आज की रात काल भैरव स्तुति का पाठ करने से सुबह होने लगेंगे चमत्कार
काल भैरव अष्टक- आज और कल भगवान काल भैरव जो कि भगवान शंकर जी के ही स्वरूप हैं। बाबा काल भैरव जी इस कलयुग की सभी बाधाओं का शीघ्र निवारण करने वाले देवता माने जाते हैं। विशेष रूप से भूत-प्रेत एवं तांत्रिक बाधांओ के दोषों का निवारण केवल भैरव बाबा के पूजन से दूर हो जाता है। अगर अपनी संतान की दीर्घायु, या किसी को कोई गंभीर रोग या बीमारी हो तो भगवान भैरव का स्मरण और पूजन करने से सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। अगर भैरव जंयती के दिन मध्य रात्रि में नीचे दी गई भैरव बाबा की विशेष स्तुति “भैरव अष्टकका पाठ 5 बार करने से राहु-केतु की पीड़ा से मुक्ति मिल जाती है, साथ ही जीवन में अनेक तरह के शुभ चमत्कार होने लगते हैं।
अथ काल भैरव अष्टकम् पाठ विधि
इस स्तुति का पाठ करने से पूर्व विधिवत बाबा काल भैरव का पूजन करें, पूजन में आटे से बना हुआ चार बत्ती वाला दीपक जिसे गाय का शुद्ध घी ही होना चाहिए जिसे अपनी मन की कामना भगवान काल भैरव को बताते हुए जलाना चाहिए, साथ ही दीपक में एक चुटकी हल्दी, पीली सरसो के दाने एवं काली भी डालने हर कार्य में चमत्कारों से भरी हुई सफलता मिलने लगती है।
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