चैत्र महाअष्टमी को मां महागौरी को प्रसन्न करने के लिए जरूर लगाएं नारियल का भोग, बरसेगी मां की कृपा

Kaushiki | Mar 25, 2026, 17:00 IST
ashtami mahagauri
चैत्र नवरात्रि की महाअष्टमी 26 मार्च 2026 को है। इस दिन मां महागौरी की पूजा और कन्या पूजन से सुख-समृद्धि मिलती है। जानें शुभ मुहूर्त और मंत्र।

Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि का आठवां दिन (26 मार्च) बहुत ही खास माना जाता है। इस दिन को महाअष्टमी के नाम से जाना जाता है। यह दिन मां दुर्गा के आठवें स्वरूप महागौरी को समर्पित है।



मां महागौरी पवित्रता, शांति और कठोर तपस्या का साक्षात प्रतीक हैं। पंचांग के मुताबिक, इस साल चैत्र महाअष्टमी 26 मार्च को मनाई जाएगी। मां की सच्ची भक्ति से जीवन के सभी पाप मिट जाते हैं।



महाष्टमी का शुभ मुहूर्त

मां महागौरी की पौराणिक कथा

महागौरी नाम का अर्थ है जो पूर्ण रूप से श्वेत है। इनका वर्ण गौर है और यह बहुत शांत नजर आती हैं। मां का रूप चंद्रमा के समान उज्ज्वल और सुंदर है। वे सफेद वस्त्र और सफेद आभूषण ही धारण करती हैं।



मां का वाहन वृषभ है इसलिए इन्हें वृषारूढ़ा भी कहते हैं। देवी पार्वती ने शिव जी को पाने हेतु कठोर तप किया। तपस्या के कारण उनका शरीर बहुत काला पड़ गया था।



भगवान शिव उनकी भक्ति देखकर अत्यंत प्रसन्न हो उठे थे। उन्होंने गंगा के पवित्र जल से देवी को स्नान कराया। गंगाजल के स्पर्श से देवी का शरीर चमकने लगा था।



तभी से भक्तों के बीच उनका नाम महागौरी पड़ गया। उनकी कथा हमें धैर्य और अटूट विश्वास सिखाती है। मां के चार हाथ हैं जो वरदान और सुरक्षा देते हैं। इनके हाथों में त्रिशूल और डमरू हमेशा शोभा पाते हैं।



मां महागौरी की पूजा विधि

  • अष्टमी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें।
  • पूजा के लिए सफेद या गुलाबी वस्त्र पहनना शुभ है।
  • मंदिर में मां की प्रतिमा के सामने दीपक जलाएं।
  • मां को रोली, अक्षत, कुमकुम और सिंदूर अर्पित करें।
  • पूजन में पीले या सफेद फूलों का प्रयोग करना चाहिए।
  • मां को नारियल, हलवा, पूरी और चने का भोग लगाएं।
  • नारियल अर्पित करने के बाद उसे दान करना फलदायी है।

कन्या पूजन की विधि

अष्टमी के दिन कन्या पूजन का सबसे अधिक महत्व है। नौ कुंवारी कन्याओं को देवी का रूप माना जाता है। सबसे पहले प्रेमपूर्वक कन्याओं के पैर साफ जल से धोएं। उन्हें सम्मान के साथ आसन पर बैठाकर भोजन कराएं। भोजन में हलवा, पूरी और काले चने जरूर खिलाएं।



इसके बाद उन्हें उपहार और दक्षिणा देकर विदा करें। उनके पैर छूकर आशीर्वाद लेना कभी भी न भूलें। मां महागौरी को नारियल का भोग लगाना अत्यंत शुभ माना जाता है। इसके अलावा अष्टमी के दिन मां को हलवा, पूरी और काले चने का प्रसाद भी बहुत प्रिय है।



मां महागौरी के मंत्र

  • मां महागौरी की पूजा में मंत्रों का विशेष महत्व है।
  • 'ॐ देवी महागौर्यै नमः' मंत्र का जाप निरंतर करें।
  • 'या देवी सर्वभू‍तेषु मां गौरी रूपेण संस्थिता' मंत्र पढ़ें।

इस स्तुति से मन की शुद्धता और शांति मिलती है। मां की आरती के साथ पूजा का समापन करें। सच्चे हृदय से की गई प्रार्थना मां जरूर सुनती हैं। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार बना रहता है।



मां महागौरी की आरती

MAA Mahagauri 6


MAA Mahagauri 6


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