शांति वार्ता के बीच ट्रंप की धमकी: हिजबुल्लाह रुका नहीं तो ईरान पर हमला

Sanjay Dhiman | Jun 21, 2026, 23:46 IST
Photograph: (the sootr)
ट्रंप ने स्विट्जरलैंड में जारी ईरान-अमेरिका वार्ता के बीच ईरान को सैन्य हमले की धमकी दी। कहा- हिजबुल्लाह को नहीं रोका तो ईरान पर पिछले हफ्ते से भी कड़ा हमला होगा।

समझें क्या है पूरा मामला

  • वार्ता के बीच तनाव: स्विट्जरलैंड में शांति वार्ता के दौरान ट्रंप ने ईरान पर हमले की धमकी दी।
  • हिजबुल्लाह पर निशाना: ट्रंप ने ईरान को लेबनान में सक्रिय हिजबुल्लाह लड़ाकों को रोकने को कहा।
  • बड़े हमले की चेतावनी: हिजबुल्लाह को न रोकने पर पिछले हफ्ते से भी भीषण हमले की चेतावनी दी।
  • समझौते में पेंच: शांति समझौते में लेबनान को शामिल करने पर इजरायल लगातार हमले कर रहा है।
  • डील पर संकट: ट्रंप के बदले रुख से अमेरिका-ईरान शांति समझौता अब पूरी तरह खतरे में है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सैन्य हमले की धमकी दी है। यह धमकी तब आई जब स्विट्जरलैंड में दोनों देशों के बीच शांति वार्ता चल रही थी। ट्रंप ने कहा कि ईरान लेबनान में हिजबुल्लाह को काबू करे। अगर नहीं किया तो ईरान पर और कड़ा हमला होगा। यह पूरा मामला अमेरिका-ईरान परमाणु समझौते और पश्चिम एशिया की शांति पर सीधा असर डाल सकता है।



ट्रंप ने क्यों दी धमकी?

डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार शाम सोशल मीडिया पर एक पोस्ट की। इसमें उन्होंने पिछले हफ्ते ईरान पर हुए अमेरिकी हमले का हवाला दिया। उनका कहना था कि ईरान लेबनान में हिजबुल्लाह को परेशानी पैदा करने से रोके।



ट्रंप ने साफ कहा कि अगर ईरान ने अपने प्रॉक्सी को नहीं रोका तो उस पर फिर से जोरदार हमला किया जाएगा। यह हमला पिछले हफ्ते से भी ज़्यादा तगड़ा हो सकता है। यह बयान ऐसे वक्त आया जब स्विट्जरलैंड में अमेरिकी और ईरानी प्रतिनिधि बातचीत की मेज पर बैठे थे।



वार्ता में क्या शामिल है?

अमेरिका और ईरान के बीच हुए एमओयू (MoU – Memorandum of Understanding) में लेबनान का मुद्दा भी जुड़ा है। इस समझौते में लेबनान में युद्धविराम (सीजफायर) को शामिल किया गया है।



हिजबुल्लाह लंबे समय से लेबनान के एक बड़े हिस्से को नियंत्रित करता है। उसे ईरान का खुला समर्थन मिलता रहा है। इजरायल से उसकी लंबे समय से लड़ाई चल रही है।



इजरायल की भूमिका क्या है?

समझौते के बाद भी इजरायल ने लेबनान पर हमले जारी रखे। इससे ईरान ने नाराजगी जताई और होर्मुज जलडमरूमध्य बंद करने की धमकी दी।



इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के रवैये पर ट्रंप पहले नाराज थे। मगर रविवार को उन्होंने अपना रुख पलट दिया और ईरान को निशाना बनाया। इजरायल बार-बार कहता रहा है कि हिजबुल्लाह उसकी सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है। ट्रंप की ताजा पोस्ट से लगता है कि वह इस तर्क को अब मान रहे हैं।



समझौता खतरे में?

ईरान ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि वह किसी भी हालत में हिजबुल्लाह और लेबनान का साथ नहीं छोड़ेगा। अगर ट्रंप इजरायल को लेबनान में छूट देते हैं तो दोनों देशों के बीच बनी सहमति टूट सकती है। अब सबकी नज़रें ईरान के जवाब पर हैं। देखना होगा कि तेहरान ट्रंप की इस धमकी पर क्या प्रतिक्रिया देता है।



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