दिवाली पर लक्ष्मी पूजा के लिए मिलेंगे सिर्फ 3 शुभ मुहूर्त, न भूलें ये जरूरी चीजें, जानें घर में पूजा करने का आसान तरीका

Kaushiki | Nov 07, 2026, 10:50 IST
दिवाली 2026 पर लक्ष्मी-गणेश पूजा की पूरी विधि, जानें शुभ मुहूर्त और जरूरी पूजा सामग्री
Diwali Lakshmi Ganesh Puja 2026: Devotees worship Goddess Lakshmi and Lord Ganesha for prosperity and happiness. Three auspicious Sthir Lagna timings are highlighted for November 8.
Diwali Lakshmi Puja 2026: दिवाली हिंदू धर्म के सबसे बड़े और प्रमुख त्योहारों में से एक है। इस दिन घरों में दीपक जलाए जाते हैं और मां लक्ष्मी के साथ भगवान गणेश की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यता है कि दिवाली पर विधि-विधान से लक्ष्मी-गणेश पूजा करने से घर में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है।

इस साल दिवाली का त्योहार 8 नवंबर 2026 को मनाया जा रहा है। अगर आप भी घर पर लक्ष्मी-गणेश की पूजा करने की तैयारी कर रहे हैं, तो पूजा का शुभ मुहूर्त, जरूरी सामग्री और पूरी विधि जान लीजिए।



इस बार दिवाली पर मां लक्ष्मी की पूजा के लिए तीन स्थिर लग्न में शुभ मुहूर्त बताए गए हैं। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, कुंभ, वृष और सिंह लग्न में लक्ष्मी पूजन किया जा सकता है। इनमें शाम का वृष लग्न गृहस्थों के लिए विशेष शुभ माना गया है। वहीं, कारोबारी रात के सिंह लग्न में भी मां लक्ष्मी की पूजा कर सकते हैं।



दिवाली पर लक्ष्मी पूजा के शुभ मुहूर्त

धार्मिक मान्यता के मुताबिक, स्थिर लग्न में पूजा करना शुभ माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र में वृष, सिंह, वृश्चिक और कुंभ को स्थिर राशियां कहा जाता है। मान्यता है कि इन राशियों के लग्न में पूजा करने से धन-संपत्ति और सुख-समृद्धि स्थिर बनी रहती है।



लक्ष्मी-गणेश पूजा के लिए जरूरी सामग्री

दिवाली पर पूजा शुरू करने से पहले सभी जरूरी चीजें एक जगह रख लें, ताकि पूजा के दौरान बार-बार उठना न पड़े। इस Puja Samagri List में आप ये चीजें शामिल कर सकते हैं।



मां लक्ष्मी को अर्पित करें ये चीजें
दिवाली पूजा सामग्री

धार्मिक मान्यता के मुताबिक, इनमें कमल के फूल, लाल वस्त्र, फल, नैवेद्य और साबुत धनिया का विशेष महत्व बताया गया है। पूजा की सामग्री स्थानीय पारिवारिक परंपरा मुताबिक अलग-अलग भी हो सकती है।



घर में लक्ष्मी-गणेश पूजा कैसे करें

दिवाली की शाम पूजा शुरू करने से पहले घर और पूजा स्थल की अच्छी तरह सफाई करें। इसके बाद स्नान करके साफ कपड़े पहनें। घर के मंदिर या पूजा के लिए चुनी गई जगह पर लकड़ी की चौकी रखें और उस पर लाल कपड़ा बिछाएं।



चौकी पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करें। इसके बाद पूजा स्थल के पास जल से भरा कलश रखें। परंपरा के अनुसार, कलश पर आम के पत्ते और नारियल भी रखा जा सकता है।



