क्या है पीतल-तांबे का वो अनदेखा सच, जो धनतेरस पर बदल सकता है घर की किस्मत, जानें इसके पीछे का पौराणिक रहस्य

Kaushiki | Oct 29, 2026, 12:30 IST
धनतेरस पर तांबे-पीतल की खरीदारी का असली कारण
Buying brass and copper utensils on Dhanteras is an ancient tradition. Lord Dhanvantari appeared with a brass pot. Purchasing brass and copper brings health, prosperity, and luck
दिवाली का त्योहार बहुत पास आ गया है। धनतेरस से इस त्योहार की शुरुआत होती है। इस दिन बाजार में बहुत भीड़ होती है। लोग बर्तन और गहने जमकर खरीदते हैं। ज्यादातर लोग पीतल और तांबे के बर्तन लेते हैं। क्या आपने कभी सोचा है ऐसा क्यों है? केवल पीतल और तांबा ही क्यों खरीदा जाता है?

इसका जवाब हमारी पुरानी पौराणिक कथाओं में छुपा है। इस परंपरा के पीछे सेहत का राज भी है। आइए इस परंपरा का धार्मिक इतिहास समझें।



धनतेरस 2026: तिथि, शुभ मुहूर्त और खरीदारी का समय



पंचांग के मुताबिक, इस साल धनतेरस पर खरीदारी और पूजा के विशेष शुभ मुहूर्त इस प्रकार हैं:



  • त्रयोदशी तिथि प्रारंभ: 6 नवंबर 2026, सुबह 10:30 बजे से
  • त्रयोदशी तिथि समाप्त: 7 नवंबर 2026, सुबह 10:47 बजे तक
  • धनतेरस पूजा मुहूर्त: 6 नवंबर, शाम 06:02 बजे से रात 07:57 बजे तक
  • प्रदोष काल मुहूर्त: 6 नवंबर, शाम 05:33 बजे से रात 08:09 बजे तक

खरीदारी का उत्तम समय:



शुक्रवार, 6 नवंबर को सुबह 10:30 बजे के बाद त्रयोदशी तिथि शुरू होते ही सोना, चांदी, पीतल के बर्तन और झाड़ू खरीदना अत्यंत शुभ रहेगा।



भगवान धन्वंतरि की पौराणिक कथा

शास्त्रों में एक बहुत सुंदर कथा आती है। देवताओं और असुरों ने मिलकर समुद्र मंथन किया। इस मंथन से कई रत्न बाहर निकले थे। धनतेरस के दिन भगवान धन्वंतरि बाहर आए। भगवान धन्वंतरि के हाथ में एक कलश था। वह कलश पीतल की धातु से बना था।



उस कलश में अमृत भरा हुआ था। इसी वजह से पीतल को बेहद शुभ माना गया। धनतेरस को धन्वंतरि जी का जन्मदिन मनाते हैं। इसलिए इस दिन पीतल खरीदना शुभ होता है।



पीतल की धातु का धार्मिक महत्व

सनातन धर्म में पीतल का खास स्थान है। पीतल को देव धातु भी कहा जाता है। पूजा में पीतल के बर्तनों का उपयोग होता है। भगवान विष्णु को पीतल बहुत प्रिय है। पीतल का रंग पीला और सुनहरा होता है।



पीला रंग गुरु ग्रह का प्रतीक माना जाता है। गुरु ग्रह से ज्ञान और धन मिलता है। धनतेरस पर पीतल लाने से गुरु मजबूत होता है। घर में सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। परिवार के लोगों में प्रेम बढ़ता है।



तांबे का सूर्य देव से संबंध

तांबा भी एक पवित्र धातु है। प्राचीन काल से पूजा में तांबा इस्तेमाल होता है। तांबे का संबंध सूर्य देव से माना गया है। सूर्य देव हमें अच्छी सेहत और सम्मान देते हैं। ज्योतिष में तांबे को बहुत शुद्ध माना जाता है।



तांबे के बर्तन में पानी पीना अच्छा है। धनतेरस पर तांबा खरीदने से सूर्य मजबूत होता है। इससे व्यक्ति का मान और सम्मान बढ़ता है। घर की नकारात्मक ऊर्जा तुरंत खत्म हो जाती है। घर में सुख और शांति बनी रहती है।



