एक बार फिर बढ़ा युद्ध का खतरा, ईरान ने अमेरिकी ड्रोन गिराया, बदले में अमेरिका ने की बमबारी
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ा सैन्य टकराव
पश्चिम एशिया में हालात एक बार फिर बेहद नाजुक हो गए हैं। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने दावा किया है कि उसने अपने हवाई क्षेत्र में घुसपैठ करने वाले एक अमेरिकी ड्रोन को मार गिराया है।
इसके साथ ही ईरान ने सीमा में घुसे एक अमेरिकीलड़ाकू विमान पर भी फायरिंग की बात कही है।
IRGC का कहना है कि अगर अमेरिका ने युद्धविराम का उल्लंघन किया, तो ईरान इसका करारा जवाब देगा। ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई ने भी अमेरिका को धमकी दी है।
उन्होंने कहा है कि अब पश्चिम एशिया की ताकतें अमेरिकी ठिकानों के लिए ढाल नहीं बनेंगी। अमेरिका का कोई भी ठिकाना अब यहां सुरक्षित नहीं है।
अमेरिका ने रातभर की बमबारी
जानकारी के अनुसार इस दावे से ठीक पहले अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान में रातभर ताबड़तोड़ हमले किए। अमेरिकी सेना के मुताबिक उन्होंने ईरान की उन नौकाओं को निशाना बनाया जो समुद्र में बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिश कर रही थीं। इसके साथ ही अमेरिका ने ईरान के कई मिसाइल लॉन्च ठिकानों को भी तबाह कर दिया है।
पिछले 24 घंटे के बड़े अपडेट्स...
ट्रम्प की दोटूक
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि वे ईरान के साथ ओबामा प्रशासन जैसी कोई ढीली डील नहीं करेंगे। या तो एक मजबूत और अच्छा समझौता होगा या फिर कुछ भी नहीं होगा।
दोहा वार्ता के अहम मुद्दे
कतर में चल रही दोहा वार्ता में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने और ईरान के हाईली एनरिच्ड यूरेनियम पर मुख्य चर्चा हो रही है। ईरान की फ्रीज संपत्तियों को वापस पाने पर भी बात चल रही है।
समझौते पर नहीं बने दस्तखत
कयास लगाए जा रहे थे कि दोनों देश सीजफायर बढ़ाने पर दस्तखत कर देंगे। फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच समझौते पर सहमति नहीं बन सकी है।
सुप्रीम लीडर की मंजूरी जरूरी
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने लेबनान और हिजबुल्लाह के समर्थन में संदेश जारी किया है। उन्होंने कहा कि ईरान इजराइल के खिलाफ लेबनान की संप्रभुता के साथ खड़ा है।
हिजबुल्लाह को समर्थन
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने लेबनान और हिजबुल्लाह के समर्थन में संदेश जारी किया है। उन्होंने कहा कि ईरान, इजराइल के खिलाफ लेबनान की संप्रभुता के साथ खड़ा है।
ईरान में 88 दिन बाद लौटा इंटरनेट
वहीं इस भारी सैन्य तनाव के बीच ईरान से एक बड़ी राहत की खबर भी आई है। ईरान में पिछले 88 दिनों से बंद पड़ी इंटरनेट सेवाओं को आंशिक रूप से बहाल कर दिया गया है। इंटरनेट की निगरानी करने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था नेटब्लॉक्स ने इसे आधुनिक इतिहास का सबसे लंबा राष्ट्रीय इंटरनेट ब्लैकआउट करार दिया है।
नेटब्लॉक्स की रिपोर्ट: मंगलवार को ईरान में अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से थोड़ी कनेक्टिविटी जुड़ती हुई देखी गई है। हालांकि यह साफ नहीं है कि सरकार इस इंटरनेट सेवा को स्थायी रूप से चालू रखेगी या नहीं।
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