क्यों चर्चा में है आईपीएस बुशरा बानो, जिनके एक बयान से मच गया बवाल
पश्चिम मेदिनीपुर के खड़गपुर में एडिशनल एसपी के पद पर तैनात महिला आईपीएस अधिकारी डॉ. बुशरा बानो अचानक चर्चा में आ गईं। बता दें कि 13 सितंबर को उन्होंने सोशल मीडिया पर अपना एक वीडियो पोस्ट किया था। इस वीडियो के आने के बाद से ही बवाल मच गया है।
अस्सलामुअलैकुम से शुरू हुआ विवाद
दरअसल आईपीएस अधिकारी डॉ. बुशरा बानो इस वीडियो में वह पुलिस की वर्दी पहने हुए यूपीएससी की तैयारी करने वाले छात्र-छात्राओं को गाइड कर रही थीं और उनका हौसला बढ़ा रही थीं।
वीडियो की शुरुआत उन्होंने अस्सलामुअलैकुम बोलकर की थी। बातचीत के दौरान उन्होंने इंशाल्लाह और आखिर में जजाकल्लाह जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया।
सोशल मीडिया पर कुछ लोगों को वर्दी में इन शब्दों का इस्तेमाल ठीक नहीं लगा। उन्होंने इसे लेकर नाराजगी जाहिर की। बात इतनी बढ़ गई कि लोगों ने इंटरनेट पर उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया। विवाद को बढ़ता देखकर बाद में उन्होंने यह वीडियो अपने अकाउंट से हटा दिया।
हिंदू लीगल फंड ने दर्ज कराई शिकायत
इस मामले ने तब जोर पकड़ा जब हिंदू लीगल फंड नाम के एक एक्स (X) हैंडल ने इस वीडियो को शेयर किया। इस संगठन ने दावा किया कि उन्होंने पश्चिम बंगाल के गृह सचिव से इस बात की लिखित शिकायत की है।
संगठन का कहना था कि वीडियो में धार्मिक शब्दों का उपयोग किया गया, लेकिन वंदे मातरम या जय हिंद जैसे राष्ट्रीय शब्द नहीं बोले गए। उनका आरोप था कि एक सरकारी पद पर बैठे अधिकारी को हमेशा निष्पक्ष दिखना चाहिए और सार्वजनिक बातचीत में राष्ट्रीय अभिव्यक्तियों का ही इस्तेमाल करना चाहिए।
तबादले के बाद नई तैनाती कहां हुई?
वहीं इस मामले के तूल पकड़ने के बाद सोमवार को पश्चिम बंगाल सरकार ने एक आदेश जारी करके डॉ. बुशरा बानो का तबादला कर दिया। लोग इस ट्रांसफर को सीधे तौर पर सोशल मीडिया के इस विवाद से जोड़कर देख रहे हैं।
- डॉ. बुशरा बानो का नया पद: उन्हें खड़गपुर के एडिशनल एसपी पद से हटाकर स्टेट आर्म्ड पुलिस (SAP) की चौथी बटालियन में डिप्टी कमांडेंट नियुक्त किया गया है।
- खड़गपुर में नई तैनाती: बुशरा बानो की जगह अब पार्थ घोष को खड़गपुर का नया एडिशनल एसपी बनाया गया है।
बुशरा बानो के समर्थन में कौन-कौन से नेता आए?
दूसरी ओर तबादले की खबर सामने आते ही कई बड़े राजनेता और सांसद बुशरा बानो के समर्थन में उतर आए और इस प्रशासनिक फैसले पर सवाल खड़े किए:
पूर्व क्रिकेटर और सांसद मोहम्मद अजहरुद्दीन
मोहम्मद अजहरुद्दीन ने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर इस कदम को बेहद चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा कि सिर्फ अस्सलाम वालेकुम और इंशाल्लाह बोलने की वजह से किसी आईपीएस अफसर का तबादला करना गलत है।
जब किसी सामान्य अभिवादन को निशाना बनाया जाने लगे, तो यह सोचना चाहिए कि हम अल्पसंख्यकों को क्या संदेश दे रहे हैं।
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा
तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा ने बुशरा बानो के ट्रांसफर लेटर को शेयर करते हुए खुलकर उनका साथ दिया। उन्होंने लिखा कि केंद्र सरकार एक तरफ ब्रिक्स (BRICS) सम्मेलन में प्रेयर रूम बनाकर धर्मनिरपेक्ष छवि दिखाती है।
वहीं दूसरी तरफ एक मुस्लिम महिला अफसर को केवल अस्सलाम वालेकुम और जजाकल्लाह कहने पर किनारे कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि यह गोदी मीडिया द्वारा फैलाई जा रही नफरत का असर है और वह बुशरा के साथ खड़ी हैं।
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