UPI पर MDR चार्ज से PhonePe और Google Pay की चांदी, 7,500 करोड़ तक पहुंचेगी कमाई!

Aman Vaishnav | Sept 23, 2026, 07:47 IST
UPI पर MDR चार्ज
UPI पेमेंट्स पर 15 अक्टूबर से नया MDR चार्ज लगने जा रहा है। दो हजार रुपए हजार से बड़े ट्रांजैक्शन पर लगने वाली इस फीस से PhonePe और Google Pay जैसी कंपनियों की कमाई लगभग 7,500 करोड़ रुपए तक की बढ़ सकती है।

डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल करने वालों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। 15 सितंबर को सरकार ने UPI पेमेंट्स पर एमडीआर (MDR - Merchant Discount Rate) चार्ज लगाने का बड़ा फैसला किया है।



सरकार के इस कदम के बाद से ही बाजार में खूब चर्चा हो रही है। कुछ व्यापारी संगठन इस फैसले का विरोध भी कर रहे हैं।



इस बीच एक दिलचस्प रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें बताया गया है कि इस नए चार्ज से पेमेंट ऐप्स चलाने वाली कंपनियों की कमाई में जोरदार उछाल देखने को मिल सकता है।



नए चार्ज से पेमेंट कंपनियों की होगी मोटी कमाई

ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म बर्नस्टीन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस नए नियम की वजह से मार्च 2028 तक पेमेंट ऐप्स को हर साल करीब 1.1 अरब डॉलर (लगभग 9,100 करोड़ रुपए से ज्यादा) की एक्स्ट्रा कमाई हो सकती है।



इस कमाई का सबसे बड़ा फायदा उन कंपनियों को मिलेगा जिनका बाजार में सबसे ज्यादा दबदबा है। मौजूदा मार्केट शेयर को देखें तो इसमें अकेले फोनपे (PhonePe) और गूगल पे (Google Pay) की हिस्सेदारी करीब 900 मिलियन डॉलर यानी लगभग 7,500 करोड़ रुपए तक पहुंच सकती है।



PhonePe और Google Pay का दबदबा

देश के यूपीआई मार्केट में वॉलमार्ट (Walmart) के सपोर्ट वाली कंपनी फोनपे और गूगल पे का राज चलता है। पिछले महीने सामने आए आंकड़ों की मानें तो इन दोनों कंपनियों ने मिलकर कुल यूपीआई ट्रांजैक्शन वैल्यू का करीब 80% हिस्सा संभाला है।



15 अक्टूबर से लागू हो रहे नए नियम

सरकार के दिशा-निर्देशों के मुताबिक, नए नियमों से जुड़ी मुख्य बातें इस तरह हैं...



  • लागू होने की तारीख: यह नया नियम 15 अक्टूबर से पूरे देश में लागू होने वाला है।
  • चार्ज की सीमा: केवल 2 हजार रुपए से ज्यादा के यूपीआई पेमेंट पर ही यह नियम लागू होगा।
  • चार्ज की दर: इसके तहत दुकानदारों से 0.4% मर्चेंट फीस (MDR) ली जाएगी।
  • बदलाव का असर: लगभग 6 साल के लंबे अंतराल के बाद यूपीआई पर मर्चेंट फीस की दोबारा वापसी हो रही है।

अब तक दुकानदारों से यूपीआई के जरिए पैसे लेने पर किसी भी तरह का कोई शुल्क नहीं लिया जाता था। ऐसे में यह बदलाव काफी बड़ा माना जा रहा है।



आम ग्राहकों की जेब पर इसका असर?

नया चार्ज लागू होने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या इसका बोझ आम जनता पर पड़ेगा? कई लोगों को चिंता है कि दुकानदार इस अतिरिक्त खर्च को सामान की कीमतें बढ़ाकर या अलग से चार्ज जोड़कर ग्राहकों पर डाल सकते हैं।



हालांकि, रिटेल कारोबारियों और इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि अब लोग रोजमर्रा के लेनदेन के लिए यूपीआई के इतने आदी हो चुके हैं कि वे इसे छोड़ना नहीं चाहेंगे।



इसलिए इस बात की संभावना बहुत ही कम है कि लोग डिजिटल पेमेंट छोड़कर दोबारा भारी संख्या में नकद (Cash) का इस्तेमाल शुरू कर देंगे।



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