उत्तराखंड के थराली में बादल फटा, एक की मौत, कई लापता, देशभर में बाढ़-बारिश से लोग परेशान

Sanjay Dhiman | Aug 23, 2025, 17:59 IST
Photograph: (the sootr)
शनिवार को राजस्थान के दो जिले जहां बाढ़ की चपेट में हैं, तो उत्तराखंड के कई हाईवे बारिश के कारण बंद है। दिल्ली में यमुना नदी खतरे के निशान के आसपास बह रही है। निचली बस्तियों में पानी घुसने का डर बना हुआ है। मध्यप्रदेश में भी बारिश का अलर्ट है।

उत्तराखंड के चमोली जिले के थराली में शुक्रवार रात को बादल फटने की गंभीर घटना घटी। यह हादसा रात के 1 से 2 बजे के बीच हुआ था। इस प्राकृतिक आपदा में सागवाड़ा और चेपड़ों गांवों में काफी तबाही मच गई। यह घटना इस क्षेत्र में हाल के समय में दूसरी बार बादल फटने की घटना है, जिससे पूरी स्थानीय आबादी प्रभावित हुई है।



इधर देश के अन्य राज्यों में भी बाढ़-बारिश का कहर बरकरार है। शनिवार को देश के दर्जनभर से अधिक राज्य बाढ़-बारिश और उससे उत्पन्न स्थितियों से परेशान होते दिखाई दिए। राजस्थान के दो जिले जहां बाढ़ की चपेट में है तो उत्तराखंड के कई हाईवे बारिश के कारण बंद है, इधर दिल्ली में यमुना नदी खतरे के निशान के आसपास बह रही है। निचली बस्तियों में पानी घुसने का डर बना हुआ है। मध्यप्रदेश में भी बारिश का अलर्ट है।



घरों में घुसा दो-दो फीट तक मलबा

चमोली के जिलाधिकारी संदीप तिवारी के अनुसार, थराली तहसील मुख्यालय से करीब एक किलोमीटर के दायरे में कई स्थानों पर मलबा घुस गया। स्थानीय नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए। इसके कारण थराली की सड़कों पर मलबा भर गया और कई घरों को नुकसान हुआ।



सागवाड़ा में एक लड़की मलबे में दब गई, जिसकी बाद में मौत हो गई। वहीं, चेपड़ों गांव में एक व्यक्ति लापता है और सागवाड़ा व चेपड़ों के कुल 70-80 घरों में करीब दो फीट तक मलबा घुस चुका है। इससे दोनों गांवों के लोग परेशान और हताश हैं।



यह भी पढ़ें...



इंदौर CRIME BRANCH ने गुजरात से बरामद किया 4.80 करोड़ का चोरी गया सोना, ड्राइवर समेत एक और को पकड़ा



केंद्रीय मंत्री गडकरी ने किया जबलपुर में 7 KM लंबे फ्लाईओवर का लोकार्पण, 7 मिनट में तय होगी ये दूरी



6bb150be-bf5


मलबा गिरने के कारण राष्ट्रीय हाईवे हुआ बंद

थराली को जोड़ने वाला कर्णप्रयाग-ग्वालदम राष्ट्रीय हाईवे मिंग गधेरा के पास मलबा गिरने के कारण पूरी तरह से बंद हो गया है। सड़क संपर्क के बाधित होने से स्थानीय लोगों को राहत-बचाव कार्य में परेशानी हो रही है। इस मार्ग की बंदी से क्षेत्र की आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है।



उत्तराखंड में बादल फटने की दूसरी घटना

उत्तराखंड में पिछले 18 दिनों में बादल फटने की यह दूसरी घटना है। इससे पहले 5 अगस्त को धराली में बादल फटने से 5 लोगों की मौत हुई थी और 100 से अधिक लोग लापता हो गए थे। हालात चिंताजनक होते जा रहे हैं और मौसम विभाग ने राज्य में अगले कुछ दिनों में और भी बारिश के अलर्ट जारी किए हैं।



7596bbcc-47f


राहत और बचाव कार्य के लिए सेना

राहत और बचाव कार्य के लिए राज्य सरकार ने सेना की मदद ली है। रुद्रप्रयाग से 50 जवानों वाली इन्फैंट्री बटालियन की एक टुकड़ी को थराली में भेजा गया है, ताकि मलबे को हटाया जा सके और फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके। इसके अलावा, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय पुलिस बल भी राहत कार्य में जुटे हुए हैं।



चमोली के प्रशासन ने हरमनी गांव के पास एक सड़क को चालू किया है, ताकि इलाके के लोगों को राहत मिल सके। मौसम विभाग ने भी उत्तराखंड में मूसलधार बारिश और लैंडस्लाइड की चेतावनी दी है।



79cdbb95-3b8


यह भी पढ़ें...



