राजीव के समय हुए थे 63 सांसद सस्पेंड, भारत में सांसदों को सस्पेंड करने का पुराना है इतिहास, नेहरू के जमाने से हो रहा है ऐसा
NEWDELHI. लोकसभा और राज्यसभा से सोमवार को विपक्ष के 141 सांसदों को सस्पेंड कर दिया। इनमें से 82 सांसद लोकसभा और 59 राज्यसभा से हैं। इस सत्र में अब तक दोनों सदनों से कुल 141 सांसदों को सस्पेंड किया जा चुका है। लोकसभा और राज्यसभा से सांसदों को सस्पेंड किए जाना का पुराना इतिहास है। देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के समय साल 1962 की तीन सितंबर को गोदे मुरहारी को संसद की पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया था। वो घटनाएं, जब एक बार में दर्जनों सांसदों को कर दिया गया था सस्पेंड...
ठक्कर कमीशन की रिपोर्ट पर हुआ था हंगामा
साल 1989 में जब राजीव गांधी प्रधानमंत्री थे और कांग्रेस के पास प्रचंड बहुमत था, तब एक बार में 63 सांसदों को सस्पेंड किया गया था। इन सभी सांसदों को एक हफ्ते के लिए संसद से निलंबित किया गया था। ये सांसद ठक्कर कमीशन की रिपोर्ट पर हंगामा कर रहे थे। ठक्कर कमीशन ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या की जांच की थी। इसी पर हंगामा हुआ था।
दस साल में सांसदों के बड़े निलंबन
- 26 जुलाई 2022 को राज्यसभा के 19 सांसदों को संसद के पूरे सत्र से निलंबित कर दिया गया था। ये सांसद महंगाई और जरूरी चीजों पर जीएसटी लगाने की मांग को लेकर संसद में हंगामा कर रहे थे।
- 29 नवंबर 2021 को राज्यसभा के 12 सांसदों को कदाचार, हिंसक और सुरक्षाकर्मियों पर जानबूझकर हमला करने के आरोप में संसद के पूरे सत्र से निलंबित कर दिया गया था।
- 21 सितंबर 2020 को संसद में अमर्यादित व्यवहार करने के आरोप में राज्यसभा के आठ सांसदों को सस्पेंड कर दिया गया था।
- 5 मार्च 2020 को लोकसभा से सात कांग्रेस सांसदों को संसद के पूरे बजट सत्र से सस्पेंड कर दिया था।
- नवंबर 2019 को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कांग्रेस के दो सांसदों को सस्पेंड कर दिया था।
- जनवरी 2019 को तत्कालीन लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने टीडीपी और एआईडीएमके के 45 सांसदों को हंगामा करने पर सस्पेंड कर दिया था।
- अगस्त 2015 को लोकसभा से 25 कांग्रेस सांसदों को सदन में लगातार जानबूझकर बाधा डालने के आरोप में 5 दिन के लिए सस्पेंड कर दिया गया था।
- 13 फरवरी 2014 को तत्कालीन लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार ने तेलंगाना मुद्दे पर हंगामा करने पर 18 सांसदों को सस्पेंड कर दिया था।
- 2 सितंबर 2014 को नौ सांसदों 5 दिन के लिए सस्पेंड किया गया।
- 23 अगस्त 2013 को 12 सांसदों को पांच दिन के लिए सस्पेंड कर दिया गया था।
- 24 अप्रैल 2012 को आठ सांसदों को चार दिन के लिए निलंबित कर दिया गया था।