खाली बर्तन घर कभी न लाएं

धनतेरस पर बर्तन खरीदते समय ध्यान रखें। दुकान से खाली बर्तन घर बिल्कुल न लाएं। खाली बर्तन घर लाना शुभ नहीं होता है। बर्तन में थोड़ा पानी या अनाज भर लें। आप बर्तन में मिठास भी रख सकते हैं। बर्तन में गुड़ या चावल डालना अच्छा है। इसे घर लाने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। घर में कभी अन्न की कमी नहीं होती। धन और धान्य हमेशा भरा रहता है। यह छोटा सा नियम बहुत लाभकारी होता है।



सेहत और विज्ञान का अनोखा जोड़

हमारी पुरानी परंपराओं के पीछे विज्ञान भी है। पीतल और तांबा सेहत के लिए बहुत अच्छे हैं। तांबे के बर्तन में रखा पानी शुद्ध होता है। यह पानी पीने से पेट ठीक रहता है। पीतल के बर्तन में खाना बनाना सुरक्षित है। इससे शरीर को जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं। हमारे पूर्वज सेहत का बहुत ध्यान रखते थे। इसलिए उन्होंने त्योहारों से इन धातुओं को जोड़ा। धनतेरस केवल धन का त्योहार नहीं है। यह अच्छी सेहत पाने का भी दिन है।



धनतेरस की खरीदारी के नियम

धनतेरस पर खरीदारी करते समय सावधानी बरतें। इस दिन लोहे का सामान बिल्कुल न खरीदें। राहु का प्रभाव लोहे पर माना जाता है। कांच का सामान भी इस दिन न लें। केवल पीतल, तांबा या चांदी ही खरीदें। सही समय पर खरीदारी करना बहुत शुभ है। शुभ मुहूर्त में खरीदी गई वस्तु फलती है। बर्तन को घर लाकर स्वच्छ जगह रखें। संध्या समय धन्वंतरि जी की पूजा करें। ऐसा करने से घर में खुशहाली आएगी।



धनतेरस पर सुख समृद्धि का राज

धनतेरस का दिन बहुत पावन माना जाता है। इस दिन दिल से पूजा करनी चाहिए। सही धातु खरीदकर घर लाएं। परिवार के सदस्यों के साथ खुशियां बांटें। पीतल और तांबे के बर्तन बहुत टिकाऊ होते हैं।



यह सालों साल घर में बने रहते हैं। यह हमारे समृद्ध इतिहास की याद दिलाते हैं। इस धनतेरस आप भी पीतल जरूर खरीदें। भगवान धन्वंतरि आपकी सेहत अच्छी रखेंगे। मां लक्ष्मी आपके घर में वास करेंगी।



डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही या सटीक होने का हम कोई दावा नहीं करते हैं। ज्यादा और सही डिटेल्स के लिए, हमेशा उस फील्ड के एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।



FAQs:



  1. धनतेरस 2026 की तिथियां और शुभ मुहूर्त क्या हैं?
    धनतेरस 2026 के लिए त्रयोदशी तिथि 6 नवंबर, सुबह 10:30 बजे से प्रारंभ होकर 7 नवंबर, सुबह 10:47 बजे तक रहेगी। पूजा मुहूर्त 6 नवंबर, शाम 06:02 बजे से रात 07:57 बजे तक है।
  2. धनतेरस पर पीतल और तांबे की खरीदारी का धार्मिक महत्व क्या है?
    धनतेरस पर पीतल को शुभ माना जाता है क्योंकि भगवान धन्वंतरि का जन्मदिन इसी दिन मनाया जाता है। वहीं, तांबा सूर्य देव से संबंधित है और इसका उपयोग सेहत को बढ़ावा देने में मदद करता है।
  3. धनतेरस पर किन धातुओं की खरीदारी करनी चाहिए और किन्हें नहीं?
    धनतेरस पर केवल पीतल, तांबा या चांदी की खरीदारी करनी चाहिए। लोहे और कांच के सामान की खरीदारी इस दिन शुभ नहीं मानी जाती।
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