4 मिनट में 900 कर्मचारियों को निकालने वाला Better.com का CEO खुद हुआ बेरोजगार
समझें क्या है पूरा मामला...
- 4 मिनट में 900 को निकालने वाला CEO खुद हो गया बेरोजगार।
- विशाल गर्ग को कंपनी ने बाहर किया, 1 डॉलर भी नहीं देगी।
- वर्चुअल मीटिंग पर छंटनी करने वाले बॉस की खुद चली गई कुर्सी।
- पांच साल बाद पलटी बाजी, अब खुद जॉबलेस हुए विशाल गर्ग।
- कर्मचारियों की हाय लगी या कंपनी की सियासत, जानें पूरा मामला।
चार साल पहले वर्चुअल मीटिंग ( Virtual Meeting ) में 900 लोगों को नौकरी से निकालने वाले CEO विशाल गर्ग अब खुद बेरोजगार हो गए हैं। वे Better.com के फाउंडर थे। कंपनी के बोर्ड ने उन्हें पद से हटा दिया है। गर्ग इस फैसले को मानने से इनकार कर रहे हैं। उन्होंने कंपनी पर गुमराह करने का आरोप लगाया है।
किसे मिली कंपनी की कमान
अमेरिका की ऑनलाइन मॉर्गेज कंपनी Better.com के संस्थापक विशाल गर्ग को बोर्ड कमेटी ने बाहर किया है। उनकी जगह अब डैनियल लुईस को कंपनी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
यह फैसला 3 अगस्त 2026 को लिया गया। गर्ग करीब 10 साल से इस कंपनी से जुड़े थे। उन्होंने इसे खुद खड़ा किया था। अब उसी कंपनी ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया है।
2021 में क्या हुआ था
दिसंबर 2021 में गर्ग ने एक वर्चुअल मीटिंग में बड़ा फैसला लिया था। सिर्फ 4 मिनट में उन्होंने 900 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया। यह कंपनी के कुल स्टाफ का करीब 9 प्रतिशत हिस्सा था।
यह फैसला क्रिसमस से ठीक पहले लिया गया था। इसी वजह से यह मामला दुनियाभर में चर्चा का विषय बन गया। लोगों को यह तरीका बेहद कठोर लगा था। बाद में गर्ग ने अपने व्यवहार के लिए माफी भी मांगी थी। उस समय उन्होंने कंपनी की खराब आर्थिक हालत को कॉर्पोरेट छंटनी की वजह बताया था।
अब गर्ग का क्या कहना है
गर्ग ने निदेशक मंडल के फैसले को स्वीकार नहीं किया है। उनका आरोप है कि नए CEO डैनियल लुईस ने बोर्ड का भरोसा जीतने के लिए उन्हें गुमराह किया। गर्ग के मुताबिक, लुईस करीब छह महीने पहले उनसे जुड़े। उन्होंने खर्च घटाने और मुनाफा बढ़ाने के सुझाव दिए थे।
गर्ग को लुईस के खर्च घटाने वाले विचार पसंद आए थे। लेकिन काम करने के नए तरीकों को लेकर उनकी सोच अलग थी। गर्ग का दावा है कि लुईस ने धीरे-धीरे बोर्ड के बाकी सदस्यों का भरोसा जीत लिया। इसी के बाद उन्हें पद से हटाने की स्थिति बनी।
कुर्सी वापस पाने के लिए वकील की मदद
गर्ग अब अपनी पुरानी पोस्ट वापस पाने की कोशिश में हैं। इसके लिए उन्होंने वकील एलेक्स सैपिरो की मदद ली है। उन्होंने बोर्ड को पत्र भेजकर दोबारा CEO बनाने की मांग की है।
गर्ग का कहना है कि उन्हें अब भी कंपनी के भविष्य पर भरोसा है। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि उनके कुछ फैसले और उन्हें लागू करने का तरीका सही नहीं था। कुछ निवेशक भी गर्ग के समर्थन में बताए जा रहे हैं। अब यह मामला सिर्फ एक पद का नहीं, बल्कि नेतृत्व की लड़ाई बन गया है।
सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया
गर्ग की बर्खास्तगी की खबर सोशल मीडिया पर तेजी से फैली। कई लोगों ने इसे कर्मचारियों की बद्दुआ का नतीजा बताया। लोगों का कहना है कि जिसने बेरहमी से सैकड़ों लोगों को निकाला, अब उसे भी वैसा ही अनुभव हुआ है।
कंपनी ने साफ किया है कि गर्ग को कोई मुआवजा नहीं दिया जाएगा। यह घटना एक बार फिर कॉरपोरेट लीडरशिप और कर्मचारियों के साथ व्यवहार पर बहस छेड़ गई है।
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