Diwali Lakshmi Puja 2026: दिवाली पर लक्ष्मी पूजा का कौन सा मुहूर्त है सबसे खास? जानें शुभ मुहूर्त और पूजा से जुड़ी 5 जरूरी बातें

Kaushiki | Nov 06, 2026, 14:23 IST
Diwali 2026: दिवाली पर लक्ष्मी-गणेश पूजा का शुभ मुहूर्त
Diwali 2026 will be celebrated on November 8, with devotees performing traditional Lakshmi and Ganesh Puja, offering flowers, sweets, and prayers for prosperity, wisdom, and happiness.
Diwali Lakshmi Puja Muhurat 2026: दिवाली का त्योहार इस साल 8 नवंबर 2026, रविवार को मनाया जाएगा। इस दिन घरों में माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की विशेष पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यता है कि दिवाली पर लक्ष्मी-गणेश की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है।

इस साल लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5:54 बजे से 7:50 बजे तक बताया गया है। दिवाली पर माता सरस्वती और भगवान कुबेर की पूजा का भी महत्व माना जाता है। आइए जानते हैं दिवाली पर लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त, जरूरी सामग्री, पूजा करने की आसान विधि और मंत्र।



दिवाली 2026 कब है?

हिंदू धर्म में दिवाली का त्योहार कार्तिक मास की अमावस्या तिथि को मनाया जाता है। इस दिन माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करने की परंपरा है। साल 2026 में दीपावली का मुख्य त्योहार 8 नवंबर, रविवार को मनाया जाएगा। इस बार अमावस्या तिथि 8 नवंबर को शुरू होकर 9 नवंबर तक रहेगी।



धार्मिक परंपराओं के मुताबिक, दिवाली पर माता लक्ष्मी की पूजा प्रदोष काल में करना विशेष शुभ माना जाता है। प्रदोष काल सूर्यास्त के आसपास शुरू होने वाला समय होता है। गृहस्थ परिवारों में इस समय लक्ष्मी-गणेश पूजा करने की परंपरा है। इसके अलावा निशीथ काल में भी कुछ विशेष धार्मिक पूजा की जाती है।



दिवाली 2026 पर लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त

लक्ष्मी पूजा के लिए कौन सा समय सबसे शुभ है?

धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, दिवाली पर माता लक्ष्मी की पूजा के लिए प्रदोष काल को विशेष महत्व दिया जाता है। गृहस्थ परिवारों के लिए प्रदोष काल में लक्ष्मी-गणेश पूजन करना शुभ माना जाता है।



पंचांग के मुताबिक इस साल, प्रदोष काल शाम 5:31 बजे से रात 8:09 बजे तक रहेगा। वहीं, लक्ष्मी पूजा का विशेष मुहूर्त शाम 5:54 बजे से 7:50 बजे तक बताया गया है। इस दौरान परिवार के सदस्य एक साथ माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा कर सकते हैं।



निशीथ काल का समय रात 11:39 बजे से 12:31 बजे तक बताया गया है। धार्मिक परंपराओं में निशीथ काल का संबंध काली पूजा और कुछ विशेष साधनाओं से भी माना जाता है। शहरों के मुताबिक सूर्यास्त और पूजा मुहूर्त बदल सकता है।



दिवाली पर लक्ष्मी-गणेश पूजा क्यों की जाती है?

दिवाली पर माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की एक साथ पूजा करने की परंपरा है। माता लक्ष्मी को धन और समृद्धि की देवी माना जाता है। वहीं, भगवान गणेश को बुद्धि और शुभता का देवता कहा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि भगवान गणेश की पूजा करने से शुभ कार्यों में आने वाली बाधाओं को दूर करने की प्रार्थना की जाती है।



वहीं, माता लक्ष्मी की पूजा परिवार की खुशहाली और आर्थिक समृद्धि की कामना से की जाती है। इसलिए दिवाली की शाम कई घरों में लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां स्थापित कर विशेष पूजा की जाती है। इसके साथ माता सरस्वती और भगवान कुबेर का स्मरण भी किया जाता है।



दिवाली पर माता सरस्वती की पूजा का क्या महत्व है?

दिवाली पर केवल माता लक्ष्मी और भगवान गणेश ही नहीं, बल्कि माता सरस्वती की पूजा भी की जाती है। हिंदू धर्म में माता सरस्वती को ज्ञान, विद्या और कला की देवी माना जाता है। धार्मिक मान्यता के मुताबिक, माता लक्ष्मी की पूजा धन-समृद्धि की कामना से की जाती है।



वहीं, माता सरस्वती की पूजा ज्ञान और अच्छी बुद्धि के लिए की जाती है।कुछ परिवारों में दिवाली पर माता लक्ष्मी, भगवान गणेश और माता सरस्वती की एक साथ पूजा करने की परंपरा है। इसलिए दिवाली का त्योहार धन के साथ ज्ञान और अच्छे विचारों के महत्व को भी दर्शाता है।



