मिडटर्म चुनाव में ट्रंप को झटका, डेमोक्रेट्स ने सीनेट में हासिल किया बहुमत, विवेक रामास्वामी भी हारे
चुनाव के नतीजे ट्रंप के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माने जा रहे हैं। इस बीच ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट की। उन्होंने कहा कि अब वे राजनीतिक पंडित बनेंगे। वे चुनाव में उम्मीदवारों की जीत और हार के कारणों पर अपनी राय रखेंगे। दूसरी ओर, भारतीय मूल के रिपब्लिकन नेता विवेक रामास्वामी को भी ओहायो के गवर्नर चुनाव में हार मिली है।
हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में डेमोक्रेट्स आगे
अमेरिकी संसद के निचले सदन को हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स कहा जाता है। इसमें कुल 435 सीटें हैं। इस बार सभी सीटों पर चुनाव हुए हैं।
शुरुआती रुझानों के मुताबिक, डेमोक्रेटिक पार्टी 203 सीटों पर आगे चल रही है। वहीं, ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी 108 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। इस सदन में बहुमत हासिल करने के लिए किसी भी पार्टी को कम से कम 218 सीटें जीतनी होती हैं।
डेमोक्रेट्स की कोशिश इस आंकड़े तक पहुंचने की है। वहीं, रिपब्लिकन पार्टी अपना बहुमत बचाने के लिए संघर्ष कर रही है।
सीनेट में डेमोक्रेटिक पार्टी को बहुमत
सीनेट अमेरिकी संसद का ऊपरी सदन है। इसमें कुल 100 सीटें होती हैं। इस बार 35 सीटों पर चुनाव हुए हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, अब तक 23 सीटों के नतीजे सामने आए हैं।
इनमें डेमोक्रेटिक पार्टी ने 15 सीटें जीती हैं। वहीं, रिपब्लिकन पार्टी को 8 सीटें मिली हैं। बाकी 12 सीटों पर वोटों की गिनती जारी है।
कुल सीटों के आंकड़ों को मिलाकर डेमोक्रेट्स के पास 51 सीटें हो गई हैं। वहीं, रिपब्लिकन पार्टी के पास 39 सीटें हैं। सीनेट में बहुमत के लिए 51 सीटों की जरूरत होती है। इस तरह डेमोक्रेटिक पार्टी ने बहुमत हासिल कर लिया है।
गवर्नर चुनाव में भी डेमोक्रेट्स का प्रदर्शन बेहतर
अमेरिका में गवर्नर चुनाव के नतीजों में भी डेमोक्रेटिक पार्टी आगे नजर आ रही है। कुल 36 राज्यों में गवर्नर पद के लिए चुनाव हुए हैं। इनमें से 24 राज्यों के नतीजे आ चुके हैं।
अब तक डेमोक्रेटिक पार्टी के 17 उम्मीदवार जीत चुके हैं। वहीं, रिपब्लिकन पार्टी को 7 सीटें मिली हैं। बाकी राज्यों में मतगणना जारी है।
टेक्सास में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जीना हिनोजोसा ने बड़ी जीत दर्ज की है। इसके साथ ही वे राज्य की पहली लैटिना गवर्नर बनेंगी। लैटिना का मतलब लैटिन अमेरिकी मूल की महिला होता है।
टेक्सास की करीब 40 फीसदी आबादी लैटिन अमेरिकी मूल की है। यहां 30 साल से ज्यादा समय बाद किसी डेमोक्रेटिक उम्मीदवार ने गवर्नर का पद जीता है।
सीनेट में बहुमत का गणित समझिए
अमेरिकी सीनेट में कुल 100 सदस्य होते हैं। पहले रिपब्लिकन पार्टी के पास 53 सीटें थीं। वहीं, डेमोक्रेटिक पार्टी के पास 45 सीटें थीं। इसके अलावा 2 निर्दलीय सांसद भी हैं। ये दोनों डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर काम करते हैं। इस तरह दोनों पक्षों के बीच सीटों का अनुपात 53-47 था।
