April 2026 Vrat Tyohar: अप्रैल में भक्ति और ग्रहों की चाल का अनोखा संगम, देखें पर्वों की पूरी लिस्ट

Kaushiki | Mar 28, 2026, 14:59 IST
April 2026 Vrat Tyohar
अप्रैल 2026 में हनुमान जयंती, अक्षय तृतीया और बैशाखी जैसे बड़े पर्व आएंगे। वैशाख मास की शुरुआत के साथ कई महत्वपूर्ण व्रत भी रखे जाएंगे। यहां देखें पूरी लिस्ट।

April 2026 Vrat Tyohar: साल 2026 का चौथा महीना अप्रैल शुरू होने वाला है। हिंदू धर्म में यह महीना बहुत ही पावन माना जाता है। इस महीने में चैत्र मास समाप्त होकर वैशाख शुरू होगा।



अप्रैल में हनुमान जयंती और अक्षय तृतीया जैसे पर्व आएंगे। साथ ही ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, अप्रैल 2026 का महीना बहुत ही उथल-पुथल भरा रहने वाला है।



इस महीने कई ग्रह अपनी राशियों और नक्षत्रों में परिवर्तन करेंगे। ग्रहों की ये बदलती स्थिति देश-दुनिया और आपकी राशि पर गहरा प्रभाव डाल सकती है। चलिए जानते हैं इस महीने के सभी व्रत-त्योहार और ग्रहों की चाल।



April 2026 Vrat Tyohar List: हनुमान जयंती से लेकर अक्षय तृतीया तक, अप्रैल 2026 में पड़ेंगे ये त्योह


अप्रैल 2026 के व्रत और त्योहार

  • हनुमान जयंती और चैत्र पूर्णिमा (2 अप्रैल):
    इस दिन भक्त हनुमान जी का जन्मोत्सव बड़े धूमधाम से मनाएंगे। चैत्र पूर्णिमा का व्रत भी इसी दिन रखा जाएगा।
  • वैशाख माह का आरंभ (3 अप्रैल):
    आज से पावन वैशाख मास की शुरुआत हो जाएगी। भक्त अब सुबह जल्दी उठकर पवित्र स्नान करेंगे।
  • विकट संकष्टी चतुर्थी (5 अप्रैल):
    भगवान गणेश को समर्पित यह व्रत रविवार को पड़ेगा। विघ्नहर्ता की पूजा से सभी कष्ट दूर हो जाएंगे।
  • मासिक कृष्ण जन्माष्टमी (9 अप्रैल):
    भगवान श्री कृष्ण के बाल रूप की पूजा होगी। भक्त कान्हा के लिए उपवास और भजन-कीर्तन करेंगे।
  • कालाष्टमी (10 अप्रैल):
    भगवान काल भैरव की कृपा पाने का यह विशेष दिन है। नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए पूजा होगी।
  • वरुथिनी एकादशी (13 अप्रैल):
    यह व्रत मोक्ष प्रदान करने वाला माना जाता है। भगवान विष्णु की भक्ति में भक्त लीन रहेंगे।
  • बैशाखी और मेष संक्रांति (14 अप्रैल):
    पंजाब में बैशाखी का त्योहार बड़े उल्लास से मनाएंगे। इसी दिन सूर्य देव मेष राशि में प्रवेश करेंगे।
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  • वैशाख अमावस्या (17 अप्रैल):
    पितरों के तर्पण के लिए यह दिन बहुत उत्तम है। दान और पवित्र नदी में स्नान का महत्व है।
  • अक्षय तृतीया और परशुराम जयंती (19 अप्रैल):
    सोना खरीदने और नए काम के लिए यह शुभ दिन है। भगवान परशुराम का जन्मोत्सव भी इसी दिन मनाया जाएगा।
  • शंकराचार्य और सूरदास जयंती (21 अप्रैल):
    आदि गुरु शंकराचार्य और कवि सूरदास का स्मरण होगा। संतों के ज्ञान और भक्ति का उत्सव मनाया जाएगा।
  • रामानुज जयंती और स्कंद षष्ठी (22 अप्रैल):
    स्वामी रामानुजाचार्य की जयंती पर विशेष आयोजन किए जाएंगे। भगवान कार्तिकेय की पूजा स्कंद षष्ठी पर होगी।
  • गंगा सप्तमी (23 अप्रैल):
    मान्यता है कि आज मां गंगा स्वर्ग से उतरी थीं। गंगा स्नान करने से सभी पाप धुल जाते हैं।
  • बगलामुखी जयंती और दुर्गाष्टमी (24 अप्रैल):
    शक्ति की देवी मां बगलामुखी की विशेष साधना होगी। मासिक दुर्गाष्टमी पर माँ दुर्गा का पूजन होगा।
  • सीता नवमी (25 अप्रैल):
    माता सीता के प्राकट्य दिवस का भव्य उत्सव होगा। सुहागिन महिलाएं अखंड सौभाग्य के लिए व्रत रखेंगी।
  • मोहिनी एकादशी (27 अप्रैल):
    भगवान विष्णु के मोहिनी अवतार की पूजा की जाएगी। यह व्रत सभी पापों का नाश करने वाला है।
  • भौम प्रदोष व्रत (28 अप्रैल):
    मंगलवार को प्रदोष होने से यह भौम प्रदोष कहलाएगा। भगवान शिव और मंगल देव की कृपा प्राप्त होगी।
  • नृसिंह और छिन्नमस्ता जयंती (30 अप्रैल):
    भगवान नृसिंह ने आज ही हिरण्यकश्यप का वध किया था। मां छिन्नमस्ता की जयंती भी श्रद्धा से मनेगी।
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अप्रैल 2026 में ग्रहों का महागोचर