अब घी या तेल का दीपक जलाएं। सबसे पहले भगवान गणेश का ध्यान करें, क्योंकि हिंदू धार्मिक परंपरा में किसी भी शुभ कार्य से पहले गणेश पूजा का विशेष महत्व है। इसके बाद मां लक्ष्मी का ध्यान करें और उन्हें रोली, कुमकुम, अक्षत और फूल अर्पित करें। मां लक्ष्मी को लाल वस्त्र और कमल का फूल चढ़ाना शुभ माना जाता है।



मां लक्ष्मी को लगाएं फल और मिठाई का भोग

पूजा के दौरान मां लक्ष्मी और भगवान गणेश को फल, मिठाई और अन्य नैवेद्य अर्पित करें। धार्मिक मान्यता के मुताबिक, लक्ष्मी पूजन में साबुत धनिया चढ़ाने का भी विशेष महत्व है। इसके बाद धूप और दीपक जलाकर मां लक्ष्मी से परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें। पूजा के समय मन को शांत रखें और पूरी श्रद्धा के साथ पूजा करें।



अष्टलक्ष्मी की पूजा

लक्ष्मी पूजा में श्रीसूक्त पाठ का विशेष महत्व

दिवाली की पूजा में श्रीसूक्त का पाठ करना महत्वपूर्ण माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि श्रीसूक्त के पाठ से मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है और घर में धन-धान्य की वृद्धि होती है। अगर आप श्रीसूक्त का पाठ करना जानते हैं, तो पूजा के समय इसका पाठ कर सकते हैं।



इसके अलावा मां लक्ष्मी के मंत्रों का जाप भी किया जा सकता है। पूजा के आखिर में लक्ष्मी-गणेश की आरती करें। आरती के बाद भगवान को प्रणाम करें और परिवार की खुशहाली के लिए प्रार्थना करें। इसके बाद सभी लोगों में प्रसाद बांट दें। इस विधि से पहली बार पूजा करने वाले लोग भी घर पर सही तरीके से लक्ष्मी-गणेश पूजन कर सकते हैं।



दिवाली पर लक्ष्मी पूजा
दिवाली पूजा
दिवाली पूजा

लक्ष्मी पूजा करते समय इन बातों का रखें ध्यान

दिवाली पर पूजा के समय साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। पूजा की चौकी और आसपास की जगह साफ होनी चाहिए। पूजा में ताजे फूल और स्वच्छ सामग्री का इस्तेमाल करें। दीपक ऐसी जगह रखें, जहां से आग लगने का खतरा न हो।



पूजा के दौरान जलते दीपक को बिना निगरानी के न छोड़ें। मां लक्ष्मी को कमल का फूल अर्पित करना विशेष शुभ माना जाता है। अगर कमल का फूल उपलब्ध न हो, तो स्थानीय परंपरा के मुताबिक दूसरे ताजे फूल भी चढ़ाए जा सकते हैं।



दिवाली पर लक्ष्मी-गणेश की पूजा क्यों की जाती है?

दिवाली का त्योहार भगवान श्रीराम के अयोध्या लौटने की खुशी से भी जुड़ा है। धार्मिक मान्यता के मुताबिक, रावण का वध करने के बाद भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण के साथ अयोध्या लौटे थे। उनके स्वागत में नगरवासियों ने दीपक जलाकर खुशियां मनाई थीं।



इसी परंपरा से दिवाली पर दीप जलाने का धार्मिक महत्व जुड़ा है। इस दिन मां लक्ष्मी की पूजा धन और समृद्धि की कामना से, जबकि भगवान गणेश की पूजा बुद्धि, शुभता और विघ्नों को दूर करने की प्रार्थना के साथ की जाती है।



Diwali Puja 2026 पर घर में श्रद्धा के साथ पूजा करना महत्वपूर्ण माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, विधि-विधान से लक्ष्मी-गणेश की पूजा करने से परिवार में सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।



लक्ष्मी-गणेश जी की आरती

श्री गणेश आरती
लक्ष्मी जी की आरती

डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही या सटीक होने का हम कोई दावा नहीं करते हैं। ज्यादा और सही डिटेल्स के लिए, हमेशा उस फील्ड के एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।




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