UK में कीर स्टार्मर ने दिया इस्तीफा, एंडी बर्नहम होंगे नए प्रधानमंत्री

Pawan Modiya | Jun 22, 2026, 17:40 IST
ब्रिटेन में पीएम का इस्तीफा
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने इस्तीफे का एलान कर दिया है। पार्टी के भीतर बढ़ते दबाव और खराब पोल के बीच यह फैसला आया। एंडी बर्नहम को उनका उत्तराधिकारी माना जा रहा है। जानें पूरी सियासी कहानी

    समझें क्या है पूरा मामला

    • ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने इस्तीफे का एलान किया है।
    • लेबर पार्टी में उनके खिलाफ काफी समय से दबाव बढ़ रहा था।
    • एंडी बर्नहम को उनका उत्तराधिकारी माना जा रहा है।
    • बर्नहम पिछले हफ्ते उपचुनाव जीतकर संसद में लौटे थे।
    • दस साल में यह ब्रिटेन का सातवां नेतृत्व बदलाव होगा।

    स्टार्मर ने किया इस्तीफे का ऐलान

    ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने सोमवार को इस्तीफे का ऐलान कर दिया। उन्होंने डाउनिंग स्ट्रीट के बाहर एक टीवी बयान में यह जानकारी दी। स्टार्मर ने बताया कि उन्होंने किंग चार्ल्स तृतीय (Charles III) से बात कर ली है। उन्होंने कहा कि वे लेबर पार्टी के नेता पद से इस्तीफा देंगे। हालांकि नया नेता चुने जाने तक वे प्रधानमंत्री बने रहेंगे। उन्होंने कहा, 10 डाउनिंग स्ट्रीट में दाखिल होना उनके जीवन का सबसे गर्व वाला पल था। स्टार्मर की आवाज बयान के आखिर में भर्रा गई थी।



    ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर


    स्टार्मर पर क्यों बढ़ा था दबाव

    मई महीने से ही स्टार्मर पर इस्तीफे का दबाव बढ़ रहा था। सत्ता में सिर्फ दो साल बिताने के बाद उनकी पार्टी को बड़ा झटका लगा था। लोकल और रीजनल चुनावों में लेबर पार्टी का प्रदर्शन बहुत खराब रहा। इसी दौरान नाइजल फराज की रिफॉर्म यूके (Reform UK) पार्टी ने जबरदस्त बढ़त बनाई। स्टार्मर की सरकार को 2024 में 174 सीटों का बड़ा बहुमत मिला था। इसके बावजूद गिरती लोकप्रियता और पार्टी के भीतर मतभेद उन्हें कमजोर करते रहे। महंगाई और जीवन यापन की लागत पर सुस्त कामकाज से भी जनता नाराज थी।



    शुक्रवार को आए एक इप्सोस (Ipsos) पोल ने स्थिति और साफ कर दी। इस पोल के मुताबिक 52 प्रतिशत ब्रिटिश जनता चाहती थी कि स्टार्मर पद छोड़ दें। यह आंकड़ा मई के मुकाबले पांच फीसदी ज्यादा था। सिर्फ 35 प्रतिशत लोग ही उनके बने रहने के पक्ष में थे। यह आंकड़ा पार्टी के भीतर दबाव को और बढ़ा गया।



    आर्थिक मुद्दों पर भी घिरे स्टार्मर

    स्टार्मर और वित्त मंत्री रेचल रीव्स फिस्कल पॉलिसी यानी राजकोषीय नीति को लेकर भी अपनी ही पार्टी में घिरे रहे। वेलफेयर रिफॉर्म यानी कल्याण सुधारों पर भी पार्टी के भीतर असहमति रही। इसके अलावा पीटर मैंडेलसन (Peter Mandelson) की अमेरिका में राजदूत नियुक्ति भी विवाद का कारण बनी। मैंडेलसन का नाम पहले मृत यौन अपराधी जेफरी एप्सटीन से जुड़ा रहा था। इस नियुक्ति ने पार्टी के भीतर के रिश्तों को और बिगाड़ दिया।



    पार्टी के भीतर स्टार्मर के सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी एंडी बर्नहम माने जा रहे थे। बर्नहम ग्रेटर मैनचेस्टर के मेयर रह चुके हैं। वे खुलकर नेतृत्व को चुनौती देने की बात कर रहे थे। पिछले गुरुवार 18 जून को बर्नहम ने मेकरफील्ड (Makerfield) उपचुनाव जीत लिया। इससे उन्हें संसद में वापसी का रास्ता मिल गया। यह जीत उनके लिए नेतृत्व चुनौती पेश करने का अहम मौका बनी।



    अमेरिकी राष्ट्रपति की भी टिप्पणी

    बर्नहम की जीत के बाद ब्रिटिश गिल्ट यील्ड (Gilt Yield) में भी उछाल देखा गया। यह सरकारी बॉन्ड पर मिलने वाला रिटर्न दर है। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस मामले पर टिप्पणी की। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पर लिखा कि स्टार्मर इमिग्रेशन (Immigration) और एनर्जी जैसे अहम मुद्दों पर बुरी तरह नाकाम रहे। उन्होंने स्टार्मर के लिए शुभकामनाएं भी दी। बता दें कि स्टार्मर और ट्रंप के रिश्ते पहले काफी मजबूत थे। लेकिन ईरान युद्ध के दौरान दूरी बनाने के स्टार्मर के फैसले ने इस रिश्ते को कमजोर कर दिया। हालांकि कुछ आलोचकों ने भी इस फैसले को सही और साहसी बताया था।



