गलत UPI Payment होने पर क्या पैसा वापस मिलेगा? जानें नियम

Anjali Dwivedi | Apr 12, 2026, 16:35 IST
wrong upi transaction
यूपीआई ने मार्च 2026 में 22.64 अरब ट्रांजेक्शन का आंकड़ा पार किया है। यदि आपसे गलत भुगतान हो जाए तो बैंक, NPCI और RBI लोकपाल की मदद से पैसा वापस पाने की प्रक्रिया और सावधानियों के बारे में यहां जानें।

आज के डिजिटल दौर में UPI हमारी जीवनशैली का अहम हिस्सा बन चुका है। शनिवार 11 अप्रैल, 2016 को जब NPCI ने इसे पेश किया था, तब किसी ने नहीं सोचा था कि महज 10 साल में यह तकनीक नकद का विकल्प बन जाएगी।



हालिया आंकड़ों के मुताबिक, मार्च 2026 में UPI ने 22.64 अरब ट्रांजेक्शन का कीर्तिमान स्थापित किया है। हालांकि सुविधा के साथ-साथ गलत पेमेंट का जोखिम भी बढ़ा है। अगर आपसे भी ऐसी गलती हो जाए तो क्या पैसा वापस आएगा? आइए, इसके हर कानूनी और तकनीकी पहलू को बारीकी से समझते हैं।



क्या UPI ट्रांजेक्शन को अनडू किया जा सकता है?

तकनीकी रूप से समझें तो UPI एक वन-टाइम विंडो सिस्टम है। लाइव मिंट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, एक बार ट्रांजेक्शन सफल होने के बाद इसे वापस लेना मुमकिन नहीं है। ऐप में कोई अनडू बटन नहीं होता, जिससे आप तुरंत पैसा वापस खींच सकें। यह पूरी तरह रिसीवर की ईमानदारी और बैंक की प्रक्रिया पर निर्भर करता है।



जैसे ही आपको पता चले कि पैसा गलत नंबर (गलत खाते में ऑनलाइन पेमेंट) पर गया है, सबसे पहले उस व्यक्ति से कॉन्टेक्ट करने की कोशिश करें। कई बार सामने वाला व्यक्ति सहयोग करता है और पैसे वापस कर देता है। अगर वह व्यक्ति पैसे लौटाने से इनकार कर दे, तब आपको आधिकारिक कानूनी और बैंकिंग रास्तों का रुख करना होगा।



बैंक और NPCI में शिकायत की प्रक्रिया

अगर बातचीत से बात न बने तो इन चरणों का पालन करें:



  • बैंक को सूचना दें: अपने बैंक के ऐप में जाकर उस ट्रांजेक्शन को रिपोर्ट करें।
  • NPCI पोर्टल: भीम (BHIM) ऐप या NPCI के आधिकारिक पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करें। यह सिस्टम आपके मामले को ट्रैक करने में मदद करता है।
  • ग्रीवांस सेल: यदि बैंक सामान्य शिकायत पर कार्रवाई न करे तो बैंक के शिकायत निवारण विभाग से संपर्क करें, जहां वरिष्ठ अधिकारी आपकी बात सुनते हैं।

कई बार बैंक यह कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं कि ट्रांजेक्शन आपकी मर्जी (UPI PIN दर्ज करने) से हुआ है। ऐसी स्थिति में आप भारतीय रिजर्व बैंक के लोकपाल के पास जा सकते हैं। हालांकि यह याद रखें कि यदि प्राप्तकर्ता पैसा देने से मना कर दे और मामले में कोई धोखाधड़ी शामिल न हो तो बैंक जबरन पैसा वापस नहीं ला सकता।



बचाव ही सबसे बड़ा समाधान है

गलती होने के बाद भटकने से बेहतर है कि पेमेंट (UPI payment) करते समय दो-चरणीय प्रमाणीकरण का सम्मान करें। हमेशा बड़े ट्रांजेक्शन से पहले 1 रुपए भेजकर पुष्टि कर लें। क्यूआर कोड का उपयोग करना नंबर टाइप करने से ज्यादा सुरक्षित है, क्योंकि इसमें टाइपिंग की गलती की गुंजाइश नहीं रहती।



ये खबरें भी पढ़ें....



गलत खाते में हो गया UPI ट्रांजेक्शन? घबराएं नहीं, इन 4 स्टेप्स से आपकी रकम आएगी वापस



1 अप्रैल से बदल जाएगा ऑनलाइन पेमेंट का तरीका, जानिए नया नियम



छत्तीसगढ़ की सभी शराब दुकानें होंगी कैशलेस, अब ऑनलाइन पेमेंट से ही होगा लेन-देन



डिजिटल हुआ छत्तीसगढ़ मनरेगा; मजदूरों की हाजिरी से लेकर पेमेंट तक सब ऑनलाइन, पारदर्शिता में बना नंबर वन राज्य



Tags:
  • भारतीय रिजर्व बैंक
  • UPI payment
  • ऑनलाइन पेमेंट
  • गलत खाते में ऑनलाइन पेमेंट
  • धोखाधड़ी
  • UPI
  • UPI ट्रांजेक्शन