उज्ज्वला योजना में बदलाव: 9 की जगह मिलेंगे अब 4 सिलेंडर, जानें नए नियम
ऐसे समझें क्या है पूरा मामला...
- अब साल में सिर्फ 4 सब्सिडी वाले सिलेंडर मिलेंगे।
- पहले 4 सिलेंडर पर 300 रुपए सब्सिडी जारी रहेगी।
- 5वें सिलेंडर से पूरी कीमत 942 रुपए चुकानी होगी।
- दिल्ली में उज्ज्वला सिलेंडर अब 642 रुपए में।
- औसत खपत के आधार पर लिया गया फैसला।
केंद्र सरकार ने उज्ज्वला योजना (Ujjwala Yojana) के लाभार्थियों को बड़ा झटका दिया है। अब साल में सब्सिडी वाले सिलेंडर (Subsidised Cylinder) 9 की जगह सिर्फ 4 ही मिलेंगे। पांचवें सिलेंडर से लाभार्थियों को पूरी कीमत चुकानी होगी।
यह फैसला बढ़ती एलपीजी सिलेंडर कीमत (LPG Cylinder Price) के बीच लिया गया है। आइए जानते हैं नए नियम, असर और इसके पीछे की पूरी वजह विस्तार से।
अब सिर्फ 4 सिलेंडर पर सब्सिडी
केंद्र सरकार ने सोमवार को एक बड़ा फैसला लिया है। उज्ज्वला योजना (Ujjwala Yojana) के लाभार्थियों को अब कम सिलेंडर मिलेंगे। पहले साल में 9 सब्सिडी वाले सिलेंडर (Subsidised Cylinder) मिलते थे। अब यह संख्या घटाकर सिर्फ 4 कर दी गई है।
यह योजना मई 2016 में शुरू हुई थी। शुरुआत में हर लाभार्थी को साल में 12 सब्सिडी सिलेंडर मिलते थे। बाद में इसे घटाकर 9 कर दिया गया था। और अब इसे और कम कर दिया गया है। पेट्रोलियम मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव प्रवीण मल खानूजा ने यह बताया। उनके अनुसार यह फैसला औसत सालाना खपत पर आधारित है।
क्या कहते हैं नए नियम
नए नियमों को समझना हर लाभार्थी के लिए जरूरी है। पहले 4 सिलेंडर पर 300 रुपए की सब्सिडी मिलती रहेगी। यह राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी। इसे डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी डीबीटी कहते हैं।
सब्सिडी के बाद उज्ज्वला लाभार्थी पहले चार रिफिल के लिए 642 रुपए चुकाते हैं। यह दिल्ली की मौजूदा 942 रुपये कीमत पर आधारित है। लेकिन 5वें सिलेंडर से नियम बदल जाएगा। पांचवां या उससे आगे का सिलेंडर बुक करने पर पूरी कीमत लगेगी। यानी उस पर कोई सब्सिडी नहीं मिलेगी।
एलपीजी कीमत में बढ़ोतरी
एलपीजी सिलेंडर कीमत (LPG Cylinder Price) लगातार बढ़ रही है। पिछले तीन महीनों में दिल्ली में दाम कुल 89 रुपये बढ़े हैं। 7 जून को 29 रुपये की ताजा बढ़ोतरी के बाद कीमत 942 रुपए हो गई। यह तीन महीनों में दूसरी बढ़ोतरी मानी जा रही है।
अधिकारी के मुताबिक यह बढ़ोतरी रोज करीब एक रुपए बैठती है। पांच लोगों के परिवार में यह 20 पैसे प्रतिदिन प्रति व्यक्ति है। फिर भी सब्सिडी के बाद उज्ज्वला सिलेंडर 642 रुपए में मिलता है।
सरकार ने बताई असली वजह
सरकार ने इस कटौती के पीछे आर्थिक कारण बताए हैं। एक सिलेंडर की सप्लाई लागत अब 1,600 रुपए से ऊपर पहुंच गई है। तेल कंपनियों को हर सिलेंडर पर करीब 700 रुपए का घाटा हो रहा है। गैस सब्सिडी (Gas Subsidy) का बोझ इसी वजह से बढ़ता जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस के दाम तेजी से चढ़े हैं। आयात का मुख्य आधार सऊदी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस फरवरी से करीब 46 प्रतिशत बढ़ा है। मध्य-पूर्व की घटनाओं ने इस संकट को और गहरा किया है। फिर भी सरकार का दावा है कि भारत की कीमतें कई देशों से कम हैं।
लाभार्थियों पर क्या असर
इस फैसले का सीधा असर करोड़ों परिवारों पर पड़ेगा। ज्यादा खपत वाले परिवारों को अब पहले से अधिक खर्च करना होगा। चार सिलेंडर के बाद हर रिफिल पर 300 रुपये अधिक देने होंगे। गरीब परिवारों के मासिक बजट पर इसका दबाव बढ़ेगा।
हालांकि, सरकार का तर्क है कि औसत खपत चार सिलेंडर ही है। पीएम उज्ज्वला योजना (PM Ujjwala Yojana) का मकसद साफ ईंधन को बढ़ावा देना है। ऐसे में लाभार्थियों को अपनी गैस खपत की योजना सोच-समझकर बनानी होगी। नए नियमों की पूरी जानकारी रखना अब और जरूरी हो गया है।
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