राजस्थान का किशनगढ़ एयरपोर्ट : रनवे विस्तार योजना का रास्ता साफ, देश में बनेगी नई पहचान



Indore में बीजेपी नगराध्यक्ष सुमित मिश्रा ने पुलिसकर्मियों को दिखाया रौब, कहे अपशब्द | MP NEWS



उत्तराखंड के थराली में बादल फटने की घटना को ऐसे समझें



बादल फटने की घटना: उत्तराखंड के थराली में शुक्रवार रात बादल फटने से सागवाड़ा और चेपड़ों गांवों में भारी तबाही हुई। 70-80 घरों में दो फीट तक मलबा भर गया और कई दुकानों को नुकसान हुआ।

मृत्यु और लापता व्यक्ति: सागवाड़ा में एक लड़की मलबे में दबने से मारी गई, जबकि चेपड़ों में एक व्यक्ति लापता है।

सड़क और हाईवे बंद: कर्णप्रयाग-ग्वालदम नेशनल हाईवे मिंग गधेरा में मलबा गिरने के कारण बंद हो गया, जिससे राहत कार्यों में बाधा आई।

सेना की मदद: थराली में राहत और बचाव कार्य के लिए सेना की 50 जवानों की टुकड़ी भेजी गई है, जो मलबा हटाकर रास्ता खोलने का काम कर रही है।

मौसम और अलर्ट: उत्तराखंड के ऊंचे क्षेत्रों में अलकनंदा और भागीरथी नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, और अगले दिनों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

देश के अलग-अलग राज्यों में बाढ़-बारिश की स्थिति

पिथौरागढ़ में सड़क बंद होने के कारण

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में लगातार भारी बारिश हो रही है। इस भारी बारिश ने कई सड़कों को नुकसान पहुंचाया है, विशेषकर उन सड़कों को जो पहाड़ी क्षेत्रों से गुजरती हैं। बारिश और भूस्खलन के कारण सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। जिसके कारण यह हाईवे बंद पडे़ हुए है।



प्रभावित सड़कों की सूची

  1. थल-मुनस्यारी स्टेट हाईवे
  2. मुनस्यारी-मिलम बॉर्डर रोड
  3. धारचूला-तवाघाट नेशनल हाईवे
  4. रामगंगा-थल-मुनस्यारी नेशनल हाईवे

जम्मू-कश्मीर में कार बही, क्रेन से निकाला गया

जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में तेज बारिश के कारण एक कार नदी में बह गई। राहत टीमों ने क्रेन की मदद से कार को नदी से बाहर निकाला। इस घटना में किसी प्रकार के जानी नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन यह हादसा यह दर्शाता है कि कैसे मानसून के मौसम में जलस्तर अचानक बढ़ जाता है और दुर्घटनाएं घट सकती हैं।



हिमाचल प्रदेश में मकान गिरने का मामला

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के बालीचौकी में देर रात एक चार मंजिला मकान गिर गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि भारी बारिश और जमीन की धंसने की वजह से यह हादसा हुआ। राहत और बचाव कार्य तेजी से चलाए गए हैं, लेकिन यह हादसा यह बताता है कि हिमाचल प्रदेश में मानसून के मौसम में क्या खतरे हो सकते हैं।



IMD Weather alert: Heavy Rainfall Alert: South India braces for flooding as Bay of Bengal depressio


दिल्ली में यमुना नदी खतरे के निशान के पास

दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। प्रशासन ने मयूर विहार क्षेत्र में बाढ़ राहत शिविर स्थापित किए हैं। यदि जलस्तर और बढ़ता है तो आस-पास के इलाकों में जलभराव हो सकता है, जिससे लोगों की जान और संपत्ति को नुकसान हो सकता है।



राजस्थान में बाढ़ के हालात

राजस्थान में कोटा, बूंदी और सवाई माधोपुर जैसे जिलों में भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है। राज्य प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य के लिए सेना की मदद ली है। कई जिलों में स्कूलों की छुट्टियां भी घोषित कर दी गई हैं, ताकि बच्चों और आम नागरिकों को सुरक्षित रखा जा सके।



c736ce96-977


मध्य प्रदेश में तेज बारिश का अलर्ट

मध्यप्रदेश में अगले तीन दिनों तक तेज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। प्रदेश के 13 जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है, जिसके कारण बाढ़ के हालात उत्पन्न हो सकते हैं। राज्य के कई इलाकों में अब तक औसत से ज्यादा बारिश हो चुकी है, जिससे जलभराव की संभावना बढ़ गई है।



thesootr links

दसूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट केसाथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें



अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩‍👦👨‍👩‍👧‍👧👩



Tags:
  • मध्यप्रदेश
  • एनडीआरएफ
  • दिल्ली
  • भारी बारिश
  • मौसम
  • उत्तराखंड
  • राजस्थान में बाढ़ के हालात
  • हाईवे बंद
  • प्राकृतिक आपदा
  • थराली में बादल फटने की घटना
  • राहत और बचाव कार्य