अमेरिका और ईरान के बीच समझौते की उम्मीद, 14 सूत्रीय समझौते पर चर्चा जारी
News in Short
- अमेरिका और ईरान के बीच समझौता हो सकता है।
- होर्मुज स्ट्रेट से फिर से नौवहन होगा।
- तेल की कीमतों में 11% गिरावट आई।
- अमेरिका ने ऑपरेशन एपिक फ्यूरी पूरा किया।
- चीन ने ईरान से होर्मुज स्ट्रेट खोलने की अपील की।
News in Detail
अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते की खबरें तेजी से फैल रही हैं। यह समझौता युद्ध खत्म करने और होर्मुज स्ट्रेट से नौवहन को फिर से खोलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने भी समझौते को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं, जबकि ईरान ने शर्तों के आधार पर सकारात्मक रुख दिखाया है। यह खबर तेल की कीमतों पर भी असर डाल रही है।
शांति की दिशा में कदम
अमेरिका और ईरान के बीच 14 सूत्रीय एक पृष्ठ के समझौते पर बातचीत लगभग पूरी हो चुकी है। यदि दोनों पक्ष इस पर सहमत होते हैं, तो पश्चिम एशिया में शांति स्थापित हो सकती है। यह समझौता होर्मुज स्ट्रेट से नौवहन को फिर से खोलने, अमेरिकी प्रतिबंधों को हटाने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर रोक लगाने की दिशा में एक बड़ा कदम हो सकता है।
अमेरिका की धमकी और शांति की संभावना
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि यदि ईरान इस समझौते पर सहमत नहीं होता है, तो अमेरिका फिर से बमबारी शुरू कर सकता है। इसके बावजूद, उन्होंने शांति वार्ता में प्रगति का संकेत दिया। ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान को वह सब देने के लिए तैयार होना होगा, जिस पर सहमति बनी है, ताकि युद्ध खत्म हो सके और होर्मुज स्ट्रेट सभी देशों के लिए खुल सके।
ईरान का सकारात्मक रुख
ईरान ने अमेरिका के 14 सूत्रीय प्रस्ताव पर विचार किया है और पाकिस्तान के माध्यम से जल्द अपना जवाब देने का संकेत दिया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इस प्रस्ताव को लेकर कोई टिप्पणी नहीं की, लेकिन उनका कहना था कि तेहरान सिर्फ एक निष्पक्ष और व्यापक समझौते को ही स्वीकार करेगा। यह इस बात का संकेत है कि ईरान समझौते के लिए तैयार है, बशर्ते शर्तें ईरान के पक्ष में हों।
तेल की कीमतों में गिरावट
समझौते की संभावनाओं ने दुनियाभर में तेल की कीमतों में गिरावट ला दी है। ब्रेंट क्रूड 11 प्रतिशत गिरकर 98 डॉलर प्रति बैरल के करीब आ गया है। इससे वैश्विक शेयर बाजारों में भी उछाल देखने को मिला। यह गिरावट ईरान और अमेरिका के बीच संभावित समझौते के संकेत के तौर पर देखी जा रही है।
चीन का दबाव और वैश्विक चिंता
चीन ने ईरान से अपील की है कि वह जल्द से जल्द होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोल दे। चीन का कहना है कि यह वैश्विक समुदाय की साझा चिंता है। चीन ने इस संबंध में ईरान की परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण इस्तेमाल के अधिकार की भी सराहना की है, और पश्चिम एशिया में युद्धविराम की आवश्यकता को बल दिया है। यह चीन का वैश्विक शांति के लिए एक मजबूत कदम है।
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