    मंत्रियों से हुई बातचीत

    स्टार्मर ने बताया कि उन्होंने मंत्रियों से इस बारे में बात की थी। उन्होंने मंत्रियों से पूछा था कि क्या वे अगले आम चुनाव में पार्टी का नेतृत्व करने के लिए सही व्यक्ति हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी पार्टी के सांसदों का जवाब मिल गया है। स्टार्मर ने कहा, उन्होंने यह जवाब सहजता से स्वीकार किया। इससे पहले मई महीने में पूर्व हेल्थ सेक्रेटरी वेस स्ट्रीटिंग ने भी इस्तीफा दिया था। स्ट्रीटिंग ने तब कहा था कि स्टार्मर अगला चुनाव नहीं लड़ा सकेंगे। स्ट्रीटिंग को भी स्टार्मर के संभावित उत्तराधिकारियों में गिना जाता है। उन्होंने यह भी कहा था कि उनके पास नेतृत्व चुनौती के लिए जरूरी 81 सांसदों का समर्थन है।



    बर्नहम की लोकप्रियता

    ब्रिटेन के नए पीएम


    एंडी बर्नहम को नॉर्थ का किंग भी कहा जाता है। यह नाम उन्हें उत्तरी इंग्लैंड के लिए उनकी मजबूत आवाज की वजह से मिला है। पार्टी के सांसदों के बीच बर्नहम सबसे लोकप्रिय दावेदार माने जा रहे हैं। बर्नहम ने अपनी जीत के भाषण में कहा था कि राजनीति अब ठीक से काम नहीं कर रही। उन्होंने अपनी जीत को एक टर्निंग पॉइंट भी बताया था। हालांकि बर्नहम ने हाल में बाजार को भरोसा देने की भी कोशिश की है। उन्होंने अपने पुराने बयानों से थोड़ी दूरी बना ली है, जिनमें उन्होंने कहा था कि ब्रिटेन बॉन्ड मार्केट का गुलाम बन गया है।



    ब्रिटेन में 10 साल में सातवां बललाव


    आगे की प्रक्रिया

    स्टार्मर ने बताया कि नेतृत्व पद के लिए नॉमिनेशन 9 जुलाई से शुरू होंगे। यह प्रक्रिया 16 जुलाई को संसद की समर छुट्टी से पहले बंद होगी। अगर बर्नहम को कोई चुनौती नहीं मिलती है, तो वे जल्द ही पद पर आ सकते हैं। अगर मुकाबला होता है, तो नया नेता 1 सितंबर तक चुना जाएगा। तब तक स्टार्मर प्रधानमंत्री पद पर बने रहेंगे। उन्होंने सत्ता हस्तांतरण को सुचारू बनाने का भरोसा दिया है। उन्होंने अपने उत्तराधिकारी को पूरा समर्थन देने का वादा भी किया।



    बाजार पर असर

    स्टार्मर के एलान के बाद ब्रिटिश पाउंड में हल्की गिरावट देखी गई। डॉलर के मुकाबले पाउंड करीब 0.19 प्रतिशत नीचे आ गया। पील हंट के चीफ इकोनॉमिस्ट कैलम पिकरिंग ने इस पर अपनी राय दी। उनका कहना है कि ब्रिटेन की उधारी काफी ज्यादा है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि जी7 (Group of Seven) देशों में ब्रिटेन इस मामले में अकेला नहीं है। उनके मुताबिक स्टार्मर के कार्यकाल में ब्रिटेन ने नई ट्रेड डील भी की। इस दौरान असल जीडीपी (Gross Domestic Product) में 1.5 प्रतिशत बढ़त भी रही। बावजूद इसके ब्रिटेन की उधारी लागत जी7 देशों में सबसे ज्यादा बनी रही।



    जरूरी FAQ

    कीर स्टार्मर ने इस्तीफा क्यों दिया?


    कीर स्टार्मर पर लेबर पार्टी के भीतर लंबे समय से दबाव बढ़ रहा था। मई में हुए लोकल चुनावों में पार्टी का प्रदर्शन बहुत खराब रहा था। एक इप्सोस पोल में 52 प्रतिशत जनता ने उनके इस्तीफे का समर्थन किया। एंडी बर्नहम की उपचुनाव जीत के बाद यह दबाव और तेज हो गया।



    कीर स्टार्मर का उत्तराधिकारी कौन होगा?


    एंडी बर्नहम को स्टार्मर का सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है। वे ग्रेटर मैनचेस्टर के पूर्व मेयर हैं। पार्टी सांसदों के बीच उनकी अच्छी लोकप्रियता है। हालांकि अगर कोई और दावेदार सामने आता है, तो सितंबर तक नया नेता चुना जाएगा।



    नया लेबर नेता कब तक चुना जाएगा?


    नेतृत्व पद के लिए नॉमिनेशन 9 जुलाई से शुरू होंगे। यह प्रक्रिया 16 जुलाई को संसद की छुट्टी से पहले बंद होगी। अगर मुकाबला नहीं होता तो बर्नहम जल्द पद पर आ सकते हैं। मुकाबला होने पर नया नेता 1 सितंबर तक चुना जाएगा।



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