मार्च से ही युद्धविराम की ताक में थे ट्रंप ; पाकिस्तान के जरिए साधा ईरान पर निशाना

Aishwarya Dwivedi | Apr 09, 2026, 16:52 IST
trump iran ceasefire march pakistan negotiations
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कड़ी धमकियों के बावजूद ईरान के साथ सीजफायर पर काम किया। पाकिस्तान ने बातचीत में अहम भूमिका निभाई। अंततः दो हफ्ते का युद्धविराम घोषित किया गया, जिसमें ईरान ने हमला न होने पर सैन्य कार्रवाई रोकने का फैसला लिया।

NEWS IN SHORT

  • ट्रंप मार्च से ही युद्धविराम चाहते थे।
  • दो हफ्ते के लिए युद्धविराम घोषित हुआ।
  • जेडी वेंस और पाकिस्तान में बातचीत हुई।
  • रणनीतिक दबाव से ईरान समझौते को तैयार।
  • स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अब शांति की उम्मीद।

NEWS IN DETAIL

अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुए सीजफायर को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। 'फाइनेंशियल टाइम्स' की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ मार्च महीने से ही युद्धविराम (Ceasefire) की तैयारी कर रहे थे।



धमकी के पीछे छिपी रणनीति

रिपोर्ट के अनुसार, जब 21 मार्च को ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से ईरान के पावर प्लांट्स को तबाह करने और 'पूरी सभ्यता' को खत्म करने की कड़ी चेतावनी दी थी, ठीक उसी समय वह पर्दे के पीछे से तनाव कम करने के रास्ते तलाश रहे थे। जानकारों का मानना है कि ट्रंप की यह कठोर बयानबाजी दरअसल ईरान पर दबाव बनाने की एक रणनीति थी, ताकि उसे बातचीत के लिए मजबूर किया जा सके।



पाकिस्तान बना ट्रंप का 'ट्रंप कार्ड'

इस गुप्त मिशन को अंजाम देने के लिए ट्रंप प्रशासन ने पाकिस्तान का सहारा लिया। जहाँ ट्रंप दुनिया के सामने सख्त रुख अपनाए हुए थे, वहीं उनके उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विशेष दूत स्टीव विटकॉफ पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर के साथ लगातार संपर्क में थे। ट्रंप चाहते थे कि पाकिस्तान अपनी भौगोलिक और कूटनीतिक स्थिति का फायदा उठाकर ईरान को इस समझौते के लिए राजी करे।



अप्रैल में थमीं बंदूकें

मार्च से शुरू हुई यह 'बैकचैनल' कूटनीति आखिरकार अप्रैल 2026 में सफल रही, जब ईरान और अमेरिका दो हफ्ते के सीजफायर पर सहमत हुए। इस खुलासे ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में ट्रंप की छवि को एक ऐसे रणनीतिकार के रूप में पेश किया है जो "युद्ध की धमकी देकर शांति स्थापित करने" की कला में माहिर हैं।



निष्कर्ष

अमेरिका-ईरान युद्ध विराम ट्रंप की 'धमकी और कूटनीति' की मिश्रित रणनीति का परिणाम है। जहाँ ट्रंप ने दबाव बनाकर ईरान को समझौते की मेज पर लाया, वहीं पाकिस्तान ने मुख्य मध्यस्थ बनकर तनाव कम करने में निर्णायक भूमिका निभाई। यह सीजफायर वैश्विक स्थिरता और ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक सफलता है।



यह खबरें भी पढ़ें...

Iran-Israel War: ईरान का अमेरिका पर सीजफायर की तीन शर्तें तोड़ने का आरोप



पश्चिम एशिया में सीजफायर, भारत ने साधा ईरान से संपर्क, होर्मुज में फंसे 16 जहाजों को लाने की तैयारी



Iran US War Ceasefire | युद्ध रुका या ये सिर्फ एक रणनीति ? सीजफायर के बाद क्या होगा अगला कदम?



ईरान-इजराइल युद्ध का 40वां दिन: ट्रंप ने दो हफ्ते के लिए सीजफायर का किया ऐलान, ईरान ने कहा- दुश्मन को घुटनों पर लाने का वादा पूरा



Tags:
  • अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
  • पाकिस्तान
  • ईरान
  • सीजफायर
  • अमेरिका-ईरान युद्ध