लादेन को मारने वाली नेवी सील ने कैसे बचाई ईरान में फंसे अफसर की जान!
28 फरवरी से अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जंग चल रही है। दोनों तरफ से एक-दूसरे के ठिकानों पर हमले हो रहे हैं। इसी बीच शुक्रवार, 3 अप्रैल को एक अमेरिकी F-15E स्ट्राइक ईगल फाइटर जेट ईरान (F-15E Strike Eagle crash Iran) के ऊपर से गुजर रहा था।
ईरानी फायरिंग की चपेट में आने के बाद यह जेट क्रैश हो गया। उस जेट में दो लोग थे। एक पायलट और एक WSO यानी वेपन्स सिस्टम ऑफिसर। दोनों ने इजेक्ट किया, यानी इमरजेंसी में सीट समेत जेट से बाहर कूदे। उसी दिन पायलट को रेस्क्यू टीम ने बचा लिया, लेकिन WSO का कोई पता नहीं था। यहीं से शुरू हुआ वह ऑपरेशन (US airman rescued Iran), जो अब इतिहास में दर्ज हो गया है।
पहली कोशिश नाकाम
4 अप्रैल, शनिवार को अमेरिका ने फंसे हुए WSO को ढूंढने के लिए रेस्क्यू टीम भेजी। लेकिन ईरान ने इस टीम को रोक दिया। ईरान ने दावा किया कि उसने अमेरिका के दो ब्लैक हॉक हेलिकॉप्टर को मार गिराया। इसके अलावा रेस्क्यू मिशन में लगा एक A-10 Warthog फाइटर प्लेन भी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास क्रैश हो गया। पहला रेस्क्यू ऑपरेशन बुरी तरह फेल हो गया था।
अमेरिका का एक खास उसूल है, "कोई भी जवान पीछे नहीं छूटना चाहिए।" नुकसान कितना भी हो, मिशन जारी रहेगा। अमेरिका ने दोबारा तैयारी शुरू की।
CIA का दांव और नकली खबर
इस बार अमेरिका ने सिर्फ ताकत नहीं, दिमाग भी लगाया। CIA ने ईरान में यह अफवाह फैला दी कि WSO मिल गया है और उसे एक जमीनी काफिले में ईरान से बाहर ले जाया जा रहा है। यह पूरी तरह झूठ था (CIA disinformation Iran), लेकिन काम का झूठ। इससे ईरानी फोर्स का ध्यान उस पहाड़ी से हट गया, जहां WSO छिपा बैठा था।
CIA की मदद से अमेरिका को WSO की सटीक लोकेशन मिल गई। एयरफोर्स के जवान बीकन का इस्तेमाल करते हैं, ताकि उनकी जगह ट्रैक हो सके। लेकिन WSO ने बीकन हर वक्त चालू नहीं रखा था। कारण यह था कि ईरान उसे ट्रेस कर सकता था। जब बीकन चालू किया गया, तो रेडियो पर एक संदेश आया जो पहले "पावर बी टू गॉड" जैसा सुना गया।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप Donald Trumpने अमेरिकी न्यूज पोर्टल एक्सियोस (Axios) को बताया, "उन्होंने रेडियो पर जो कहा, वह ऐसा लग रहा था जैसे कोई मुसलमान कहता हो।" बाद में रक्षा अधिकारियों ने उस संदेश को "गॉड इज गुड" यानी "ईश्वर अच्छा है" माना। तब जाकर अमेरिका को यकीन हुआ कि लोकेशन सही है और WSO ईरान की पकड़ में नहीं आया है।
SEAL Team 6 की एंट्री
करीब 100 स्पेशल ऑपरेशन फोर्स के जवानों के साथ SEAL Team 6 को ईरान भेजा गया। डेल्टा फोर्स और आर्मी रेंजर्स को स्टैंडबाई पर रखा गया। राष्ट्रपति ट्रंप के आदेश पर दर्जनों फाइटर जेट, हेलिकॉप्टर, सर्विलांस प्लेन और एरियल टैंकर भी रवाना हुए।
WSO ईरान में जाग्रोस पहाड़ियों में सात हजार फीट की ऊंचाई पर एक दरार में छिपा था। ईरान ने उसे ढूंढने पर 60 हजार डॉलर, यानी करीब 55.83 लाख रुपए का इनाम रखा हुआ था। अमेरिका और इजरायली फाइटर जेट ने जैसे ही कमांडो उतारे, बमबारी शुरू कर दी। ऊंचाई पर बैठे WSO ने रेस्क्यू टीम को बताया कि ईरानी कहां से आ रहे हैं। इससे टीम को सटीक जगह निशाना लगाने में मदद मिली।
