Iran-America war: ट्रम्प बोले- अमेरिका एक रात में ईरान को खत्म कर सकता है, यह रात कल भी आ सकती है
News In Short
- अमेरिका एक रात में ईरान को खत्म कर सकता है।
- 155 विमानों से चला ऐतिहासिक रेस्क्यू ऑपरेशन।
- 13,000 ईरानी ठिकानों पर अमेरिकी हमले हुए।
- घायल पायलट ने खुद किया अपने जख्मों का इलाज।
- F-15 विमान गिराए जाने की ट्रम्प ने मानी बात।
News In Detail
Iran America war: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार रात एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने ईरान (Iran) को सीधी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अमेरिका चाहे तो पूरे ईरान को एक रात में तबाह कर सकता है।
जरूरत पड़ी तो यह कार्रवाई कल रात भी हो सकती है। साथ ही उन्होंने ईरान में फंसे अमेरिकी पायलट को बचाने वाले रेस्क्यू ऑपरेशन (Rescue Operation) को 'ऐतिहासिक' करार दिया।
ट्रम्प की ईरान को खुली चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने साफ शब्दों में कहा। अमेरिका चाहे तो पूरे ईरान को एक रात में खत्म कर सकता है। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो यह रात कल भी आ सकती है।
ट्रम्प के मुताबिक अभी युद्ध (War) पूरी तरह अमेरिका के पक्ष में चल रहा है। उनके साथ रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और CIA डायरेक्टर जॉन रैटक्लिफ भी मौजूद थे। ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन डैन केन भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में थे।
रेस्क्यू ऑपरेशन के बारे में बताया
ट्रम्प ने बताया कि ईरान में दो पायलट फंसे हुए थे। उन्हें बचाने के लिए दो अलग-अलग रेस्क्यू मिशन (Rescue Mission) चलाए गए। पहले मिशन में 21 अमेरिकी सैन्य विमान शामिल थे।
दूसरे और बड़े मिशन में कुल 155 विमान लगाए गए। इनमें 4 बॉम्बर विमान, 64 फाइटर जेट, 48 ईंधन भरने वाले टैंकर और 13 रेस्क्यू विमान थे। यह सभी विमान कई घंटों तक ईरान के आसमान में उड़ते रहे। कुछ समय तो यह ऑपरेशन दिन के उजाले में भी हुआ।
दुश्मन के खिलाफ अपनाई ये रणनीति
ट्रम्प ने बताया कि इस मिशन में डिकॉय (Decoy) यानी धोखे की रणनीति अपनाई गई। कई विमानों को अलग-अलग रास्तों पर जानबूझकर भेजा गया। इस तरह ईरानी सेना को भ्रमित किया गया।
ट्रम्प ने कहा कि सात अलग-अलग जगहों पर ऐसा माहौल बनाया गया। ऐसा दिखाया गया मानो अमेरिका अपने सैनिक को उन जगहों पर ढूंढ रहा है। इस रणनीतिक चाल (Strategic Move) ने दुश्मन को असल इरादे से दूर रखा।
पायलट की वीरता का किया जिक्र
ट्रम्प ने एक घायल पायलट की बहादुरी का विशेष जिक्र किया। जब F-15E फाइटर जेट गिराया गया तो पायलट ने पैराशूट से उतरना पड़ा। वह गंभीर रूप से घायल था फिर भी उसने हार नहीं मानी।
पायलट के चेहरे से काफी खून बह रहा था, लेकिन वह डटा रहा। उसने खतरनाक पहाड़ी इलाके में ऊपर की ओर चढ़ाई की। यह कदम उसने दुश्मन से बचने के लिए उठाया था। घायल अफसर ने खुद ही अपने जख्मों का इलाज किया।
अमेरिकी सेना से संपर्क बनाए रखा
ट्रम्प के मुताबिक उस वीर पायलट ने पूरे समय अमेरिकी फोर्स से संपर्क बनाए रखा। उसने अपनी ट्रेनिंग का पूरा उपयोग किया। अंत में उसे हेलीकॉप्टर के जरिए सुरक्षित निकाल लिया गया। ट्रम्प ने इसे हालिया दशकों के सबसे खतरनाक ऑपरेशनों में शामिल बताया। उन्होंने यह भी कहा कि पूरे ऑपरेशन में एक भी अमेरिकी सैनिक घायल नहीं हुआ।
13,000 से ज्यादा ईरानी ठिकानों पर हमले
ट्रम्प ने जानकारी दी कि अब तक 13,000 से ज्यादा ईरानी ठिकानों पर हमले हो चुके हैं। पिछले 37 दिनों में 10,000 से ज्यादा लड़ाकू उड़ानें भरी गई हैं। यह आंकड़े अमेरिकी सैन्य शक्ति (Military Power) की विशालता को दर्शाते हैं। इस युद्ध में अमेरिका ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।
F-15 विमान गिराने पर ट्रम्प का जवाब
ट्रम्प ने यह भी स्वीकार किया कि ईरान ने एक अमेरिकी F-15 विमान गिराया था। लेकिन उन्होंने इसे दुश्मन की किस्मत बताया। उन्होंने इसे एक 'लकी हिट' कहा और इसे कोई बड़ी उपलब्धि नहीं माना। यह बयान अमेरिकी रणनीतिक आत्मविश्वास को दर्शाता है।
मीडिया लीक पर ट्रम्प की कड़ी चेतावनी
ट्रम्प ने उस व्यक्ति को कड़ी चेतावनी दी जिसने मीडिया में दूसरे पायलट की जानकारी लीक की। उन्होंने कहा कि उस इंसान को ढूंढा जाएगा। जरूरत पड़ी तो संबंधित मीडिया कंपनी पर भी कार्रवाई की जाएगी। यह बयान राष्ट्रीय सुरक्षा (National Security) को लेकर ट्रम्प की सख्त नीति को दर्शाता है।
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