मजदूरों के लिए खुशखबरी: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वीबी-जी राम जी बिल 2025 को दी मंजूरी

Sanjay Dhiman | Dec 21, 2025, 20:37 IST
Photograph: (the sootr)
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वीबी-जी राम जी बिल 2025 को मंजूरी दी है। यह बिल ग्रामीण मजदूरों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाता है और मनरेगा में सुधार करता है। इससे उन्हें 125 दिन काम की गारंटी मिलती है।

New Delhi. भारत में मजदूरों और ग्रामीण परिवारों के लिए एक बड़ी खुशखबरी आई है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वीबी-जी राम जी बिल 2025 को मंजूरी दे दी है। इस बिल के अंतर्गत, अब ग्रामीण परिवारों के लिए मजदूरी रोजगार गारंटी को बढ़ाकर प्रति वर्ष 125 दिन कर दिया गया है। पहले यह केवल 100 दिनों तक सीमित था।



क्या है वीबी-जी राम जी बिल 2025?

वीबी-जी राम जी बिल का मतलब है विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण)। इस विधेयक के माध्यम से, सरकार ने ग्रामीण विकास और सशक्तिकरण के लिए एक नई दिशा तय की है। यह बिल पुराने मनरेगा कानून की जगह लेगा और अब इसका नाम बदलकर जी राम जी रखा गया है।



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वीबी जी राम जी बिल को राष्ट्रपति की मंजूरी को ऐसे समझें

  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वीबी-जी राम जी बिल 2025 को मंजूरी दी, जो रोजगार गारंटी योजना को 100 से बढ़ाकर 125 दिन करेगा।
  • यह बिल मनरेगा के स्थान पर लागू होगा, और इसका उद्देश्य टिकाऊ बुनियादी ढांचा और ग्रामीण विकास को बढ़ावा देना है।
  • राज्यों को बुवाई और कटाई के मौसम में 60 दिन तक कार्य रोकने का अधिकार मिलेगा, जिससे किसानों को मजदूरों की कमी नहीं होगी।
  • मजदूरों को अब कृषि सीजन में भी काम मिलेगा, जिससे उनकी आय में संतुलन बनेगा और अतिरिक्त आय अर्जित कर सकेंगे।
  • सरकार ने यह कदम विकसित भारत 2047 के विजन को ध्यान में रखते हुए उठाया, जो ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास को सुनिश्चित करेगा।

क्या है इस बिल की अहमियत?

वीबी-जी राम जी बिल 2025 के जरिए, सरकार ने ग्रामीण भारत के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने का लक्ष्य रखा है। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में विकास को बढ़ावा देना और मजदूरों के लिए रोजगार की गारंटी सुनिश्चित करना है। इस विधेयक से महत्वपूर्ण बदलाव आएंगे जो ग्रामीण क्षेत्रों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करेंगे।



मजदूरों को कैसे मिलेगा फायदा?

अब तक मनरेगा के तहत सिर्फ 100 दिन काम की गारंटी दी जाती थी, लेकिन इस नए बिल के लागू होने के बाद 125 दिन रोजगार गारंटी मिलेगी। यह बदलाव मजदूरों के लिए एक बड़ी राहत है। इसके अलावा, किसानों को भी फायदा होगा। राज्य सरकारों को यह अधिकार दिया गया है कि वे बुवाई और कटाई के मौसम में 60 दिनों तक काम रोकने का निर्णय ले सकती हैं। इससे किसान और मजदूर दोनों को लाभ होगा, क्योंकि कृषि मौसम में मजदूरों की कमी नहीं होगी।



मनरेगा से क्या अलग है यह नया कानून?

केंद्र सरकार का कहना है कि वीबी-जी राम जी बिल ने मनरेगा की कमियों को दूर किया है। अब, इसके तहत होने वाले सभी काम विकसित भारत राष्ट्रीय ग्रामीण इन्फ्रास्ट्रक्चर स्टैक में शामिल होंगे। इसका मतलब है कि गांवों में होने वाले सभी विकास कार्य एक राष्ट्रीय फ्रेमवर्क के तहत होंगे। इस बदलाव से टिकाऊ और दीर्घकालिक परिसंपत्तियों का निर्माण सुनिश्चित होगा।



किसे मिलेगा इस बिल से लाभ?

इस बिल का सबसे बड़ा फायदा मजदूरों और किसानों को होगा। जहां एक ओर मजदूरों को 125 दिन काम की गारंटी मिलेगी, वहीं दूसरी ओर किसानों को भी कृषि मौसम में मजदूरों की कमी नहीं होगी। इससे दोनों वर्गों की आय में संतुलन बना रहेगा।



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निष्कर्ष

वीबी-जी राम जी बिल 2025 का उद्देश्य केवल कृषि और मजदूरी से जुड़ा नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण विकास और रोजगार की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे ग्रामीण भारत में बुनियादी ढांचे का निर्माण होगा, और मजदूरों के लिए स्थिर रोजगार मिलेगा।



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