कथा वाचक के अंतःकरण ने कहा- बेटा तू कहां पड़ा है, तू तो इसके लायक है; कारण जानकर आप क्या कहेंगे...

Pratibha Rana | Nov 21, 2023, 24:00 IST
कथा वाचक के अंतःकरण ने कहा- बेटा तू कहां पड़ा है, तू तो इसके लायक है; कारण जानकर आप क्या कहेंगे...
गोरखपुर के कथा वाचक के चालक ने अफसरों को पत्र लिखकर भारत रत्न की मांग की है।

BHOPAL. गोरखपुर के कथा वाचक के ड्राइवर ने एक अजीब फरमाइश की है। उसने खुद के लिए देश के सबसे बड़े सम्मान भारत रत्न की मांग कर दी है। इसे लेकर उसने अफसरों को पत्र भी लिखा है। मजेदार बात यह है कि इस पत्र को कई अधिकारियों ने फारवर्ड भी कर दिया है। अब ये पत्र सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।



चारों ओर चर्चा में पत्र...

दरअसल गोरखपुर से अधिकारियों की बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां अधिकारियों ने बिना पढ़े ही एक पत्र पर सिग्नेचर कर दिए। लेटर को जिलाधिकारी, ज्‍वाइंट मजिस्‍ट्रेट/एडीएम सदर, तहसीलदार सदर, सीडीओ यानी मुख्‍य विकास अधिकारी के हस्‍ताक्षर और साइन के साथ आगे बढ़ा दिया है। पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तो इसकी चारों ओर चर्चा होनी शुरू हो गई।



Screenshot 2023-11-21 082704.png


पत्र में क्या लिखा है ?

महराजी गांव के रहने वाले विनोद कुमार गौड़ ने ये पत्र लिखा है। पत्र में अक्‍टूबर माह की तारीख लिखी गई है। विनोद ने खुद के गांव, शहर और किराए के मकान का पता मोबाइल नंबरों के साथ लिखा है। पत्र में लिखा है कि- सविनय निवेदन है कि प्रार्थी विनोद कुमार गौड़ पुत्र स्वर्गीय तुलसी प्रसाद गौड़ ग्राम महराजी उत्तर टोला, पोस्ट कुसमही बाजार, थाना पिपराइच, तहसील सदरजिला गोरखपुर उत्तर प्रदेश भारत। मैं कुसुम्ही बाजार के महराजी गांव के उत्तर टोला का निवासी हूं। 30 सितंबर 2023 को संध्या वंदन से पहले ध्यान साधना में बैठकर तपस्या कर रहा था कि अचानक मेरे अंतःकरण से आवाज आई कि मुझे भारत रत्न मिलना चाहिए, मुझे भारत रत्न चाहिए कि आवाज बहुत तीव्र गति से उत्पन्न होने लगी। अतः आपसे निवेदन है कि प्रार्थी की समस्त मनोकामना पूर्ण कर भारत रत्न से सम्मानित करने की कृपा करें।



WhatsApp Image 2023-11-21 at 7.48.23 AM.jpeg


हाईस्कूल फेल है विनोद

गांव महराजी का रहने वाला विनोद कुमार गौड़ के दो बेटे हैं। दोनों पढ़ाई कर रहे हैं। खुद विनोद हाईस्कूल फेल है। वह ई-रिक्शा चलाता था, लेकिन उसका ई-रिक्शा चोरी हो गया था। इसके बाद वह शहर के तारामंडल रोड स्थित दिव्य सेवा संस्थान के एक कथा वाचक की गाड़ी चलाने लगा था।



अफसरों पर उठ रहे कई सवाल

पत्र वायरल होने के बाद अब अफसरों पर कई तरह के सवाल उठने लगे है कि आखिर उन्होंने इस पत्र को बिना पढ़े कैसे आगे बढ़ा दिया। क्या ये अफसर कार्यालयों में आए प्रार्थना पत्रों को बिना पढ़े ऐसे ही आगे बढ़ा देते हैं?



Tags:
  • Gorakhpur story teller
  • request of the story teller driver
  • Gorakhpur Driver Bharat Ratna Demand
  • driver letter to the commissioner
  • गोरखपुर कथा वाचक
  • कथा वाचक के चालक की फरमाइश
  • ड्राइवर का कमिश्नर को पत्र