दिवाली लक्ष्मी पूजा के लिए जरूरी सामग्री

दिवाली पर लक्ष्मी पूजा की विधि

  • पूजा स्थल साफ करके उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा में चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाएं और माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की मूर्ति स्थापित करें।
  • हाथ धोकर पूजा स्थल और सामग्री पर गंगाजल छिड़कें।
  • चौकी पर अक्षत रखकर जल से भरा कलश रखें। उसमें गंगाजल, सुपारी, सिक्का, आम के पत्ते और नारियल रखकर मौली बांधें।
  • लक्ष्मी जी और गणेश जी का स्मरण करते हुए शुद्ध घी का दीपक और धूप/अगरबत्ती जलाएं।
  • गणेश जी को रोली, चंदन, फूल, दूर्वा और मोदक या मिठाई अर्पित कर पूजा शुरू करें।
  • लक्ष्मी जी को रोली, कुमकुम, चंदन, अक्षत, मौली/वस्त्र और विशेष रूप से कमल का फूल (या लाल गुलाब) चढ़ाएं।
  • धन-धान्य के लिए भगवान कुबेर और ज्ञान व बुद्धि के लिए माता सरस्वती का ध्यान कर पूजन करें।
  • णेश जी और लक्ष्मी जी को खील, बताशे, मिठाई, खीर, पंचामृत और मौसमी फल का भोग लगाएं।
  • पूजा स्थल पर सोने-चांदी के सिक्के, रुपए व कौड़ियां रखकर रोली-अक्षत से तिलक करें और समृद्धि की प्रार्थना करें।
  • अंत में गणेश जी और लक्ष्मी जी की आरती उतारें, परिवार की खुशहाली की प्रार्थना करें और पूजा में हुई भूल-चूक के लिए क्षमा मांगें।

दिवाली पर लक्ष्मी-गणेश पूजा के मंत्र

दिवाली पर पूजा के दौरान भगवान गणेश और माता लक्ष्मी के मंत्रों का जाप किया जा सकता है।



भगवान गणेश का मंत्र

ॐ गं गणपतये नमः।



माता लक्ष्मी का मंत्र

ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः।



माता सरस्वती का मंत्र

ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः।



भगवान कुबेर का मंत्र

ॐ कुबेराय नमः।



जो लोग मंत्र नहीं पढ़ सकते, वे अपने शब्दों में भगवान से प्रार्थना कर सकते हैं।



दिवाली पर दीपक कहां जलाएं

दिवाली पर लक्ष्मी पूजा के बाद घर के मुख्य द्वार, आंगन, पूजा स्थल और तुलसी के पास दीपक जलाने की परंपरा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, दीपक जलाना सुख-समृद्धि और सकारात्मकता का प्रतीक है। कुछ परिवार मुख्य दीपक रातभर जलाते हैं। हालांकि, आग से बचाव के लिए सावधानी जरूरी है।



पौराणिक कथा के मुताबिक, देवताओं और असुरों ने समुद्र मंथन किया था। इस दौरान माता लक्ष्मी प्रकट हुई थीं। उन्हें धन और सौभाग्य की देवी माना जाता है। एक अन्य मान्यता के अनुसार, भगवान श्रीराम के 14 वर्ष बाद अयोध्या लौटने की खुशी में दीपक जलाए गए थे।



दिवाली पर लक्ष्मी पूजा का महत्व

दिवाली पर माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा से पहले घर की साफ-सफाई करें। पूजा की सामग्री तैयार रखें और स्थानीय पंचांग के अनुसार शुभ मुहूर्त में पूजा करें। दीपक और कपूर जलाते समय सावधानी बरतें। बच्चों और पालतू जानवरों को जलते दीयों से दूर रखें।



धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, माता लक्ष्मी की पूजा सुख-समृद्धि, भगवान गणेश की पूजा बुद्धि और शुभता के लिए की जाती है। वहीं, माता सरस्वती ज्ञान की देवी मानी जाती हैं। दिवाली का पर्व श्रद्धा, अच्छे व्यवहार और परिवार के साथ खुशियां बांटने का संदेश देता है।



डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही या सटीक होने का हम कोई दावा नहीं करते हैं। ज्यादा और सही डिटेल्स के लिए, हमेशा उस फील्ड के एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।



FAQs:



  1. दिवाली 2026 में लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है?
    दिवाली 2026 में लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5:54 बजे से 7:50 बजे तक है।
  2. दिवाली पर लक्ष्मी पूजा क्यों की जाती है?
    दिवाली पर लक्ष्मी पूजा माता लक्ष्मी की धन और समृद्धि के लिए की जाती है, साथ ही भगवान गणेश की पूजा शुभता और बाधाओं को दूर करने के लिए की जाती है।
  3. दिवाली पर लक्ष्मी पूजा कैसे की जाती है?
    दिवाली पर लक्ष्मी पूजा के लिए पहले पूजा स्थल को साफ किया जाता है, फिर वहां माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की मूर्तियाँ स्थापित कर दीपक, धूप, और भोग समर्पित किया जाता है।
Tags:
  • Diwali 2026
  • Lakshmi Puja Muhurat 2026
  • Diwali Puja Vidhi
  • लक्ष्मी गणेश पूजा
  • Laxmi Ganesh Puja
  • दिवाली पूजा सामग्री
  • Lakshmi Puja Samagri
  • Diwali Puja Timing
  • Saraswati Puja
  • दिवाली शुभ मुहूर्त