C-130 रेत में फंसे, तो उन्हें उड़ा दिया
कमांडो WSO को बचाकर निकले। उसे हेलिकॉप्टर से एक लैंडिंग जोन तक लाया गया। लेकिन यहां एक बड़ी मुसीबत आ गई। दो C-130 हरक्यूलिस एयरक्राफ्ट का नोज गियर रेत में फंस गया और वे उड़ नहीं पा रहे थे। ईरानी ताकत करीब आ रही थी और वक्त नहीं था।
अमेरिका ने एक कठोर फैसला लिया। दोनों C-130 एयरक्राफ्ट (C-130 Iran destroyed)को खुद ही बम से उड़ा दिया गया। इसके साथ चार MH-6 स्पेशल ऑपरेशन हेलिकॉप्टर भी तबाह किए गए। वजह साफ थी, ये एयरक्राफ्ट ईरान के हाथ नहीं लगने चाहिए थे। इसके बाद तीन नए प्लेन मंगाए गए और पूरी रेस्क्यू टीम समेत WSO को सुरक्षित ईरान से बाहर निकाला गया। घायल अफसर को कुवैत ले जाया गया। रेस्क्यू ऑपरेशन में अमेरिका का एक भी जवान नहीं मरा, एक भी घायल नहीं हुआ।
ईरान का उलटा दावा
ईरान की सरकारी न्यूज चैनल प्रेस टीवी ने कहा कि IRGC (Islamic Revolutionary Guard Corps), पुलिस कमांडो, बासिज रेजिस्टेंस फाइटर्स और रेगुलर आर्मी ने 5 अप्रैल की सुबह दक्षिणी इस्फहान में दो अमेरिकी C-130 और दो ब्लैक हॉक हेलिकॉप्टर को तबाह किया। ईरान ने इसे "अमेरिका का फेल मिशन" करार दिया और बर्बाद एयरक्राफ्ट की तस्वीरें भी जारी कीं।
ईरानी सेना के खतम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर ने कहा कि अमेरिकियों ने दक्षिणी इस्फहान में एक खाली एयरपोर्ट को खुफिया अड्डे की तरह इस्तेमाल करने का प्लान बनाया था, लेकिन ईरानी इंटेलिजेंस ने पहले ही इसे भांप लिया था।
अमेरिकी जनरल का बयान
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के पूर्व कमांडर जनरल फ्रैंक मैकेंजी ने CBS को दिए इंटरव्यू में माना कि मिशन में कुछ एयरक्राफ्ट का नुकसान हुआ। लेकिन उनका कहना था कि ऐसे हालात में यह नुकसान स्वीकार्य है। उन्होंने कहा, "एक एयरक्राफ्ट बनाने में एक साल लगता है, लेकिन एक सैन्य परंपरा बनाने में 200 साल लगते हैं, जहां आप किसी को पीछे नहीं छोड़ते।"
रेस्क्यू की जानकारी सीक्रेट रखने के लिए अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ Pete Hegseth ने राष्ट्रपति ट्रंप को फोन किया था। उन्होंने कहा था कि जब तक WSO को बचाने का मौका है, पायलट के रेस्क्यू की सफलता सार्वजनिक न की जाए। ट्रंप ने बाद में ट्रुथ सोशल पर ऑपरेशन की कामयाबी का ऐलान किया।
जरूरी FAQ
प्रश्न 1: SEAL Team 6 क्या है और इसने ईरान में क्या किया?
उत्तर: SEAL Team 6 अमेरिका की नेवी की सबसे खास और गुप्त कमांडो यूनिट है। इसी टीम ने 2011 में पाकिस्तान के एबटाबाद में अल-कायदा (Al-Qaeda) प्रमुख ओसामा बिन लादेन को मारा था। अप्रैल 2026 में इसी टीम ने ईरान में घुसकर एक घायल अमेरिकी वेपन्स सिस्टम ऑफिसर को बचाया। ऑफिसर जाग्रोस पहाड़ियों में 7,000 फीट की ऊंचाई पर छिपा था। टीम ने CIA की मदद से सटीक लोकेशन पाई और ईरानी फोर्स को चकमा देकर उसे सुरक्षित बाहर निकाला।
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