप है कि उसने रिश्वत देकर मामला दबाया। पुलिस की जांच अभी बाकी है। - पॉक्सो कानून क्या है?
पॉक्सो नाबालिगों के खिलाफ यौन अपराधों को रोकने के लिए 2012 में बना कानून है। इसमें 18 साल से कम उम्र का हर व्यक्ति बच्चा माना जाता है। गंभीर मामलों में उम्रकैद तक की सजा हो सकती है।
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