महिला कर्मचारियों के लिए राहत: अब 365 दिन की मिलेगी मैटरनिटी लीव, जानिए शर्तें
सरकारीमहिला कर्मचारियों के लिए मातृत्व अवकाश(Maternity leave) को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है।तीसरे बच्चे को जन्म देने वाली महिलाकर्मचारियों को अब 12सप्ताह के बजाय पूरे 365 दिन की छुट्टीमिलेगी। यह ऐलानमंगलवार को विधानसभा में किया गया।अभीतक दो या उससे अधिक बच्चों वाली महिला कर्मचारीको सिर्फ 12 सप्ताह कीछुट्टी मिलती थी। इस फैसले से हजारोंमहिला सरकारी कर्मचारियों को सीधा फायदाहोगा।
महिलासरकारी कर्मचारियों के लिए मातृत्वअवकाश में बड़ा बदलाव करने का ऐलान कियागया है।मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व वाली सरकारअब तीसरे बच्चे को जन्म देने वाली नियमितमहिला सरकारी कर्मचारियों को 12 सप्ताहके बजाय 365 दिन की छुट्टी देगी।
मंगलवारको हुई इस घोषणा के मुताबिकफिलहाल सरकारी नौकरी में कार्यरत ऐसीविवाहित महिलाओं को 365 दिन यानी एक सालकी मातृत्व छुट्टी दी जाती है, जिनके दोसे कम बच्चे हैं। वहीं दोया उससे अधिक बच्चों वाली महिलाकर्मचारियों को अभी तक अधिकतम 12 सप्ताहकी मातृत्व छुट्टी मिलती थी।
तमिलनाडु सरकार ने की घोषणा
यह ऐलानतमिलनाडु सरकार ने किया है। राज्य केमानव संसाधन प्रबंधन मंत्रीडी. सरतकुमार ने विधानसभा में अपने विभागकी अनुदान मांगों पर चर्चाके दौरान यह घोषणा की। उन्होंने कहा किसरकार सामाजिक कल्याण और महिला सशक्तीकरणको प्राथमिकता दे रहीहै, इसलिए महिला सरकारी कर्मचारियों केतीसरे बच्चे के लिए मिलने वाली मातृत्वछुट्टी को 12 सप्ताह से बढ़ाकर 365दिन किया जाएगा।
कैसे बढ़ती गई छुट्टी की अवधि
साल 2011 मेंमातृत्व छुट्टी की मूल 90 दिन की अवधि कोबढ़ाकर छह महीने किया गया था। इसके बाद2016 में इसे बढ़ाकर नौ महीने करदिया गया। जुलाई 2021 में तत्कालीनद्रविड़ मुनेत्रकड़गम और अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़मुनेत्रकड़गम सरकारों के कार्यकाल में इसेबढ़ाकर एक साल यानी 365 दिन कर दिया गयाथा।
जल्द जारी होगा सरकारी आदेश
एक सरकारी सूत्र के मुताबिक 365 दिन कीछुट्टी का लाभ निर्धारित पात्रता नियमोंके तहत नियमित महिला कर्मचारियों कोमिलता है, जिनके दो से कम जीवित बच्चेहैं। हालांकि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशोंऔर इसके बाद राज्य सरकार की ओर से किए गएसंशोधनों के अनुसार, राज्य सरकार मेंकार्यरत दो या उससे अधिक जीवित बच्चोंवाली महिला कर्मचारियों को पूरी तनख्वाहके साथ 12 सप्ताह की मातृत्व छुट्टी काअधिकार है।
मंत्री सरतकुमार की विधानसभा में घोषणा केबाद एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इससंबंध में विस्तृत सरकारी आदेश जल्दजारी किया जाएगा।
नवजात को विधानसभा लाने पर विवाद के बीच फैसला
यह घोषणाऐसे समयहुई है जब पहली बार विधायक बनीं टीवीकेकी आर. पल्लवी के अपने नवजात बच्चे कोतमिलनाडु विधानसभा के मौजूदासत्र में लाने को लेकर विवाद चल रहा है।सूत्रों के मुताबिक पल्लवी अपने बच्चे कोविधानसभा परिसर में लेकर आती हैं। सदन कीकार्यवाही के लिए मुख्य हॉल में जाने केदौरान वे नवजात को एक देखभाल करने वालेव्यक्ति के पास छोड़ देती हैं। पल्लवी केलौटने तक देखभाल करने वालाव्यक्ति विधानसभा हॉल के पास एक कमरे मेंबच्चे की देखभाल करता है।
हाल ही मेंपल्लवी अपने नवजात बच्चे को टीवीके केसंस्थापक और मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजयसे मिलाने के लिए भी विधानसभा लेकर गईथीं। इस दौरान विजय ने बच्चे को आशीर्वाददिया था। हर जगह अपने बच्चे को साथ लेजाने को लेकर पल्लवी को आलोचना का भीसामना करना पड़ा। इस पर उन्होंने कहा किउन पर लगाया गया आरोप अनुचित है।
एक्सपर्ट कोट्स
मानव संसाधनप्रबंधन मंत्री डी. सरतकुमार ने विधानसभामें कहा कि सरकार सामाजिक कल्याण औरमहिला सशक्तीकरणको प्राथमिकता दे रही है, इसलिए महिलाकर्मचारियों के तीसरे बच्चे के लिएमातृत्व छुट्टी 12 सप्ताह से बढ़ाकर 365दिन की जा रही है।
FAQ
- तीसरे बच्चे के जन्म पर अब कितनी छुट्टी मिलेगी?
अब तीसरे बच्चे को जन्म देने वाली महिला सरकारी कर्मचारियों को 12 सप्ताह के बजाय पूरे 365 दिन की मातृत्व छुट्टी मिलेगी। यह फैसला तमिलनाडु सरकार ने विधानसभा में लिया है। पहले दो या ज्यादा बच्चों वाली महिलाओं को सिर्फ 12 सप्ताह की छुट्टी मिलती थी। - यह फैसला किसने और कब लिया?
यह घोषणा तमिलनाडु के मानव संसाधन प्रबंधन मंत्री डी. सरतकुमार ने मंगलवार को विधानसभा में की। उन्होंने कहा कि यह फैसला महिला सशक्तीकरण को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। इस संबंध में विस्तृत सरकारी आदेश जल्द जारी होगा। - मातृत्व छुट्टी की अवधि पहले कितनी थी?
2011 में मातृत्व छुट्टी 90 दिन से बढ़ाकर छह महीने की गई थी। 2016 में इसे नौ महीने कर दिया गया। जुलाई 2021 में इसे बढ़ाकर एक साल यानी 365 दिन कर दिया गया था, लेकिन यह सुविधा दो से कम बच्चों वाली महिलाओं तक ही सीमित थी।
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