  • बुध का पूर्वभाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश (1 अप्रैल):
    महीने की शुरुआत में ही बुध देव कुंभ राशि में रहते हुए अपना नक्षत्र बदलेंगे। यह संचार और व्यापार के क्षेत्र में नए बदलाव लेकर आने वाला समय होगा।
  • मंगल का मीन राशि में प्रवेश (2 अप्रैल):
    साहस के कारक मंगल देव कुंभ राशि छोड़कर मीन राशि में प्रवेश कर जाएंगे। इससे लोगों के स्वभाव में संवेदनशीलता और अध्यात्म के प्रति झुकाव बढ़ सकता है।
  • शुक्र का भरणी नक्षत्र में प्रवेश (6 अप्रैल):
    ऐश्वर्य के देवता शुक्र देव भरणी नक्षत्र में प्रवेश करके अपना प्रभाव बढ़ाएंगे। यह समय कला और सौंदर्य से जुड़े लोगों के लिए काफी शुभ रहने वाला है।
  • मंगल का उत्तरभाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश (6 अप्रैल):
    मंगल देव मीन राशि में रहते हुए शनि के नक्षत्र उत्तरभाद्रपद में चले जाएंगे। इस गोचर से कार्यों में अनुशासन और मेहनत करने की शक्ति में वृद्धि होगी।
  • बुध का मीन राशि में प्रवेश (11 अप्रैल):
    बुद्धि के देवता बुध मीन राशि में प्रवेश करेंगे जहां वे नीच के होते हैं। यहां बुध के प्रभाव से निर्णय लेने की क्षमता में थोड़ी दुविधा आ सकती है।
  • बुध का उत्तरभाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश (13 अप्रैल):
    बुध देव फिर से अपना नक्षत्र बदलेंगे और शनि के नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। इस समय व्यापारिक समझौतों में बहुत ही सावधानी बरतने की जरूरत होगी।
  • सूर्य का मेष राशि में गोचर (14 अप्रैल):
    आज सूर्य देव अपनी उच्च राशि मेष में प्रवेश करेंगे, जिसे मेष संक्रांति कहते हैं। इससे समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा और प्रशासनिक कार्यों में सफलता मिलेगी।
  • शुक्र का कृत्तिका नक्षत्र में प्रवेश (16 अप्रैल):
    शुक्र देव सूर्य के नक्षत्र कृत्तिका में प्रवेश करेंगे जिससे प्रेम संबंधों में तेजी आएगी। यह समय विलासिता की वस्तुओं की खरीदारी के लिए काफी अच्छा साबित होगा।
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  • शनि का उत्तरभाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश (17 अप्रैल):
    न्याय के देवता शनि अपने स्वयं के नक्षत्र उत्तरभाद्रपद में प्रवेश करने जा रहे हैं। इससे लोगों को उनकी पुरानी मेहनत का फल मिलना शुरू हो जाएगा।
  • शुक्र का वृषभ राशि में प्रवेश (19 अप्रैल):
    शुक्र देव अपनी खुद की राशि वृषभ में प्रवेश करेंगे जिससे सुख-सुविधाएं बढ़ेंगी। यह गोचर आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने में बहुत बड़ी भूमिका निभाएगा।
  • केतु का मघा नक्षत्र में प्रवेश (20 अप्रैल):
    छाया ग्रह केतु मघा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे जो केतु का ही अपना नक्षत्र है। इससे आध्यात्मिक ज्ञान और मोक्ष की तरफ लोगों का ध्यान अधिक जाएगा।
  • गुरु का पुनर्वसु नक्षत्र में प्रवेश (20 अप्रैल):
    देवगुरु बृहस्पति अपने ही नक्षत्र पुनर्वसु में प्रवेश करेंगे जिससे ज्ञान में वृद्धि होगी। शिक्षा और बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े लोगों को बड़ी कामयाबी मिल सकती है।
  • बुध का रेवती नक्षत्र में प्रवेश (22 अप्रैल):
    बुध देव बुध के ही नक्षत्र रेवती में प्रवेश करके बुद्धि को और प्रखर करेंगे। इस समय नए विचारों और रचनात्मक कार्यों में काफी सफलता मिलने वाली है।
  • मंगल का रेवती नक्षत्र में प्रवेश (24 अप्रैल):
    मंगल देव भी रेवती नक्षत्र में प्रवेश करेंगे जिससे लोगों में परोपकार की भावना बढ़ेगी। ऊर्जा का सही दिशा में इस्तेमाल करने से कार्यों में बड़ी जीत मिलेगी।
  • शुक्र का रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश (27 अप्रैल):
    शुक्र देव चंद्रमा के नक्षत्र रोहिणी में प्रवेश करेंगे जिससे मन काफी प्रसन्न रहेगा। रिश्तों में मधुरता आएगी और घर में खुशियों का माहौल बना रहेगा।
  • सूर्य का भरणी नक्षत्र में प्रवेश (28 अप्रैल):
    सूर्य देव शुक्र के नक्षत्र भरणी में प्रवेश करेंगे जिससे नेतृत्व क्षमता निखर कर आएगी। सरकारी कामों में आ रही बाधाएं दूर होंगी और सम्मान में बढ़ोतरी होगी।
  • बुध का मेष राशि में प्रवेश (30 अप्रैल):
    महीने के अंत में बुध देव मंगल की राशि मेष में प्रवेश कर जाएंगे। यहां बुध की स्थिति से आपकी वाणी में काफी आत्मविश्वास और निडरता दिखाई देगी।

डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही या सटीक होने का हम कोई दावा नहीं करते हैं। ज्यादा और सही डिटेल्स के लिए, हमेशा उस फील्ड के एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।



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