सीनेट में बहुमत के लिए 51 सदस्यों का समर्थन जरूरी होता है। हालांकि, अगर दोनों पार्टियों के पास 50-50 सीटें होती हैं, तो उपराष्ट्रपति जेडी वेंस निर्णायक वोट दे सकते हैं।
इस बार सीनेट की 35 सीटों पर चुनाव हुआ। इनमें 22 सीटें रिपब्लिकन और 13 सीटें डेमोक्रेटिक पार्टी के पास थीं। डेमोक्रेट्स को बहुमत हासिल करने के लिए कम से कम 4 सीटों का शुद्ध फायदा उठाना था।
हाउस में बहुमत के लिए 218 सीटें जरूरी
अमेरिकी संसद के निचले सदन में कुल 435 सीटें होती हैं। यहां बहुमत के लिए किसी भी पार्टी को 218 सीटें जीतनी होती हैं।
इस बार सभी 435 सीटों पर चुनाव हुए हैं। जिस पार्टी को 218 या उससे ज्यादा सीटें मिलेंगी, वह सदन में बहुमत हासिल कर लेगी।
इस चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के सामने दोनों सदनों में अपना बहुमत बचाने की चुनौती थी। वहीं, डेमोक्रेट्स दोनों सदनों में बहुमत हासिल करना चाहते थे।
विवेक रामास्वामी को भी मिली हार
इस चुनाव में भारतीय मूल के रिपब्लिकन नेता विवेक रामास्वामी को भी हार का सामना करना पड़ा है। ओहायो राज्य के गवर्नर चुनाव में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार एमी एक्टन ने उन्हें हरा दिया।
इस जीत के साथ एमी एक्टन ओहायो की पहली निर्वाचित महिला गवर्नर बनेंगी। राज्य में करीब 20 साल बाद डेमोक्रेटिक पार्टी ने गवर्नर का चुनाव जीता है।
40 साल के विवेक रामास्वामी ने साल 2024 में रिपब्लिकन पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ने की तैयारी की थी। उन्होंने अपनी उम्मीदवारी भी पेश की थी। हालांकि, बाद में उन्होंने अपना नाम वापस ले लिया और डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन किया।
खास बात यह है कि ट्रंप ने भी ओहायो के गवर्नर चुनाव में रामास्वामी का समर्थन किया था। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी उनके प्रचार के लिए पहुंचे थे। इसके बावजूद रामास्वामी जीत हासिल नहीं कर सके।
ट्रंप के लिए क्यों अहम हैं ये नतीजे?
मिडटर्म चुनाव के नतीजे राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी रिपब्लिकन पार्टी के लिए महत्वपूर्ण हैं। इन चुनावों में सीनेट और हाउस की सीटों के साथ राज्यों के गवर्नर भी चुने जाते हैं।
डेमोक्रेट्स को सीनेट में बहुमत मिलने से अमेरिकी राजनीति में उनकी स्थिति मजबूत हुई है। वहीं, हाउस में भी उनकी बढ़त पर सबकी नजर है। इन नतीजों के बाद ट्रंप की राजनीतिक चुनौतियां बढ़ सकती हैं। अब देखना होगा कि आने वाले समय में अमेरिकी राजनीति की दिशा क्या रहती है।
यह खबर क्यों जरूरी है
अमेरिकी मिडटर्म चुनाव के नतीजे राष्ट्रपति ट्रंप के शेष कार्यकाल की नीतियों को सीधे प्रभावित करेंगे। अगर डेमोक्रेट्स दोनों सदनों में बहुमत में हैं, तो कांग्रेस में ट्रंप सरकार की नीतियों पर जांच और संतुलन बढ़ेगा। भारतीय मूल के नेताओं की जीत-हार भी भारतीय पाठकों के लिए दिलचस्प है।