चैत्र नवरात्रि के पांचवें दिन मां स्कंदमाता को लगाएं केले का भोग, दूर होंगे सभी संकट
Chaitra Navratri Day 5: चैत्र नवरात्रि 2026 का पावन उत्सव पूरे देश में हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। नवरात्रि के पांचवें दिन मां स्कंदमाता को समर्पित है। भगवान कार्तिकेय की माता होने के कारण इन्हें स्कंदमाता कहा जाता है।
मां का यह स्वरूप वात्सल्य और शक्ति का अद्भुत संगम है। मान्यता है कि इनकी पूजा से सूनी गोद भर जाती है और भक्तों को मोक्ष मिलता है। स्कंदमाता की कृपा से कठिन से कठिन कार्य भी सरल हो जाते हैं। आइए जानें मां की महिमा, कथा और पूजा की विधि।
मां स्कंदमाता की पौराणिक कथा
पौराणिक कथाओं के अनुसार तारकासुर नाम का एक बहुत शक्तिशाली राक्षस था। उसका वध केवल शिव पुत्र कार्तिकेय के हाथों ही संभव हो सकता था। मां पार्वती ने अपने पुत्र को युद्ध के लिए तैयार करना शुरू किया।
उन्होंने स्कंदमाता का रूप धरकर पुत्र कार्तिकेय को अस्त्र-शस्त्र की शिक्षा दी। मां के मार्गदर्शन से कार्तिकेय ने तारकासुर का वध कर दिया। इसी कारण मां स्कंदमाता को शक्ति और वात्सल्य की देवी माना जाता है।
मां स्कंदमाता की पूजा विधि
सबसे पहले अपने पूजा घर को गंगाजल छिड़ककर अच्छी तरह शुद्ध कर लें। फिर एक लकड़ी की चौकी पर साफ पीला कपड़ा बिछाना चाहिए। अब मां स्कंदमाता की सुंदर मूर्ति या तस्वीर को वहां स्थापित करें।
मां को पीले रंग के वस्त्र पहनाएं और पीले फूल अर्पित करें। पूजा में अक्षत, धूप, दीप और मिठाई का प्रयोग जरूर करें। मां को केले का फल चढ़ाना अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है।
मां स्कंदमाता को लगाएं इन चीजों का भोग
मां स्कंदमाता को पीले रंग की सभी खाद्य वस्तुएं बहुत प्रिय हैं। आप उन्हें ताजे केले या बेसन के लड्डू का भोग लगाएं। केसर की खीर अर्पित करने से मां बहुत जल्दी प्रसन्न होती हैं।
स्कंदमाता की पूजा के समय पीले रंग के कपड़े पहनना श्रेष्ठ है। इससे साधक के मन में सात्विक विचार और शांति पैदा होती है। अंत में कपूर जलाकर मां की आरती पूरी श्रद्धा से करें।
मां स्कंदमाता का मंत्र
मां की कृपा पाने के लिए उनके विशेष मंत्र का जाप करें।
मंत्र: "ॐ देवी स्कन्दमातायै नमः॥"
नवरात्रि का पांचवां दिनइस मंत्र के जाप से मन की सभी उलझनें समाप्त हो जाती हैं। मां स्कंदमाता सूर्यमंडल की अधिष्ठात्री देवी मानी जाती हैं।
उनकी उपासना करने से साधक का चेहरा तेज से चमकने लगता है। संतान प्राप्ति की इच्छा रखने वालों के लिए यह पूजा वरदान है। सच्चे दिल से मांगी गई हर मुराद मां जरूर पूरी करती हैं।
मां स्कंदमाता की आरती
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही या सटीक होने का हम कोई दावा नहीं करते हैं। ज्यादा और सही डिटेल्स के लिए, हमेशा उस फील्ड के एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
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