Christa Pike Case: दो जहरीले इंजेक्शन देने के बाद भी बची जान, आखिर कैसे? अब रोकनी पड़ी मौत की सजा

Manya Jain | Sootr Creatives | Oct 02, 2026, 19:23 IST
अमेरिका में मौत की सजा की हैरान करने वाली घटना
अमेरिका के टेनेसी में क्रिस्टा पाइक को दो घातक इंजेक्शन दिए गए, लेकिन वे जिंदा रहीं। उन्हें अस्पताल ले जाया गया। यह Tennessee execution सवालों में है, क्योंकि प्रोटोकॉल में इसके आगे का रास्ता साफ नहीं। गवर्नर बिल ली ने स्वतंत्र समीक्षा के आदेश दिए हैं। पाइक को कोलीन स्लेमर हत्या के लिए 1996 में मौत की सजा मिली थी। जानें क्या है पूरे मामला...

समझें क्या है पूरा मामला

  • क्रिस्टा पाइक टेनेसी में मौत की सजा पाने वाली इकलौती महिला हैं।
  • बुधवार रात नैशविले की जेल में उन्हें Pentobarbital की दो खुराकें दी गईं।
  • दो खुराक के बाद भी उनकी मौत नहीं हुई।
  • उन्हें अस्पताल भेजा गया और गवर्नर ने स्वतंत्र समीक्षा के आदेश दिए।
  • प्रोटोकॉल में दूसरे सेट के बाद की स्थिति साफ नहीं लिखी है।

मौत की सजा के बाद जिंदा कैसे?

बुधवार रात करीब 8 बजे (भारतीय समय के मुताबिक गुरुवार सुबह 6.30 बजे) यह Tennessee execution शुरू हुई। एपी (AP – Associated Press) के मुताबिक गवाह कक्ष का पर्दा दो बार बंद किया गया। कुछ देर बाद मीडियाकर्मियों को वहां से जाने को कहा गया।



पाइक के वकीलों ने आखिरी समय में आपातकालीन याचिका दायर की। उसमें लिखा था कि वे बेहोश हैं, पर दिल की धड़कन चल रही है।



मौत की सजा के बाद जिंदा रहना। यही इस खबर की सबसे चौंकाने वाली बात है।



दूसरे सेट के बाद प्रोटोकॉल में क्या?

टेनेसी के प्रोटोकॉल में दवाओं की सिरिंज का दूसरा सेट रखने का प्रावधान है। पहले सेट से मौत न हो, तो दूसरा इस्तेमाल हो सकता है। दूसरे के बाद भी व्यक्ति जिंदा रहे, तो क्या हो, यह प्रोटोकॉल नहीं बताता। पाइक के मामले में यही हुआ।



वकीलों और डॉक्टर ने क्या कहा?

टीम ने कहा कि नसों तक पहुंचने में दिक्कत, नसों का फटना और खराब पेंटोबार्बिटल जैसे मुद्दे सच साबित हुए। तुरंत मेडिकल मदद न मिलना भी इनमें शामिल है। टेनेसी सुधार विभाग ने खराब दवा के आरोप पर सीधा जवाब नहीं दिया।



डॉक्टर जिवोट की राय: दिमाग को खतरा

कानूनी टीम ने जिवोट को मेडिकल विशेषज्ञ नियुक्त किया था। उनके मुताबिक पाइक के खून में पेंटोबार्बिटल की पर्याप्त मात्रा शायद नहीं पहुंची।



सुप्रीम कोर्ट ने क्या फैसला दिया?

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने सजा रोकने की दो अलग कोशिशें खारिज कर दीं। बुधवार देर रात उसने निचली अदालत की दी मोहलत भी पलट दी।



एक अपील में वकीलों ने कहा कि 1996 की सजा से पहले जूरी (फैसला सुनाने वाले आम नागरिकों का समूह) के सामने बचपन के शोषण के सबूत नहीं रखे गए। हाल की सुनवाई में राज्य ने इस शोषण से इनकार नहीं किया।



कोलीन स्लेमर हत्या की कहानी

पाइक 18 साल की थीं, जब उन्होंने तत्कालीन प्रेमी टैडारिल शिप के साथ मिलकर कोलीन स्लेमर हत्या को अंजाम दिया। स्लेमर 19 साल की थीं। पाइक और शिप की मुलाकात परेशान किशोरों के जॉब ट्रेनिंग कैंप में हुई थी।



पाइक ने क्षमादान (सजा माफ करने की अपील) याचिका में कहा कि वे स्लेमर को पीटना चाहती थीं, मारना नहीं। स्लेमर की मां मे मार्टिनेज सजा के पक्ष में थीं। गवर्नर ने इसी हफ्ते पाइक की क्षमादान अपील खारिज की थी।



टेनेसी मौत की सजा पर आगे क्या?

गवर्नर ने कहा कि इस साल की आखिरी मौत की सजा अब तय योजना से नहीं होगी। अधिकारियों ने नहीं बताया कि पाइक को दोबारा सजा देने की कोशिश होगी या नहीं।



सुधार विभाग का दावा

विभाग के मुताबिक रसायन लगातार प्रभावी रहे हैं। पाइक को बाहरी चिकित्सा केंद्र ले जाया गया है।



क्या ऐसा पहले भी हुआ है?

पेंटोबार्बिटल तेज असर वाली दवा है, जो शरीर की गतिविधियां धीमी करती है। बाइडन सरकार की एक समीक्षा में इससे अनावश्यक दर्द की आशंका जताई गई थी।



मई में टोनी कैरुथर्स की सजा टली, क्योंकि कर्मचारी नस नहीं ढूंढ पाए। 2014 में ओक्लाहोमा में क्लेटन लॉकेट की नस फट गई थी।



डेथ पेनल्टी इन्फॉर्मेशन सेंटर (डीपीआई) के मुताबिक 2022 में अमेरिका की एक तिहाई से ज्यादा सजाओं में गंभीर समस्याएं आईं। death penalty USA की संख्या देखें, तो 1976 के बाद सिर्फ 18 महिलाओं को यह सजा मिली, जबकि पुरुष 1,663 हैं।



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